DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बाँदा बांदा बागपत बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर लख़नऊ वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Wednesday, June 11, 2025

प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता, सहायक अध्यापक एवं सहायक अध्यापक (सम्बद्ध प्राइमरी प्रभाग) के स्थानान्तरण सत्र 2025-26 हेतु आनलाइन स्थानान्तरण के सम्बन्ध में।

अशासकीय एडेड माध्यमिक विद्यालयों में तबादले हेतु ऑनलाइन आवेदन शुरू

लखनऊ। प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्यों व शिक्षकों के तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन मंगलवार से शुरू हो गए। अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) सुरेंद्र कुमार तिवारी के अनुसार आवेदन 14 जून तक होंगे। प्रबंधन अपनी अनापत्ति देकर आवेदन को 17 जून तक भेजेंगे। डीआईओएस आवेदन का परीक्षण करते हुए 18 जून तक मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक को भेजेंगे। मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक इसे 20 जून तक अपर शिक्षा निदेशक को भेजेंगे। उन्होंने बताया कि किसी प्रकार की लिखित शिकायत होने पर उसका निस्तारण 23 जून तक होगा। एनआईसी इसके अनुसार 27 जून को तबादला आदेश जारी करेगा।


एडेड माध्यमिक विद्यालयों में 20% शिक्षकों के ही होंगे तबादले, ऐसे तय होंगे गुणांक, 27 जून तक पूरी होगी प्रक्रिया


लखनऊ  । 4500 एडेड माध्यमिक स्कूलों में करीब 61 हजार शिक्षक हैं। जारी दिशा-निर्देश के अनुसार प्रवक्ता व सहायक अध्यापक जो अलग-अलग कार्यरत हैं। कुल पदों के सापेक्ष 20 प्रतिशत से अधिक अध्यापकों के आवेदन पत्र स्थानांतरण के लिए अग्रसारित नहीं किए जा सकेंगे। यानी करीब 12 हजार शिक्षकों को स्थानांतरण का लाभ मिलेगा।

आठ आकांक्षी जिलों के शिक्षक बाहर नहीं जाएंगे
 माध्यमिक शिक्षा विभाग ने शनिवार को स्थानांतरण के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए थे। आठों आकांक्षी जिलों सोनभद्र, चंदौली, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, फतेहपुर, चित्रकूट और सिद्धार्थनगर में किसी भी प्रधानाचार्य, अध्यापक को अन्य जनपद में स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। इन जिलों में सिर्फ पारस्परिक स्थानांतरण ही होगा। जिलेवार, विषयवार और आरक्षणवार रिक्तियों का डेटा विभाग की वेबसाइट पर अपलोड हो गया है।

ऐसे तय होंगे गुणांक
ऐसे अध्यापक या प्रधानाध्यापक जिनके पति या पत्नी सेना या अर्ध सैनिक बल में हैं उन्हें 100 अंक मिलेंगे। कैंसर, एड्स आदि गंभीर रोगों से पीड़ित आवेदकों के लिए भी 100 अंक निर्धारित हैं। सरकारी सेवक पति-पत्नी अगर आवेदक हैं तो उन्हें भी 100 अंक दिए जाएंगे। 58 वर्ष की आयु पूरी कर चुके आवेदक को 100 अंक, दिव्यांग होने की स्थिति में 10 से 20 अंक, अगर आश्रित दिव्यांग या गंभीर रोग से ग्रसित है तो 10 अंक, राजकीय पुरस्कार प्राप्त आवेदकों को 10 अंक, विधवा तलाकशुदा आवेदक 10 अंक, महिला आवेदकों को 10 अंक, पहली नियुक्ति के बाद 10 या उससे अधिक सेवा पर प्रतिवर्ष एक अंक दिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 10 अंक होगी। आवेदक जो विषय पढ़ाता हो, अगर उसका परीक्षाफल 80% से ज्यादा हो तो भी 10 अंक मिलेंगे।



एडेड माध्यमिक विद्यालयों में तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन 10 जून से 14 जून तक 

प्रक्रिया पूरी होने के बाद ऑनलाइन ही जारी होगा तबादला आदेश

लखनऊ। प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता, सहायक अध्यापक एवं सहायक अध्यापक (प्राइमरी) के लिए ऑनलाइन आवेदन 10 से 14 जून तक होंगे। इस संबंध में आदेश जारी हो गया है।

माध्यमिक शिक्षा विभाग एनआईसी द्वारा विकसित पोर्टल secaided-transfer.upsdc.gov.in के माध्यम से आवेदन लेगा। अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) सुरेन्द्र कुमार तिवारी ने बताया कि तबादला आवेदन केवल ऑनलाइन ही स्वीकार किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया होने के बाद तबादला आदेश भी ऑनलाइन ही जारी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि शिक्षकों की सुविधा के लिए ई-मेल aidedtransfer.up@gmail.com और हेल्पलाइन नंबर 81810637319140719821, 9369470010 उपलब्ध कराए गए हैं।


58 वर्ष से ऊपर वालों को मिलेगी वरीयता

तबादले से संबंधित वेबसाइट व पोर्टल पर खाली पदों की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं 58 वर्ष से अधिक उम्र वालों को तबादले में वरीयता दी जाएगी। इसके लिए 31 मार्च 2025 तक जिनकी उम्र 58 वर्ष या अधिक हो चुकी है, उन्हें 100 अंक दिए जाएंगे। प्रमुख सचिव ने कहा कि जिन शिक्षकों के ऑफलाइन प्रकरण सात जून तक निदेशालय को प्राप्त हो चुके हैं, उनका भी परीक्षण कर नियमानुसार तबादला आदेश जारी किया जाएगा। इसके लिए विभागीय मंत्री की स्वीकृति आवश्यक होगी। इसी तरह यदि किसी भी तबादले में विवाद होता है, तो उसका समाधान अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) द्वारा विभागीय नियमों के तहत किया जाएगा।


27 जून तक पूरी होगी प्रक्रिया

विभाग की ओर से जारी दिशा निर्देश में तबादले की प्रक्रिया 27 जून तक पूरी करने की बात है। अभी तक इनके तबादले ऑफलाइन होते थे और उसमें आर्थिक शोषण की शिकायत मिलती थी। एक जून को अमर उजाला ने इससे जुड़ी खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद शासन और विभाग में हलचल बढ़ी। फिर ऑनलाइन तबादले का आदेश जारी किया गया। माध्यमिक शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव कृष्ण कुमार गुप्ता के अनुसार, इच्छुक शिक्षक और प्रधानाचार्य जिन जिलों में जाना चाहते हैं, ऐसे पांच विद्यालयों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।



ऑफलाइन-ऑनलाइन माध्यम से होगा शिक्षकों का तबादला, प्रदेश के 4500 से अधिक सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के लिए आदेश जारी


प्रयागराज। प्रदेश के 4500 से अधिक सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों के ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यम से तबादले होंगे। शासन के विशेष सचिव कृष्ण कुमार गुप्ता ने शनिवार को इस संबंध में आदेश जारी किए। शिक्षक एनआईसी की ओर से विकसित पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करेंगे। लेकिन, शासनादेश जारी होने की तिथि यानि सात जून तक स्थानान्तरण के जितने ऑफलाइन प्रकरण शिक्षा निदेशालय में प्राप्त हो चुके हैं, उनके परीक्षण के बाद विभागीय मंत्री का अनुमोदन प्राप्त करते हुए नियमानुसार जारी किया जाएगा। ऑनलाइन स्थानान्तरण की कार्यवाही 27 जून तक पूरी की जाएगी।

प्रतिबंध यह है कि आठ महत्वाकांक्षी जिलों (सोनभद्र, चन्दौली, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, फतेहपुर, चित्रकूट व सिद्धार्थनगर) का कोई शिक्षक दूसरे जिले में स्थानान्तरण के लिए आवेदन नहीं करेगा। पारस्परिक स्थानान्तरण की स्थिति में अन्य जिले में स्थानान्तरण के लिए आवेदन कर सकेगा। जिलेवार, विद्यालयवार, विषयवार और आरक्षणवार रिक्त पदों का विवरण वेबसाइट पर प्रदर्शित किया जाएगा। 

तबादले के लिए प्रधानाचार्य और अध्यापक प्रदर्शित रिक्तियों में से वरीयता क्रम में पांच रिक्त स्थानों का चयन विद्यालयवार कर सकते हैं। अध्यापक ने जिस विषय के पद के प्रति स्थानान्तरण के लिए आवेदन किया है वह पद उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को अधियाचित/विज्ञापित नहीं होना चाहिए। ऐसा होने पर स्थानांतरण आदेश निरस्त कर दिया जाएगा।

 जिस पद के प्रति स्थानान्तरण के लिए आवेदन किया गया है वह पद निर्धारित जनशक्ति के अधीन एवं रिक्त होना चाहिए तथा उस विषय में मानक के अनुसार छात्र संख्या उपलब्ध होनी चाहिए। संस्था प्रधानाचार्य, प्रवक्ता व सहायक अध्यापक के पारस्परिक स्थानान्तरण को वरीयता दी जाएगी। कॉलेज में कार्यरत प्रवक्ता, सहायक अध्यापक एवं सम्बद्ध प्राइमरी अनुभाग में अलग-अलग कार्यरत कुल पदों के सापेक्ष 20 प्रतिशत से अधिक अध्यापकों के आवेदन पत्र स्थानान्तरण के लिए अग्रसारित नहीं किए जा सकेंगे।


