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Tuesday, December 8, 2020

नियमों की अनदेखी : नए शिक्षकों को अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में दे दी सीधी तैनाती

नियमों की अनदेखी : नए शिक्षकों को अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में दे दी सीधी तैनाती


नियमों की अनदेखी : हिंदी व अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में तैनाती के हैं अलग नियम


लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों में 31000 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया के बाद अब उनकी तैनाती को लेकर खेल शुरू हो गया है जिले के कई अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में नए शिक्षकों को सीधे तैनाती दी जा रही है जबकि शासन के मानक व नियम के अनुसार अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में सीधे तैनाती करने का कोई प्रावधान नहीं है। शिक्षकों के अनुसार गड़बड़ी जानबूझकर की गई है ताकि बाद में समायोजन की प्रक्रिया में इन शिक्षकों को शामिल किया जा सके।


जिले के परिषदीय विद्यालयों शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत नए शिक्षकों की तैनाती को लेकर एक और खेल सामने आया है। ब्लॉकों के कई अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में सीधे नए शिक्षकों की तैनाती कर दी गई है जबकि अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में नए शिक्षकों की तैनाती करने का नियम नहीं है।आप यह खबर प्राइमरी का मास्टर डॉट इन पर पढ़ रहे हैं।  उनमें पुराने अनुभवी शिक्षकों की तैनाती की जाती है। वह भी खास प्रक्रिया से गुजरने के बाद। 


सरोजिनी नगर ब्लॉक के बेसिक विद्यालय सदरौना के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय परसादी खेड़ा में दो नए शिक्षकों की तैनाती की गई है। यह विद्यालय अग्रेजी माध्यम है। इसी ब्लॉक में बेसिक विद्यालय बिजनौर के अंतर्गत बिजनौर प्रथम में बेसिक विद्यालय बिजनौर के अंतर्गत बिजनौर प्रथम विद्यालय में दो नए शिक्षकों की तैनाती की गई है। यह विद्यालय भी अंग्रेजी माध्यम का है। इसी प्रकार माल ब्लॉक में अंग्रेजी माध्यम के प्राथमिक विद्यालय बसंतपुर में एक नए शिक्षक की तैनाती की गई है। इसी प्रकार अन्य अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में भी नए शिक्षकों को तैनाती दी गई है। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों की माने तो बेसिक शिक्षा कार्यालय से जान बुझकर गड़बड़ी की गई है ताकि बाद में शिक्षकों के समायोजन के नाम पर उनका शोषण किया जा सके।


यह है तैनाती का नियम

सत्र 2017-18 में परिषदीय विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई की योजना शुरू हुई थी। प्रोजेक्ट के तौर पर पहले साल जिले के 2 विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम किया गया था। वर्तमान में 145 विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम में बदला गया है। इन विद्यालयों में शिक्षकों की नई तैनाती नहीं की गई है। जिले में जो पहले से पढ़ा रहे हैं उन्हीं अनुभवी शिक्षकों की ही तैनाती की गई है। इसके लिए पहले आवेदन आमंत्रित किया गया । इन शिक्षकों का टेस्ट और साक्षात्कार के बाद चयन किया गया। फिर इनको प्रशिक्षण देकर अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में तैनाती दी गई है। अब एक नए आदेश के तहत इन शिक्षकों को स्पोकन इंग्लिश का कोर्स भी करना होगा यह मानक और नियम होने के बावजूद शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत नए शिक्षकों को सीधे इन अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में तैनाती दे दी गई है, जो नियम विरुद्ध है।


'शिक्षकों की तैनाती के लिए सारी प्रक्रिया बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा अपनाई गई। यह प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होती है, जो ऑनलाइन सूचनाएं फीड की जाती है. उसी के तैनाती की जाती है। किस अनुसार प्रकार उन्होंने यह प्रक्रिया अपनाई इसकी जानकारी नहीं है।" पीएन सिंह, एडी बेसिक, लखनऊ मंडल


"अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों के लिए कई शिक्षक चयनित हो चुके है। लिखित परीक्षा के पश्चात कार्यरत शिक्षकों का समायोजन किया गया था। मेरिट में आने के वावजूद एकल विद्यालय होने के कारण ऐसे शिक्षको का अभी तक अंग्रेजी विद्यालय में समायोजन बाधित है। जबकि इसमें नव नियुक्त शिक्षकों का पदस्थापन किया गया है जो शासनादेशों के विरुद्ध है।" -विनय कुमार सिंह, प्रान्तीय अध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन


इनका चयन, पर नहीं दी तैनाती

वहीं, दूसरी तरफ कुछ पुराने शिक्षक ऐसे हैं जिनका चयन अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों के लिए हुआ था, लेकिन उनको अभी तक तैनाती नहीं दी गई। मोहनलालगंज ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय काशीपुर के शिक्षक का चयन अंग्रेजी माध्यम के प्राथमिक विद्यालय मऊ में हुआ, लेकिन उनको तैनाती इसलिए नहीं दी गई क्योंकि उनका मूल विद्यालय एकल विद्यालय था और वहां पर वही एकमात्र शिक्षक तैनात थे। इसी प्रकार मलिहाबाद के प्राथमिक विद्यालय गोसवा तेरवा के शिक्षक का चयन होने के बाद भी चिनहट स्थित प्राथमिक विद्यालय रोशनाबाद में तैनाती नहीं दी गई। उनका विद्यालय भी एकल विद्यालय है। इस तरह से कई अन्य शिक्षक भी हैं जो चयन होने के बाद भी हिंदी माध्यमिक विद्यालय में पढ़ा रहे हैं क्योंकि उनके यहां शिक्षकों की कमी है। ऐसे में नए शिक्षकों को एकल विद्यालयों में तैनाती ना देकर सीधे अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में तैनाती देकर गंभीर गड़बड़ियां की गई हैं।

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