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Sunday, May 10, 2026

स्कूल-कॉलेजों से और दूर होगा नशा, अब 100 के बजाय 500 मीटर के दायरे में नहीं बिकेंगे तंबाकू उत्पाद, विद्यालय, पुलिस-प्रशासन और नारकोटिक्स विभाग सख्ती से नियम कराएंगे लागू

स्कूल-कॉलेजों से और दूर होगा नशा, अब 100 के बजाय 500 मीटर के दायरे में नहीं बिकेंगे तंबाकू उत्पाद,  विद्यालय, पुलिस-प्रशासन और नारकोटिक्स विभाग सख्ती से नियम कराएंगे लागू



लखनऊ। युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए प्रदेश के सभी स्कूल-कॉलेजों के 500 मीटर के दायरे को नशा मुक्त क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। विद्यालय, पुलिस-प्रशासन और नारकोटिक्स विभाग मिलकर नियम का सख्ती से पालन कराएंगे। स्कूलों के गेट पर इससे जुड़ा बोर्ड भी लगाया जाएगा। अभी 100 मीटर के दायरे तक यह प्रतिबंध लागू है। इसके अलावा नशा मुक्त विद्यालय पोर्टल भी शुरू किया जाएगा। इसमें नशा मुक्ति से जुड़ी सभी जानकारियां दी जाएंगी।


युवाओं में नशे की लत को कम करने के लिए शिक्षा मंत्रालय की ओर से तीन साल की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। मंत्रालय की ओर से इसे सभी राज्यों को भेजते हुए इसके अनुसार कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। इसमें कहा गया है कि इस सत्र से सभी शिक्षण संस्थानों के 500 मीटर दायरे को नशा मुक्त क्षेत्र घोषित किया जाए। 


माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव की ओर से सभी जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) को विस्तृत कार्ययोजना भेजते हुए कहा गया है कि तंबाकू व नशा मुक्त घोषित करने वाले स्कूलों के लिए एक नशा मुक्त विद्यालय पोर्टल इसी सत्र में शुरू किया जाएगा। इसमें निजी, सरकारी व एडेड सभी विद्यालय शामिल होंगे। पोर्टल के माध्यम से स्कूलों की निगरानी की जाएगी। विद्यालय खुद नियमों के पालन से जुड़ी जानकारियां इसमें देंगे।

प्रदेश में अभी स्कूलों के कूलों के 100 मीटर के दायरे में शराब व तंबाकू की बिक्री पर रोक है। ऐसा करने पर जुर्माने का प्रावधान है। यह प्रतिबंध तंबाकू नियंत्रण कानून के तहत है। माध्यमिक शिक्षा विभाग के अनुसार 100 मीटर के दायरे में एक पीली पट्टी खींचकर इसे प्रभावी बनाया जाता है। साथ ही तंबाकू-मुक्त शिक्षण संस्थान बोर्ड भी लगाना है।


8.5 फीसदी छात्रों को तंबाकू की लत

इस कार्ययोजना में स्कूल शिक्षा मंत्रालय की सचिव की ओर से बताया गया है कि ग्लोबल यूथ टोबैको सर्वे के अनुसार 13 से 15 साल के लगभग 8.5 फीसदी स्कूली छात्र किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन कर रहे हैं। जो उनको नशीले पदार्थों के सेवन की ओर ले जाने का एक माध्यम बनता है।

बच्चों के लिए नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान भी माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने बताया कि नई पीढ़ी को नशे की लत से दूर रखने के लिए जागरूकता और व्यवहार में बदलाव पर केंद्रित पीएम ई-विद्या चैनल के माध्यम से परिचर्चा का आयोजन किया जाएगा। इसमें छात्रों, शिक्षकों व अभिभावकों के मानसिक स्वास्थ्य, खुशहाली और समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। माईगॉव प्लेटफार्म पर छात्रों व अभिभावकों के लिए समय-समय पर जागरुकता अभियान चलाया जाए। विभिन्न दिवसों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

डीआईओएस बनेंगे नोडल अधिकारी: अभियान के लिए डीआईओएस नोडल अधिकारी होंगे। वे विद्यालयों के 500 मीटर के दायरे को नशा मुक्त क्षेत्र घोषित करने के लिए कार्यवाही करेंगे। साथ ही सभी विद्यालयों से कार्ययोजना साझा करते हुए इसे प्रभावी बनाएंगे। समय-समय पर प्रधानाचार्यों के साथ बैठक कर कार्यक्रमों का आयोजन सुनिश्चित करेंगे।

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