इस तरह होगा गुणांक निर्धारित

शिक्षक, प्रधानाचार्य पति या पत्नी के सेना, अर्धसैनिक बलों में तैनात होने पर 100 नंबर दिए जाएंगे। गंभीर रोग से पीड़ित शिक्षक को भी 100 नंबर दिए जाएंगे। दोनों दंपत्ति राजकोष से वेतन पा रहे और अलग-अलग जिलों में कार्यरत हैं तो उन्हें भी तबादले के लिए 100 नंबर दिए जाएंगे। इसके साथ ही कुछ सहायक मानक भी निर्धारित किए गए हैं। इसमें अगर शिक्षक दिव्यांग हैं तो दिव्यांगता प्रतिशत के आधार पर उन्हें 10 से 20 नंबर दिए जाएंगे। राष्ट्रीय या राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को 10 नंबर, विधवा, तलाकशुदा शिक्षिका जिसने दोबारा शादी न की हो 10 नंबर, ऐसे ही विधुर शिक्षक को 10 नंबर, सेवा अनुभव और कॉलेज के परीक्षाफल पर भी 5, 5, नंबर मिलेंगे।


निर्धारित मानक, गुणांक के आधार पर प्रक्रिया

स्थानान्तरण के लिए प्राप्त आवेदन पत्रों में से निर्धारित मानक एवं गुणांक के आधार पर अधिक गुणांक प्राप्त करने वाले प्रधानाचार्यों व अध्यापकों का स्थानान्तरण किया जाएगा। सशस्त्र बलों में कार्यरत कार्मिकों के पति-पत्नी, गंभीर रूप से बीमार, 58 साल पूरे कर चुके और अलग-अलग जिलों में सरकारी सेवा में कार्यरत पति-पत्नी को 100-100 अंक मिलेंगे। अन्य गुणांक तय किए गए हैं।


स्थानान्तरण को मिले रिक्त 20 हजार पदों का विकल्प

प्रयागराज। प्रदेश के 4500 से अधिक सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत संस्था प्रधान और शिक्षकों के ऑनलाइन स्थानांतरण के लिए शनिवार को शासनादेश जारी कर दिए गए। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (ठकुराई गुट) ने मांग की है कि वर्तमान में प्रधाानाचार्य/प्रधानाध्यापक और शिक्षकों के लगभग 20 हजार रिक्त सभी पदों को स्थानांतरण के लिए वेबसाइट पर अपलोड कराया जाए। प्रदेश महामंत्री लालमणि द्विवेदी का कहना है कि किसी भी शिक्षक के ऑनलाइन आवेदन को बीच में न रोका जाए और स्थानांतरण के लिए पात्रता का अंतिम निर्णय निदेशालय स्तर पर ही लिया जाए। एनओसी की बाध्यता को समाप्त किया जाए अथवा प्रबंधकों के स्तर से एनओसी देने में मनमानी के बजाय उसको जारी करने का मापदंड निर्धारित किया जाए।





Tuesday, June 10, 2025

बोर्ड परीक्षा 2025 में विज्ञान व गणित विषय में जनपद में राजकीय माध्यमिक विद्यालय में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाने वाले शिक्षकों से कार्यशाला में प्रतिभाग करने हेतु सहमति उपलब्ध कराने के संबंध में

बोर्ड परीक्षा 2025 में विज्ञान व गणित विषय में जनपद में राजकीय माध्यमिक विद्यालय में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाने वाले शिक्षकों से कार्यशाला में प्रतिभाग करने हेतु सहमति उपलब्ध कराने के संबंध में


बेसिक शिक्षा: म्यूचुअल तबादलों में शिक्षकों के बीच हुआ था लेन-देन, जांच में हुआ खुलासा, एक शिक्षक सस्पेंड, दूसरे मामलों की भी पुलिस कर रही जांच

बेसिक शिक्षा: म्यूचुअल तबादलों में शिक्षकों के बीच हुआ था लेन-देन, जांच में हुआ खुलासा, एक शिक्षक सस्पेंड, दूसरे मामलों की भी पुलिस कर रही जांच


लखनऊ : म्यूचुअल तवादलों में शिक्षकों के वीच लाखों की रकम के लेन-देन का खुलासा हुआ है। रामपुर और सहारनपुर के दो शिक्षकों के बीच लेन-देन की शिकायत जांच में सही पाई गई है। जांच के वाद असर सहारनपुर के शिक्षक को सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस भी इस मामले में कार्रवाई कर रही है। इसके अलावा ट्रांसफर में धोखाधड़ी और लेन-देन के अन्य मामलों की भी जांच चल रही है।


 शिक्षकों के वीच धोखाधड़ी और लेनदेन की खवर आने पर  सहारनपुर, रामपुर और मुजफ्फरनगर सहित कई जिलों में शिक्षकों की शिकायतों का उल्लेख किया गया था। खवर आने के के वाद सहारनपुर की बीएसए कोमल कुमारी ने नकुड़, सहारनपुर और रामपुर के सादात कदीम के वीईओ को जांच सौंपी थी। दोनों अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट वीएसए को सौंप दी है। रिपोर्ट के अनुसार सहारनपुर के शिक्षक अमित राठी और रामपुर के शिक्षक रोकिल किरण के वीच रकम के लेन-देन की वात सही पाई  गई है।


 जांच में यह वात भी सामने आई है कि सहारनपुर के प्राथमिक विद्यालय रायपुर की इंचार्ज शिक्षिका सीमा रानी ने इन दोनों शिक्षकों को आपस में मिलवाया था। रिपोर्ट के आधार पर वीएसए सहारनपुर ने अमित राठी को सस्पेंड कर दिया है। मामले की शिकायत पुलिस को भी की गई है। पुलिस अपने स्तर से जांच कर रही है। वहीं महानिदेशक, स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने भी जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।


BLO : बीएलओ का कार्य कराने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ती, शिक्षामित्र, अनुदेशक या अन्य किसी समूह घ के नीचे के कर्मचारी की तैनाती सीधे नहीं

बीएलओ का कार्य कराने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ती, शिक्षामित्र, अनुदेशक या अन्य किसी समूह घ के नीचे के कर्मचारी की तैनाती सीधे नहीं 


लखनऊ । बीएलओ की तैनाती के लिए ईआरओ यानी इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर की मर्जी नहीं चलेगी। निर्वाचन आयोग के सचिव पवन दीवान की ओर से यूपी समेत सभी राज्यों को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। अब बीएलओ का कार्य कराने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ती, शिक्षा मित्र या अन्य किसी समूह घ के नीचे के कर्मचारी की तैनाती सीधे नहीं की जा सकेगी। 


यह निर्देश मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को सभी जिलों के डीईओ, ईआरओ तक पहुंचाने के बाद 20 जून तक जानकारी चुनाव आयोग को देनी होगी। इस संबंध में 23 मई को नई दिल्ली में हुई बैठक में निर्णय लिया गया। मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के इस सम्मेलन में निर्वाचन आयोग की ओर से निर्देश दिए गए हैं। 


इसमें मतदाता सूची 2023 मैनुअल के निर्देशों में संशोधन किया गया है। इसके अनुसार ईआर ओ मतदाता सूची के प्रत्येक हिस्से के लिए एक बीएलओ तैनात करेगा। बीएलओ राज्य सरकार के ग्रुप सी या उससे ऊपर के नियमित सेवारत कर्मचारियों में से होगा। 


नियमित राज्य या स्थानीय कर्मचारी न होने की स्थिति में ईआरओ आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों अनुबंध शिक्षकों या केन्द्र सरकार के कर्मचारियों में से बीएलओ की नियुक्ति कर सकता है। बावजूद इसके इस मामले में सीईओ को ईआरओ की ओर से हस्ताक्षर किया हुआ एक अनुपलब्धता प्रमाणपत्र देना होगा। ईआरओ के प्रमाणपत्र को जिलाधिकारी यानी डीईओ सत्यापित करते हुए आगे भेजेंगे।


सिर्फ लखनऊ में ही 3387 बीएलओ

सिर्फ लखनऊ में ही 3387 बीएलओ की तैनाती है। बावजूद इसके 1200 से 1500 तक बीएलओ चुनाव में कम पड़ जाते हैं। पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान एडेड स्कूलों के टीचरों की ड्यूटी लगाई गई थी। अब समूह घ से नीचे के कर्मचारियों की तैनाती से पहले चुनाव आयोग से अनुमति लेनी होगी।

Monday, June 9, 2025

माध्यमिक विद्यालयों में जून में भी काम करेंगे आउटसोर्सिंग वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी

माध्यमिक विद्यालयों में जून में भी काम करेंगे आउटसोर्सिंग वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी


प्रयागराज। प्रयागराज मंडल के कौशाम्बी, फतेपुर, प्रतापगढ़ और - प्रयागराज के सभी माध्यमिक - विद्यालयों के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जून में भी कार्य करेंगे। संयुक्त - शिक्षा निदेशक प्रयागराज मंडल ने इस संबंध में सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को सूचना जारी की है। 


संयुक्त शिक्षा निदेशक ने यह आदेश आउटसोर्सिंग एजेंसी के पत्र पर जारी किया है। जिसमें एजेंसी ने पत्र लिखकर अवगत कराया था कि विद्यालयों के प्रधानाचार्य चतुर्थ श्रेणी कर्मियों से काम नहीं ले रहे हैं। जिस पर संयुक्त शिक्षा निदेशक ने पत्र लिखकर कहा कि शासनादेश में जून में चतुर्थ श्रेणी कर्मियों से काम न लेने का कहीं कोई उल्लेख नहीं है, इसलिए कर्मचारियों से काम लिया जा सकता है। 

अस्वीकृत पदों पर नियुक्ति के लिए राज्य जिम्मेदार, कर्मचारी नहीं : हाईकोर्ट, राज्य सरकार की लापरवाही का खामियाजा कर्मचारियों को नहीं भुगतने दिया जा सकता

अस्वीकृत पदों पर नियुक्ति के लिए राज्य जिम्मेदार, कर्मचारी नहीं : हाईकोर्ट, राज्य सरकार की लापरवाही का खामियाजा कर्मचारियों को नहीं भुगतने दिया जा saktaa

एकल पीठ के आदेश को रद्द करते हुए हमीरपुर के शिक्षकों की विशेष अपील की स्वीकार


प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि वैध स्वीकृत पदों पर अस्थायी कर्मचारियों के नियमितीकरण के बाद उन्हें इस आधार पर सेवा से बाहर नहीं किया जा सकता कि उनकी मौलिक नियुक्ति अवैध थी। अस्वीकृत पदों पर नियुक्ति के लिए राज्य जिम्मेदार है कर्मचारी नहीं।


वर्षों तक निरंतर सेवा के बाद उनकी नौकरी पर प्रश्नचिह्न लगाना ठीक नहीं है। इस टिप्पणी संग न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति डॉ. योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश को रद्द करते हुए शिक्षक देवेंद्र सिंह और शिक्षक जुझार सिंह की विशेष अपील स्वीकार कर ली।


हमीरपुर स्थित पीएनवी इंटर कॉलेज चिल्ली (मुस्करा) में जुझार सिंह को वर्ष 1987 1987 और देवेंद्र सिंह को 1989 में अस्थायी तौर पर नियुक्त किया गया था। कुछ वर्षों बाद यह कहते हुए उनकी सेवायें समाप्त कर दी गईं कि जिन पदों पर उन्हें नियुक्त किया गया था, वे स्वीकृत नहीं थे। इसके खिलाफ दोनों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। 


कोर्ट ने अंतरिम आदेश से तत्काल प्रभाव से उनकी बर्खास्तगी पर रोक लगा दी और 2006 में उन्हें स्वीकृत पदों पर समायोजित कर लिया गया। लेकिन वर्ष 2010 में उनकी याचिका को एकल पीठ ने अंतिम रूप से खारिज कर दिया। इस आदेश के खिलाफ उन्होंने विशेष अपील के जरिए खंडपीठ का दरवाजा खटखटाया था।


कोर्ट ने अपील स्वीकार करते हुए कहा कि अपीलकर्ताओं की सेवा को 2006 में वैध रिक्तियों पर समायोजित कर दिया गया था। ऐसे में उनकी नियुक्ति में शुरू में यदि कोई अनियमितता रही भी हो, तो उसे अब गलत नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि राज्य सरकार को कोई आपत्ति थी, तो उसे समय रहते कार्रवाई करनी चाहिए थी।


कर्मचारियों की कोई व्यक्तिगत गलती नहीं

कर्मचारियों की कोई व्यक्तिगत गलती नहीं थी। उन्हें बाद में स्वीकृत पदों पर समायोजित कर दिया गया था। इतने वर्षों की निरंतर सेवा के बाद उनकी नौकरी पर प्रश्नचिह्न लगाना उचित नहीं है। राज्य सरकार की लापरवाही का खामियाजा कर्मचारियों को नहीं भुगतना चाहिए। एक बार नियमित होने के बाद, पिछली तकनीकी खामियों को भुला देना ही न्यायसंगत है। - इलाहाबाद हाईकोर्ट

समाज कल्याण से जुड़े सभी शिक्षण संस्थानों की कराई जाएगी जियो टैगिंग, लोकेशन के सहारे औचक मुआयना करने में नहीं होगी दिक्कत

समाज कल्याण से जुड़े सभी शिक्षण संस्थानों की कराई जाएगी जियो टैगिंग, लोकेशन के सहारे औचक मुआयना करने में नहीं होगी दिक्कत


छात्रवृत्ति पोर्टल पर होगी अपलोड, डाटा में शामिल होगी अपार आईडी

लखनऊ। समाज कल्याण विभाग सभी शिक्षण संस्थानों की जियो टैगिंग कराएगा, ताकि उनकी सही लोकेशन की जानकारी रहे। छात्रवृत्ति और शुल्क भरपाई योजना में इसे अनिवार्य किया जाएगा। साथ ही विद्यार्थियों के डाटा में अपार (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक एकाउंट रजिस्ट्री) आईडी भी शामिल होगी।


प्रदेश सरकार ढाई लाख रुपये तक आय वाले एससी-एसटी परिवारों के विद्यार्थियों और दो लाख रुपये तक आय वाले अन्य वर्गों के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति के साथ शुल्क भरपाई की सुविधा देती है। हर साल 50 लाख से ज्यादा विद्यार्थी इस योजना का लाभ पाते हैं। इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ियों को रोकने के लिए बड़े कदम उठाए जा रहे हैं।

इसी के तहत सभी शिक्षण संस्थानों की जियो टैगिंग कराई जाएगी। छात्रवृत्ति के पोर्टल पर यह पता रहेगा कि लाभ लेने वाले विद्यार्थियों का शिक्षण संस्थान किस अक्षांश व देशांतर पर स्थित है। कभी भी अधिकारी उस लोकेशन के सहारे औचक मुआयना करके यह पता कर सकेंगे कि संस्थान वास्तव में चल भी रहा है या नहीं।

यहां बता दें कि केंद्र सरकार प्रत्येक विद्यार्थी के लिए एक यूनिक नंबर देती है, जिसे अपार आईडी कहा जाता है। छात्रवृत्ति के पोर्टल पर भी इस अपार आईडी का एक कॉलम होगा। हालांकि, चालू वित्त वर्ष में इसे अनिवार्य नहीं किया जाएगा, क्योंकि संस्थानों के रिकॉर्ड और आधार कार्ड में विद्यार्थियों की जन्मतिथि में अंतर है। इसलिए उनकी अपार आईडी बनाने में दिक्कतें आ रही हैं। छात्रवृत्ति पोर्टल पर विद्यार्थी की अपार आईडी रहने से यह पता चल सकेगा कि वो किस योजना में और कहां-कहां लाभ ले रहा है। ये आईडी पूरे देश में मान्य है। 

एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान अंतर्गत माध्यमिक विद्यालयों के छात्रों को जल साक्षर बनाया जाएगा, गंगा की निर्मलता होगी इस अभियान का हिस्सा

एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान अंतर्गत माध्यमिक विद्यालयों के छात्रों को जल साक्षर बनाया जाएगा, गंगा की निर्मलता होगी इस अभियान का हिस्सा


लखनऊ। प्रदेश सरकार शिक्षा में छात्रों को पढ़ाई के साथ राष्ट्र बोध और नैतिक दायित्व से भी जोड़ने का प्रयास कर रही है। माध्यमिक विद्यालयों के लिए जारी एकेडमिक कैलेंडर में एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान के अंतर्गत गंगा नदी की निर्मलता और अविरलता को भी शामिल किया गया है।


इसी क्रम में माध्यमिक विद्यालयों में छात्रों को जल साक्षर बनाया जाएगा। इसमें गंगा की अविरलता व स्वच्छता अभियान से छात्रों को जोड़ने का काम किया जाएगा। इससे छात्रों को जागरूक किया जाएगा। 


विभाग की ओर से एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान के अंतर्गत ऐतिहासिक व भौगोलिक परिदृश्य से छात्रों को परिचित कराने के साथ खेलकूद, सांस्कृतिक व साहित्यिक गतिविधियों से परिचित कराने पर भी बल दिया गया है। इसके साथ ही विद्यालय स्तर पर आयोजनों की रूपरेखा तय करने का निर्देश भी दिया गया है। 


राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय दिवसों, सप्ताहों से संबंधित गतिविधियां अनिवार्य रूप से कराई जाएंगी। इसमें सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता लाने के साथ गंगा की अविरलता एवं स्वच्छता अभियान से भी प्रत्येक विद्यार्थी को जोड़ा जाएगा। छात्र-छात्राओं को किसी नदी या तालाब के पास ले जाकर विद्यार्थियों से लघु रिपोर्ट बनवाई जाएगी। इसी तरह किसी गांव, कस्बे का भ्रमण कराते हुए वहां के जल प्रबंधन और जल संरक्षण बारे में भी छात्रों को जानकारी दी जाएगी

Sunday, June 8, 2025

यूपी में तीन दशक बाद खुलेंगे 10 नए क्षेत्रीय उच्च शिक्षा कार्यालय

यूपी में तीन दशक बाद खुलेंगे 10 नए क्षेत्रीय उच्च शिक्षा कार्यालय
 

प्रदेश में उच्च शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। तकरीबन तीन दशक के लंबे अंतराल के बाद उच्च शिक्षा निदेशालय ने 10 नए क्षेत्रीय कार्यालय खोलने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। इस पहल से 171 राजकीय महाविद्यालयों और 331 अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों को सहूलियत होगी और अपने काम के लिए दूर जिले के चक्कर नहीं लगाने होंगे।


वर्तमान में केवल आठ मंडल मुख्यालयों वाले जिलों लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर, झांसी, आगरा, मेरठ और बरेली में क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी कार्यालय संचालित हैं। प्रयागराज समेत शेष 10 मंडल मुख्यालयों वाले जिलों में उच्च शिक्षा अधिकारियों की तैनाती नहीं होने के कारण वहां के मामले भी पूर्व से संचालित आठ कार्यालयों को देखने पड़ते हैं। इसके चलते इन महाविद्यालयों के शिक्षकों-कर्मचारियों को प्रशासनिक सहायता के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। 


नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमित भारद्वाज का कहना है कि पूर्व में भेजे गए प्रस्ताव में कुछ त्रुटि थी, जिसका समाधान करते हुए संशोधित प्रस्ताव भेजा गया है। जल्द मंजूरी की उम्मीद है। इन दस क्षेत्रीय कार्यालयों में नए पद सृजन की भी प्रक्रिया चल रही है।


लंबे समय से चल रही कवायद
सभी मंडल वाले मुख्यालयों में वाले जिलों में उच्च शिक्षा अधिकारी कार्यालय खोलने की कवायद काफी समय से चल रही है। 13 मार्च 2023 को उच्च शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में उच्च शिक्षा निदेशक को इसका प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए थे।

UGC two degrees simultaneously guidelines : एक साथ दो डिग्री कोर्सेज को लेकर यूजीसी की संशोधित गाइडलाइन जारी , वैध होंगी पहले से हासिल एक साथ दो डिग्रियां, नियम बदले

UGC two degrees simultaneously guidelines : एक साथ दो डिग्री कोर्सेज को लेकर यूजीसी की संशोधित गाइडलाइन जारी , वैध होंगी पहले से हासिल एक साथ दो डिग्रियां, नियम बदले


UGC : यूजीसी ने दी राहत, वैध होंगी पहले से हासिल एक साथ दो डिग्रियां, नियम बदले एक साथ दो डिग्री कोर्सेज को लेकर यूजीसी ने नई संशोधित गाइडलाइन जारी की है। यूजीसी के आदेश से पहले एक साथ ली गई दो डिग्री भी मान्य होगी।


देशभर के विश्वविद्यालयों से छात्रों द्वारा एक ही समय में अब तक हासिल की जा चुकी दो डिग्रियों की वैधता कायम रहेगी। यूजीसी ने अप्रैल 2022 में जारी गाइडलाइन में दर्ज पूर्व के वर्षों में एक साथ दो शैक्षणिक प्रोग्राम के दावे पर रोक के प्रावधान को हटा दिया है। नए नियमों में नोटिफिकेशन जारी होने से पहले यूजीसी के मानकों से छात्रों द्वारा एक साथ हासिल दो डिग्रियां मान्य होंगी। यूजीसी के इस फैसले से एकसाथ दो डिग्री कर चुके लाखों छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी। यूजीसी ने पांच जून की देर रात संशोधित निर्देश वेबसाइट पर जारी कर दिए।


यूजीसी ने 13 अप्रैल 2022 को एकसाथ दो शैक्षिक प्रोग्राम करने के लिए गाइडलाइन जारी की थी। इसमें छात्रों के लिए दो डिग्री एक साथ करने की कुछ शर्तें थी। इसके बिंदु संख्या पांच में यूजीसी की बाध्यता थी कि नोटिफिकेशन जारी होने की तिथि से पहले का कोई भी छात्र इन लाभ के लिए दावा नहीं कर सकेगा। यानी जो छात्र 13 अप्रैल 2022 से पहले एक साथ दो डिग्रियां ले चुके थे वे इसके दायरे से बाहर हो गए थे।


यह है गाइडलाइन 
कोई भी छात्र एक साथ फिजिकल मोड में दो पूर्णकालिक पाठ्यक्रम में प्रवेश ले सकता है, लेकिन दोनों की कक्षाओं का समय समान नहीं हों। छात्र किसी एक प्रोग्राम को फिजिकल मोड जबकि दूसर को ओडीएल या ऑनलाइन मोड अथवा दोनों को ओडीएल या ऑनलाइन मोड में कर सकता है।


अब किया संशोधन, वेबसाइट पर किया सार्वजनिक
यूजीसी ने इसी वर्ष तीन अप्रैल को हुई बैठक में उक्त नियम में संशोधन कर दिया। पांच जून को वेबसाइट पर इसे सार्वजनिक किया गया। यूजीसी ने संशोधन में पूर्व के वर्षों में लाभ लेने पर रोक की बाध्यता को हटा दिया है। नए नियमों के अनुसार गाइडलाइन जारी होने से पहले निर्धारित मानदंडों का पालन करते हुए एक साथ किए गए दो शैक्षणिक कार्यक्रम वैध माने जाएंगे। बशर्ते वह यूजीसी प्रथम डिग्री और मास्टर डिग्री विनियम, संबंधित विवि या विवि के क़ानून या अध्यादेशों के अनुसार और वैधानिक व्यावसायिक परिषद, यूजीसी की दूरस्थ शिक्षा परिषद या दूरस्थ शिक्षा ब्यूरो से अनुमोदित हों।

वर्ष 2025 में हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किये जाने के सम्बन्ध में

यूपी बोर्ड में जिले के मेधावी भी होंगे सम्मानित, राज्य स्तर पर सीएम योगी करेंगे टॉपर्स का सम्मान

यूपी बोर्ड की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले की टॉप टेन सूची में जगह बनाने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने हाईस्कूल और इंटर के मेधावी छात्र-छात्राओं की सूची तैयार कर रहा है।

शासन से निर्देश आते ही टैबलेट और नकद धनराशि देकर विद्यार्थियों का मान बढ़ाया जाएगा। बोर्ड परीक्षा परिणाम में जिलों में सर्वाधिक अंक पाने वाले छात्र छात्राओं की टॉप टेन सूची तैयार की गई है। 10वीं और 12वीं के टॉपर विद्यार्थियों को अच्छे अंक हासिल करने पर जिले पर प्रोत्साहन राशि और टैबलेट देने के निर्देश दिए गए थे।

माध्यमिक शिक्षा विभाग को शासन से टैबलेट प्राप्त हो गए हैं। इसके बाद टॉपरों का डाटा, खाता नंबर, परीक्षा में प्राप्त अंक और प्रतिशत को मिलाकर सूचीबद्ध किया गया है। मेधावियों को टैबलेट, 21 हजार रुपये, प्रशस्तिपत्र और प्रतीकात्मक चेक देकर सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर सारी तैयारियों को पूरा कर लिया गया है। संभावना है कि लखनऊ में जब सीएम होनहारों को सम्मानित करेंगे, उसी दिन जिला स्तर पर भी कार्यक्रम किए जाएंगे।



बोर्ड परीक्षाओं में यूपी के 166 टॉपर्स को एक-एक लाख और टैबलेट देकर सम्मानित करेंगे सीएम योगी, जिलों में भी होगा सम्मान

● बोर्ड परीक्षाओं में यूपी के टॉपरों को सम्मानित करेंगे मुख्यमंत्री 
● जिले में टॉप टेन में स्थान बनाने वालों को 21-21 हजार इनाम


प्रयागराज । विभिन्न बोर्डों से 10वीं और 12वीं की परीक्षा में उत्तर प्रदेश की टॉप टेन सूची में अपना स्थान बनाने वाले 166 होनहारों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों एक-एक लाख रुपये, टैबलेट, प्रशस्ति पत्र और मेडल मिलेगा। इसी के साथ यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में जिला स्तर पर प्रथम दस स्थान वाले क्रमश: 813 और 780 समेत कुल 1593 मेधावियों को जनपद स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करते हुए 21-21 हजार रुपये, टैबलेट, प्रशस्ति पत्र और मेडल प्रदान किया जाएगा। इस प्रकार जिले से लेकर राज्य स्तर पर कुल 1,759 मेधावियों को सम्मानित किया जाएगा।

सम्मान समारोह की तैयारियां शुरू हो गई हैं और माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेन्द्र देव ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देशित किया है कि राज्य और जिला स्तर पर सम्मानित होने वाले मेधावियों का बैंक खाता विवरण प्राप्त कर लें ताकि कार्यक्रम तिथि को संबंधित छात्र के खाते में प्रोत्साहन राशि ट्रांसफर की जा सके। साथ ही यदि किसी मेधावी विद्यार्थी के नाम, माता-पिता का नाम व अन्य किसी विवरण में कोई त्रुटि हो तो उसका निराकरण कराकर सूचित करने को कहा गया है ताकि डाटा संशोधित कराया जा सके।

लोक भवन में प्रस्तावित राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में मेधावी विद्यार्थी के साथ माता या पिता केवल एक अभिभावक ही सम्मिलित हो सकते हैं। समारोह की तारीख बाद में घोषित की जाएगी। डीआईओएस पीएन सिंह का कहना है कि समारोह की तैयारियां शुरू हो गई है।



वर्ष 2025 में हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किये जाने के सम्बन्ध में

क्षमता के अनुरूप सही विषय का चयन कर सकेंगे यूपी बोर्ड के छात्र, कक्षा-9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए अभिक्षमता परीक्षण टेस्ट की होगी व्यवस्था

क्षमता के अनुरूप सही विषय का चयन कर सकेंगे यूपी बोर्ड के छात्र, कक्षा-9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए अभिक्षमता परीक्षण टेस्ट की होगी व्यवस्था

मनोविज्ञानशाला ने शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद को भेजा प्रस्ताव


प्रयागराज। उत्तर प्रदेश बोर्ड से पढ़ाई करने वाले कक्षा नौ से 12वीं तक के विद्यार्थी अपनी क्षमता और रुचियों के अनुरूप विषयों का चयन कर सकेंगे। इसके लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद को प्रस्ताव भेजा गया है, जिसमें सभी बोर्ड विद्यार्थियों के लिए अभिक्षमता परीक्षण की व्यवस्था किए जाने की सिफारिश की गई है।

प्रस्ताव को मनोविज्ञानशाला की ओर से भेजा गया है। मनोविज्ञानशाला के विशेषज्ञों का मानना है कि कई छात्र विषय चयन के समय भ्रमित रहते हैं और सामाजिक दबाव या जानकारी की कमी के चलते ऐसे विषय ले लेते हैं जो उनकी मानसिक क्षमता या रुचि के अनुकूल नहीं होते।


जब तक यह प्रस्ताव नहीं मान लिया जाता है, तब तक कोई भी विद्यार्थी अपनी अभिक्षमता के - परीक्षण के लिए मनोविज्ञानशाला जाकर निशुल्क परीक्षा दे सकता है। परीक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों की रुचि, तर्कशक्ति, विश्लेषण क्षमता और रचनात्मकता का आकलन किया जाएगा, इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि वे कला, वाणिज्य, विज्ञान या किसी अन्य क्षेत्र के लिए अधिक उपयुक्त हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह योजना लागू होती है तो यह न केवल छात्रों के शैक्षणिक प्रदर्शन को बेहतर बनाएगी, बल्कि मानसिक तनाव को भी कम करेगी। साथ ही, इससे छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे अपने लक्ष्य को स्पष्ट रूप से तय कर सकेंगे।

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद प्रस्ताव पर विचार कर रही है और यदि इसे स्वीकृति मिलती है तो आने वाले शैक्षणिक सत्र से इसे चरणबद्ध रूप से लागू किया जा सकता है। यह टेस्ट इलाहाबाद विश्वविद्यालय की पूर्व प्रोफेसर दीपा पुनेठा व इलाहाबाद डिग्री कॉलेज के प्राचार्य अतुल कुमार सिंह के सहयोग और मनोविज्ञानशाला की निदेशक ऊषा चंद्रा के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है।


प्रदेश स्तर पर माध्यमिक विद्यालयों के 2250 विद्यार्थियों ने दिया टेस्ट

इस अभिक्षमता परीक्षण टेस्ट के लिए प्रदेश स्तर पर शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के माध्यमिक स्तर के विद्यालयों में अध्ययनरत 2250 विद्यार्थियों का चयन किया गया। टेस्ट की सफलता के बाद इसको लागू करने का प्रस्ताव भेजा गया है।


एनसीईआरटी और सीबीएसई ने मिलकर बनाया है टेस्ट

सीबीएसई और एनसीईआरटी ने मिलकर कक्षा नौ और 10 के छात्रों के लिए 'तमन्ना' नाम का योग्यता परीक्षण टेस्ट बनाया है। यह परीक्षण छात्रों को अपनी क्षमताओं और योग्यताओं का पता लगाने और उचित कॅरिअर विकल्प चुनने में मदद करता है।


विद्यार्थी कॅरिअर से संबंधित निर्णय सुगमतापूर्वक ले सकें, साथ ही शिक्षा से संबंधित विभिन्न हितकारक भी इसके लिए सुझाव प्रदान कर सकें। इन्हीं उद्देश्यों की पूर्ति के लिए मनोविज्ञान एवं निर्देशन विभाग मनोविज्ञानशाला प्रयागराज द्वारा परिषदीय और माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए अभिक्षमता परीक्षण टेस्ट की संरचना की गई है। ऊषा चंद्रा, निदेशक, मनोविज्ञानशाला, प्रयागराज

Saturday, June 7, 2025

12वीं पास मेधावियों को मिलेगी 80 हजार रुपए की छात्रवृत्ति ऑनलाइन होगी आवेदन की प्रक्रिया, 15 जून से शुरू होने की उम्मीद

12वीं पास मेधावियों को मिलेगी 80 हजार रुपए की छात्रवृत्ति ऑनलाइन होगी आवेदन की प्रक्रिया, 15 जून से शुरू होने की उम्मीद


लखनऊ। यूपी बोर्ड और सीबीएसई के विज्ञान वर्ग के मेधावियों को इंस्पायर स्कॉलरशिप योजना में 80 हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी जाएगी। इसके लिए उन्हें परीक्षा पास करनी होगी। योजना का लाभ देने के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 15 जून से 15 सितंबर के बीच शुरू होने की उम्मीद है।


विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा विज्ञान वर्ग के बच्चों को अनुसंधान और नवाचार करने के लिए किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो, इसको लेकर इंस्पायर स्कॉलरशिप योजना की शुरुआत की गई थी। योजना के तहत उच्च शिक्षा तक अगर कोई भी छात्र नवाचार जारी रखता है तो उसे करीब 80 हजार रुपये छात्रवृत्ति मिलती है। साथ ही जैसे-जैसे शिक्षा का स्तर बढ़ेगा, छात्रवृत्ति भी बढ़ती जाती है। बता दें कि इस योजना में सभी बोर्डों के छात्र-छात्राएं शामिल हो सकते हैं।


योजना में शामिल होने के लिए आवेदन ऑनलाइन रूप में करने होंगे। इसके लिए विद्यालयों में आइडिया बॉक्स बनाए जाएंगे। जिसमें बच्चे अपने नवीन तकनीकी विचारों को डाल सकेंगे। शिक्षकों द्वारा मौलिक विचार विकसित करने के लिए मार्गदर्शन भी किया जाएगा।


इस योजना का लाभ पाने के लिए इंस्पायर की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होगा। इंस्पायर स्कॉलरशिप योजना से इंजीनियर, मेडिकल, पीजी और रिसर्च करने वाले छात्रों को मौका दिया जाता है। विद्यालयों से पांच सर्वश्रेष्ठ विचारों को शामिल करना होगा। बच्चों के विज्ञान मॉडल चयनित होने के तुरंत बाद डीबीटी के माध्यम से सीधे छात्र-छात्राओं के खातों में छात्रवृत्ति की धनराशि प्रदान की जाती है। बच्चों को www.inspireawards-dst.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

विश्व पर्यावरण दिवस (05 जून) के अवसर पर समस्त माध्यमिक विद्यालयों में "एक पेड़ माँ के नाम 2.0" वृक्षा रोपण अभियान के सम्बन्ध में

विद्यार्थियों के नाम पर होंगे पौधों के नाम, जुलाई में माध्यमिक विद्यालयों में लगाए जाएंगे पौधे

प्रदेश के सभी माध्यमिक विद्यालयों में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत जुलाई में पौधरोपण किया जाएगा। विद्यालय परिसर में बरगद, पीपल, पाकड़ समेत छाया और फलदार पौधे लगाए जाएंगे।  प्रत्येक पौधे का नाम विद्यार्थियों के नाम पर रखा जाएगा। साथ ही विद्यार्थी खुद के लगाए गए पौधे की देखभाल कर उन्हें बड़ा करेंगे।  


विश्व पर्यावरण दिवस (05 जून) के अवसर पर समस्त माध्यमिक विद्यालयों में "एक पेड़ माँ के नाम 2.0" वृक्षा रोपण अभियान के सम्बन्ध में 





क्यूआर कोड से विद्यार्थी करेंगे पेड़-पौधों की पहचान,  जुलाई में होगा माध्यमिक विद्यालयों में ईको क्लब का गठन


सूबे के माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को न विद्यालय में ही क्यूआर कोड के माध्यम से वनस्पतियों की जानकारी मिल जाएगी। इसके लिए विद्यालय 1 स्तर पर जुलाई तक ईको क्लब गठित किया जाएगा। इससे विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों को काफी सहूलियत होगी।

यूपी बोर्ड से संचालित माध्यमिक विद्यालयों में पर्यावरण संरक्षण और उसके स्थायी विकास के लिए छात्र-छात्राओं को ईको क्लब के माध्यम से जागरूक किया जाएगा। बच्चों को पौधे लगाना, स्वच्छता अभियान, प्राकृतिक संरक्षण और बागवानी के प्रति जोड़ा जाएगा।






Friday, June 6, 2025

पूरे देश में चलाया 'एक पौधा OPS' के नाम अभियान, शिक्षक-कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन के नाम रोपा पौधा

पूरे देश में चलाया 'एक पौधा OPS' के नाम अभियान, शिक्षक-कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन के नाम रोपा पौधा


लखनऊ। नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) के राष्ट्रीय आह्वान पर विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर देश के शिक्षक-कर्मचारियों ने "एक पौधा ओपीएस के नाम" अभियान चलाया। बृहस्पतिवार को इसके तहत सभी ने एक-एक पौधे रोपे।


एनएमओपीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष व अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने बताया कि आज पूरे देश में पुरानी पेंशन बहाली के लिए पौधरोपण किया गया। जो भी पौधे लगाए गए हैं, उन्हें पेंशन वृक्ष का नाम दिया गया है। इसमें सभी विभागों से शिक्षक-कर्मचारियों अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पौधे हमारे जीवन के लिए अति महत्वपूर्ण हैं, उसी तरह पुरानी पेंशन भी हमारे परिवार की सामाजिक सुरक्षा के लिए अति महत्वपूर्ण है।

इस अभियान के माध्यम से सभी पेंशन विहीन कर्मचारी सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं। ताकि जल्द से जल्द पुरानी पेंशन बहाल हो सके। इसके साथ ही उन्होंने अर्द्धसैनिक बलों की पुरानी पेंशन तत्काल बहाल करने मांग की है।

पौधरोपण में अटेवा के प्रदेश महामंत्री नीरज पति त्रिपाठी, डॉ. राजेश कुमार, अशोक कुमार, रामेंद्र श्रीवास्तव, सुनील कुमार वर्मा आदि ने पौधरापेण किया।

Thursday, June 5, 2025

EkPedMaakeNaam 2.0 Plantation : एक पेड़ मां के नाम 2.0 अभियान से जुड़ेंगे सभी विद्यालय, हर विद्यालय को 70 पौधे लगाने का मिला लक्ष्य, अभियान पांच जून से 30 सितंबर तक चलेगा

EkPedMaakeNaam 2.0 Plantation  : एक पेड़ मां के नाम 2.0 अभियान से जुड़ेंगे सभी विद्यालय, हर विद्यालय को 70 पौधे लगाने का मिला लक्ष्य, अभियान पांच जून से 30 सितंबर तक चलेगा


🔴 देखें जारी आदेश क्लिक करके 




राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा द्वारा जिलों के सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को भेजे गए निर्देशों में कहा गया है कि इस अभियान को मिशन लाइफ के तहत संचालित किया जाएगा। स्कूलों में ईको क्लब की मदद से इसे लागू किया जाएगा जिससे बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों और स्थानीय समुदाय की भागीदारी की जाएगी।


लखनऊ : विश्व पर्यावरण दिवस ( पांच जून ) के अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ नामक विशेष अभियान की शुरुआत की जा रही है। यह अभियान प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई उस पहल का दूसरा चरण है, जिसके अंतर्गत हर नागरिक को अपनी मां या धरती मां के नाम पर एक पौधा लगाने के लिए प्रेरित किया जाता है। इस वर्ष यह अभियान पांच जून से 30 सितंबर तक चलेगा। 


राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा द्वारा जिलों के सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को भेजे गए निर्देशों में कहा गया है कि इस अभियान को मिशन लाइफ के तहत संचालित किया जाएगा। स्कूलों में ईको क्लब की मदद से इसे लागू किया जाएगा, जिससे बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों और स्थानीय समुदाय की भागीदारी की जाएगी।


हर विद्यालय को कम से कम 70 पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है। पौधारोपण के लिए स्कूल परिसर, स्कूल के आसपास की खाली भूमि, ग्राम पंचायतों द्वारा चिह्नित स्थान, जल स्रोतों के आसपास, सार्वजनिक स्थल, पार्क, स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत क्षेत्र, नगर वन, ग्रीन बेल्ट, और सड़क किनारे की भूमि जैसे स्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी।


अभियान में बच्चों को उनके दादा-दादी या नानी-दादी के साथ बुलाकर सामूहिक पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अभियान में वन विभाग, उद्यान विभाग, शहरी निकाय और पंचायत राज विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही नर्सरियों से निश्शुल्क पौधे प्राप्त किए जा सकेंगे।

Wednesday, June 4, 2025

कैबिनेट बैठक में तीन नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना हेतु प्रस्ताव मंजूर

कैबिनेट बैठक में तीन नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना हेतु प्रस्ताव मंजूर


लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को सम्पन्न राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में उत्तर प्रदेश में तीन नये निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना हेतु प्रस्तावों को स्वीकृति दे दी गई। उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि प्रदेश में उच्च शिक्षा की पहुंच बढ़ाने तथा गुणवत्तापरक शिक्षा व्यवस्था को प्रोत्साहित करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।

बैठक में भक्ति वेदान्त विश्वविद्यालय, मथुरा, अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय, गाजियाबाद तथा महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय, अयोध्या की स्थापना के प्रस्तावों को कैबिनेट द्वारा अनुमोदित किया गया है। 


इंटरनेशनल सोसाइटी फार कृष्णा कांशियसनेंश (इस्कान) द्वारा मथुरा जनपद के ग्राम अझईखुर्द, तहसील छाता में 50.8870 एकड़ भूमि पर इस विश्वविद्यालय की स्थापना प्रस्तावित है। उच्च स्तरीय समिति द्वारा 29 अक्टूबर 2024 को आशय पत्र निर्गत किये जाने की संस्तुति दी गई थी, जिसके क्रम में अब कैबिनेट ने इसकी स्थापना के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है।


इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग सोसाइटी द्वारा गाजियाबाद जनपद के ग्राम डासना में 26.2656 एकड़ भूमि पर इस विश्वविद्यालय की स्थापना प्रस्तावित है। उच्च स्तरीय समिति ने 10 नवम्बर 2023 को इस प्रस्ताव को आशय पत्र के लिए उपयुक्त पाया था, जिसे अब कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है।


प्रायोजक संस्था महर्षि रामायण विद्यापीठ ट्रस्ट, दिल्ली द्वारा अयोध्या नगर क्षेत्र में 20.2569 एकड़ भूमि पर इस विश्वविद्यालय की स्थापना प्रस्तावित है। इस प्रस्ताव के क्रम में पूर्व में 18 मई 2023 को आशय पत्र निर्गत किया जा चुका है। अब विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश, 2025 लाकर विश्वविद्यालय का नाम अधिनियम की अनुसूची में शामिल किया जाएगा। 


च्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019’’ तथा उससे संबंधित नियमावली-2021 के तहत निर्धारित प्रक्रियाओं का पूर्णतः अनुपालन करते हुए यह निर्णय लिये गये हैं। इन विश्वविद्यालयों के माध्यम से प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विविधता, नवाचार और वैश्विक स्तर की शैक्षणिक सुविधाएं विकसित होंगी।

वर्ष 2025-26 में इन्स्पायर अवार्ड मानक योजनार्न्तगत छात्र/छात्राओं के ऑनलाइन नामांकन के संबंध में

इंस्पायर अवार्ड योजना में छह से 12 वीं के बच्चे पात्र


लखनऊ । अब इंस्पायर अवार्ड मानक योजना में कक्षा 11 और 12 के विद्यार्थियों को नवाचारी वैज्ञानिक विचारों के नामांकन का मौका मिलेगा। इससे अधिक से अधिक छात्र छात्राएं नामांकन करेंगे। अभी तक इस योजना के लिये कक्षा छह से 10 के बच्चे ही पात्र थे। केन्द्र सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान ने यह कदम उठाया गया है। यूपी बोर्ड, सीबीएसई और सीआईएससीई बोर्ड के कक्षा छह से 12 वीं तक के बच्चे इस योजना के लिये पात्र होंगे।


वर्ष 2025-26 में इन्स्पायर अवार्ड मानक योजनार्न्तगत छात्र/छात्राओं के ऑनलाइन नामांकन के संबंध में







इन्स्पायर अवार्ड मानक योजनान्तर्गत वर्ष 2025-26 में सर्वोत्तम नवीन तकनीकी/नवाचारों को नामित किये जाने के सम्बन्ध में दिशा-निर्देश
 


Tuesday, June 3, 2025

स्कूलों में बिना अनुमति प्रवेश पर रोक, बीएसए ललितपुर का आदेश

स्कूलों में बिना अनुमति प्रवेश पर रोक, बीएसए ललितपुर का आदेश 


ललितपुर।  जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बड़ा कदम उठाते हुए पत्रकारों के स्कूलों में बिना अनुमति प्रवेश पर रोक लगा दी है। अब कोई भी मीडियाकर्मी सीधे स्कूल में घुसकर न वीडियो बना सकेगा, न तस्वीरें खींच सकेगा, और न ही अचानक पहुँचकर ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ कर पाएगा।

शिक्षा अधिकारी रणवीर सिंह के ताज़ा आदेश में कहा गया है कि कुछ पत्रकार बिना सूचना स्कूलों में पहुंचते हैं, स्टाफ पर दबाव बनाते हैं और माहौल बिगाड़ते हैं। इससे पढ़ाई में खलल पड़ता है और बच्चों का ध्यान भी बंटता है।

अब साफ निर्देश है—बिना पहचान और पूर्व अनुमति के कोई भी पत्रकार स्कूल परिसर में नहीं घुसेगा। पहले भी ऐसा आदेश आ चुका था, लेकिन अब दोबारा और सख्ती से लागू किया गया है।

आम भाषा में कहें तो, अब “हम मीडिया से हैं” बोलकर स्कूलों में घुसने का पास खत्म। जो भी पत्रकार स्कूल में रिपोर्टिंग करना चाहते हैं, उन्हें पहले जिला स्तर से अनुमति लेनी होगी—वरना गेट पर ही रोक दिया जाएगा।


बीएसए ललितपुर कार्यालय का आदेश देखें…

Monday, June 2, 2025

खरीदारी में नियमों के उल्लंघन पर कौशांबी के बीएसए पर 89 लाख की गड़बड़ी का आरोप, शासन के निर्देश पर महानिदेशक ने डीएम से मांगी जांच रिपोर्ट

ब्लैक लिस्टेड फर्म से लिए गए थे पुराने कंप्यूटर, प्रकरण में जांच शुरू होते ही बीएसए कौशाम्बी कार्यालय में मचा हड़कंप

89 लाख से अधिक की खरीदारी में अनियमितता के आरोप का मामला


मंझनपुर। बीएसए पर विभिन्न मदों में 89 लाख रुपये से अधिक की खरीदारी में अनियमितता के आरोप की जांच शुरू होते ही विभाग में खलबली मच गई है। इसी बीच एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है, बीएसए कार्यालय के लिए खरीदे गए कंप्यूटर ब्लैक लिस्टेड फर्म से लिए गए थे। ये मामला बीएसए के गले की फांस बन सकता है।

वर्ष 2023-24 में बीएसए कार्यालय की ओर से लगभग 89 लाख रुपये से अधिक रुपये की खरीदारी की गई थी। 22 प्रकार की खरीदारी हुई थी। खरीदारी में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरने का आरोप लगा है। 

चायल के मनौरी निवासी धर्मेंद्र कुमार पुत्र रामकैलाश ने मुख्यमंत्री कार्यालय को हलफनामा भेजकर शिकायत की थी। इसके बाद महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने डीएम से पूरे मामले की जांच रिपोर्ट मांगी है। 


खरीदारी में एक तथ्य सबसे ज्यादा चौंकाने वाला है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बीएसए कार्यालय के लिए पुराने कम्प्यूटर की खरीदारी की गई। बीएसए कार्यालय से पहले इन कम्प्यूटरों की सप्लाई जिला अस्पताल में होनी थी, लेकिन जिला अस्पताल की कमेटी ने कम्प्यूटरों की जांच रिपोर्ट एनआईसी से मांगी थी। एनआईसी की जांच में कम्प्यूटर खरे नहीं उतरे थे। इसके बाद फर्म को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया था। इसके बावजूद बीएसए ने इन पुराने कम्प्यूटरों की महंगे दामों पर खरीद करवाई। वह भी डीएम से बिना अनुमति के। कम्प्यूटर के अलावा स्कैनर, आलमारी की खरीदारी में भी अनियमितता का आरोप है। इतना ही नहीं भवन की मरम्मत में भी धांधली का इल्जाम शिकायत कर्ता ने लगाया है।


एडीएम, ट्रेजरी ऑफिसर को मिली है जांच

बीएसए कार्यालय द्वारा की गई खरीदारी के मामले में जांच रिपोर्ट मांगे जाने के बाद से डीएम की निगाह तिरछी हो गई है। डीएम मधुसूदन हुल्गी ने शनिवार को मामले की जांच की जिम्मेदारी एडीएम और ट्रेजरी आफिसर को सौंपी है। दोनों अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वह जल्द से जल्द जांच रिपोर्ट दें।


बीएसए कार्यालय का बर्खास्त डीसी है धर्मेंद्र

बीएसए कमलेंद्र कुशवाहा ने बताया कि शिकायतकर्ता धर्मेंद्र कुमार विभाग का जिला समन्वयक एमडीएम रह चुका है। शासन व विभाग के विपरीत कार्य करने के आरोप में धर्मेंद्र कुमार को बर्खास्त किया जा चुका है। यही कारण है कि वह मेरी छवि धूमिल करने के लिए मनगढ़ंत आरोप लगा रहा है। जल्द ही पूर्व डीसी के खिलाफ वह कार्रवाई कराएंगे।




खरीदारी में नियमों के उल्लंघन पर कौशांबी के बीएसए पर 89 लाख की गड़बड़ी का आरोप, शासन के निर्देश पर महानिदेशक ने डीएम से मांगी जांच रिपोर्ट


कौशांबी में बेसिक शिक्षा विभाग कार्यालय में 89 लाख रुपये से अधिक की खरीदारी में बड़े पैमाने पर अनियमितता का मामला उजागर हुआ है। मोहम्मदपुर मनौरी निवासी धर्मेंद्र कुमार ने इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय, प्रमुख सचिव और स्कूल शिक्षा महानिदेशक को हलफनामे के साथ शिकायती पत्र भेजा है। शिकायत के बाद शासन ने मामले को गंभीरता से लिया है और जांच के निर्देश दिए हैं।


22 मदों में नियमों की अनदेखी का आरोप

शिकायतकर्ता धर्मेंद्र कुमार के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 में विभागीय कार्यालय द्वारा 22 अलग-अलग मदों में खरीद की गई। इन मदों में एसी, कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर, बैटरी सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक व कार्यालय उपकरण शामिल हैं। धर्मेंद्र का आरोप है कि इन सभी खरीदों में तय मानकों और वित्तीय नियमों का उल्लंघन हुआ है।


डीएम से मांगी गई रिपोर्ट

शिकायत मिलने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्कूल शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। महानिदेशक ने जिलाधिकारी कौशाम्बी से पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है। वहीं, इस बीच बीएसए कार्यालय में सभी दस्तावेजों की दोबारा जांच शुरू कर दी गई है।


बीएसए ने आरोपों को बताया निराधार

बेसिक शिक्षा अधिकारी कमलेंद्रु कुशवाहा ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि शिकायतकर्ता धर्मेंद्र कुमार पूर्व में कार्यालय में समन्वयक पद पर कार्यरत थे। उन पर पहले से ही भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके चलते जिलाधिकारी ने 25 जनवरी को उनकी सेवा समाप्त कर दी थी।

बीएसए कुशवाहा का कहना है कि धर्मेंद्र अब निजी रंजिश के चलते झूठे आरोप लगाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।उन्होंने कहा कहा, “सभी खरीद नियमों के तहत हुई हैं, रिकॉर्ड पूरी तरह पारदर्शी हैं, जांच से सच्चाई सामने आ जाएगी”



खरीदारी में अनियमितता की शिकायत की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट जल्द ही शासन को भेज दी जाएगी। यदि अनियमितता मिली तो कारवाई कराएंगे। – मधुसुदन हुलगी, जिलाधिकारी

प्रदेश में 4000 से अधिक स्थानों पर होगा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, 15 जून से एक सप्ताह तक सेमिनार, कार्यशालाएं और संगोष्ठियों का होगा आयोजन

प्रदेश में 4000 से अधिक स्थानों पर होगा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, 15 जून से एक सप्ताह तक सेमिनार, कार्यशालाएं और संगोष्ठियों का होगा आयोजन

सामूहिक योग सहित कई कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं का होगा आयोजन 


लखनऊ। प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर 15 जून से 21 जून तक योग सप्ताह मनाया जाएगा। इस दौरान जनपद, तहसील, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर सामूहिक योग कार्यक्रम, सेमिनार, कार्यशाला, संगोष्ठी, भाषण प्रतियोगिता, रंगोली प्रतियोगिता, निबंध लेखन एवं स्लोगन सहित कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।

आयुष विभाग के प्रमुख सचिव रंजन कुमार ने बताया कि 5000 प्रशिक्षित योग ट्रेनर तैयार किए गए हैं, जो प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में योगाभ्यास करवाएंगे। योग प्रशिक्षकों और आयुष महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों, प्रबंधकों द्वारा विभिन्न समितियों का गठन कर योग सप्ताह की व्यापक तैयारी की गई है।


इन समितियों के माध्यम से चिकित्सा शिक्षा महाविद्यालय, व्यवसायिक शिक्षा महाविद्यालय एवं अन्य महाविद्यालयों में विद्यार्थियों के बीच योग से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर प्रदेश के 4,075 स्थानों पर कॉमन योगा प्रोटोकॉल के अनुसार सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम होंगे। मंडल मुख्यालय वाले जनपदों में 3 और अन्य जनपदों में 2-2 योग पार्क चिह्नित किया गए हैं, जिन्हें नगर विकास विभाग के समन्वय से विकसित किया जाएगा। इन योग पार्कों में पालिकाओं और पंचायतों का सहयोग लिया जाएगा, ताकि क्षेत्र के अधिक से अधिक लोग योगाभ्यास कर सकें।

योग के सिद्धांतों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए एक नई पहल भी शुरू की गई है। इसमें प्राकृतिक स्थानों पर योगाभ्यास के साथ-साथ वृक्षारोपण और सफाई अभियानों को भी जोड़ा जाएगा। 

पं. दीनदयाल उपाध्याय मॉडल स्कूल की बदलेगी व्यवस्था, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अंग्रेजी माध्यम से संचालित हो रहे स्कूल अब यूपी बोर्ड से होंगे संचालित

पं. दीनदयाल उपाध्याय मॉडल स्कूल की बदलेगी व्यवस्था, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अंग्रेजी माध्यम से संचालित हो रहे स्कूल अब यूपी बोर्ड से होंगे संचालित


शिक्षकों की कमी नवीनीकरण फीस का है झमेला

शिक्षा निदेशालय ने यूपी बोर्ड से स्कूल संचालन का प्रस्ताव शासन को भेजा


प्रयागराज । माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से प्रदेश के सभी 18 मंडल मुख्यालय वाले जिले में अंग्रेजी माध्यम से संचालित पं. दीन दयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल विद्यालय अब यूपी बोर्ड से संचालित होंगे। वर्तमान में सभी 18 स्कूल केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संचालित हैं। शिक्षा निदेशालय ने इन स्कूलों को सीबीएसई की बजाय यूपी बोर्ड से संचालित करने का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेज दिया है।


इसके पीछे कारण है कि एक तो माध्यमिक शिक्षा विभाग सीबीएसई मानकों के अनुसार मॉडल स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती नहीं कर पाता। इसके कारण समय-समय पर सीबीएसई को जवाब देना पड़ता है। दूसरे सीबीएसई हर पांच साल में स्कूलों से नवीनीकरण फीस के रूप में 25 हजार रुपये लेता है। सरकारी स्कूल होने के कारण विभाग के पास नवीनीकरण फीस के लिए कोई बजट नहीं होता।


सूत्रों के अनुसार, यूपी बोर्ड ने भी राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) का पाठ्यक्रम लागू कर दिया है। लिहाजा सीबीएसई और यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम में कोई अंतर नहीं रह गया है। ऐसे में अब सीबीएसई से इन मॉडल स्कूलों के संचालन का कोई औचित्य नहीं है। प्रयागराज में दांदूपुर चाका में अंग्रेजी माध्यम का यह स्कूल संचालित है।

Sunday, June 1, 2025

मुरादाबाद के BEO विभागीय जांच में पाए गए लैंगिक उत्पीड़न के दोषी, जानिए पूरा मामला

मुरादाबाद के BEO विभागीय जांच में पाए गए लैंगिक उत्पीड़न के दोषी, जानिए पूरा मामला


मुरादाबाद के खंड शिक्षा अधिकारी वेगीश सिंह लैंगिक उत्पीड़न के आरोपों में फंस गए हैं। 2 शिक्षिकाओं की ओर से शासन स्तर पर की गई शिकायत के बाद शिक्षा निदेशक ने 3 सदस्यीय कमेटी बनाकर मामले की जांच कराई। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में एबीएसए वेगीश को लैंगिक उत्पीड़न का दोषी माना है। कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद अपर शिक्षा निदेशक बेसिक कामता राम पाल ने ABSA वेगीश की 3 वेतन वृद्धि रोक दी हैं। सरकारी लोक सेवक के लिए निर्धारित आचरण से निम्न स्तर का आचरण करने की वजह से उन्हें मिसकंडक्ट भी दी गई है।

अपने आदेश में अपर शिक्षा निदेशक कामता राम पाल ने कहा है- आपका आचरण एवं कार्यशैली दूषित है। इसलिए आपके तीन वेतन वृद्धियों पर अस्थाई रूप से रोक लगाई जा रही है। इसके अलावा निम्न स्तर के आचरण के लिए आपको अवचार का दंड भी दिया जा रहा है।



दरअसल पूरा मामला एबीएसए वेगीश सिंह के पूर्व तैनाती वाले ब्लॉक ठाकुरद्वारा से जुड़ा है। जहां की 2 शिक्षिकाओं ने उन पर गंभीर आरोप लगाए थे। शिक्षिकाओं का आरोप था कि एबीएसए ने बार-बार महिला टीचर्स की CCL और मेडिकल लीव रिजेक्ट करते रहे ताकि उन पर प्रेशर बनाया जा सके और वो अपने इरादे पूरे कर सकें। एक शिक्षिका ने अपनी शिकायत में कहा था कि एबीएसए ने उन्हें अपने रूम पर आकर अकेले में मिलने के लिए प्रेशर बनाया। इंकार करने पर सीसीएल रिजेक्ट कर दीं। शिक्षिकाओं ने एबीएसए के साथ अपनी व्हाट्सएप चैट को भी शिकायत के साथ अटैच किया था।


मामला 2024 का है। ठाकुरद्वारा ब्लॉक के शेरपुर पट्‌टी स्कूल की सहायक अध्यापिका मेधा सिंह वर्मा ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंचाई थी। मेधा वर्मा का कहना था कि एबीएसए वेगीश सिंह ने बार-बार उनकी चाइल्ड केयर लीव और मेडिकल लीव के आवेदन पोर्टल पर रिजेक्ट कर दिए। जबकि उन्हें अपनी दो साल की बीमार बच्ची की देखभाल के लिए सीसीएल की सख्त जरूरत थी। मेधा का आरोप है कि बार-बार लीव आवेदन रिजेक्ट करने की वजह पूछने पर एबीएसए ने उनसे कहा कि मुरादाबाद में अकेले आवास पर आकर मिलो, उसके बाद लीव के बारे में विचार करेंगे। मेधा ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने एबीएसए की बात मानने से इंकार कर दिया तो उन्होंने खुन्नस निकालने के लिए उन्हें गैरहाजिरी में सस्पेंड भी करा दिया।


दूसरा मामला भी 2024 में ठाकुरद्वारा ब्लॉक का ही है। ठाकुरद्वारा ब्लॉक में उन दिनों वेगीश सिंह एबीएसए थे। ठाकुरद्वारा ब्लॉक के बथुआखेड़ा स्कूल की इंचार्ज टीचर सीमा गहलोत ने भी एबीएसए पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। उन्होंने कहा था कि वो सिंगल पैरेंट हैं। इसके बावजूद उनकी इकलौती 2 साल की बेटी की देखभाल के लिए जरूरत पड़ने पर उन्हें सीसीएल नहीं मिली। क्योंकि एबीएसए वेगीश की ओर से उन्हें बार-बार रिजेक्ट कर दिया गया। इस तरह प्रेशर बनाकर वो अपने गल इरादों को पूरा करना चाहते थे।


महिला शिक्षकाओं के सेक्सुल हैरेसमेंट को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग बदनाम रहा है। कभी छुटि्टयों का प्रेशर तो कभी प्रलोभन देकर विभागीय अधिकारियों द्वारा महिला टीचर्स के साथ मनमानी और बदसलूकी की शिकायतों की भरमार रही है।

इस साल से स्नातक में अप्रेंटिसशिप अनिवार्य, यूजीसी ने रोजगार से जोड़ने को पहली अप्रेंटिसशिप गाइडलाइन बनाई

इस साल से स्नातक में अप्रेंटिसशिप अनिवार्य, यूजीसी ने रोजगार से जोड़ने को पहली अप्रेंटिसशिप गाइडलाइन बनाई


नई दिल्ली। देश के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में इस साल से स्नातक में अप्रेंटिसशिप अनिवार्य होगी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ रोजगार से जोड़ा जाएगा।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्नातक कार्यक्रम में सभी विश्वविद्यालयों को शैक्षणिक सत्र 2025-26 से इसे लागू करना होगा। इसमें छात्रों को इंडस्ट्री के अनुरूप रोजगार का प्रशिक्षण मिलेगा। इसके अलावा संस्थान और इंडस्ट्री के बीच तालमेल बढ़ाने और कौशल के अंतर को दूर करने पर काम होगा।


तीन महीने की अप्रेंटिसशिप में दस क्रेडिट मिलेंगे

तीन वर्षीय डिग्री में एक से तीन सेमेस्टर और चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम में दो से चार सेमेस्टर अप्रेंटिसशिप के रहेंगे। अप्रेंटिसशिप में छात्रो को 10 क्रेडिट भी मिलेंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की उच्चस्तरीय समिति ने अप्रेंटिसशिप गाइडलाइन तैयार की है।


दिशानिर्देश के तहत उच्च शिक्षण। संस्थानों, इंडस्ट्री और छात्रों के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता होगा। इसमें तीनों कीजिम्मेदारियां तय होंगी। उच्च शिक्षण संस्थानों को आजादी होगी कि वे इंडस्ट्री में मौजूद सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर के आधार पर अप्रेंटिसशिप की सीट तय कर सकेंगे।


संस्थानों को अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम के लिए नेशनल अप्रेंटिसिशप ट्रेनिंग स्कीम के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इंडस्ट्री के साथ एईडीपी प्रोग्राम ऑफर करने पर इंडस्ट्री स्टाइपेंड देगी। जबकि एनएटीएस पर रजिस्ट्रेशन करने पर केंद्र सरकार से स्टाइपेंड मिलेगा।

इसी सत्र से विश्वविद्यालय छात्रों को साल में दो बार प्रवेश का मौका देंगे

इसी सत्र से विश्वविद्यालय छात्रों को साल में दो बार प्रवेश का मौका देंगे
 

लखनऊ : अब विश्वविद्यालय स्नातक (यूजी) व परास्नातक (पीजी) कक्षाओं में वर्ष में दो बार प्रवेश दे सकेंगे। वह एक बार जुलाई या अगस्त और दूसरी बार जनवरी या फरवरी में प्रवेश परीक्षा आयोजित कर सकेंगे।


विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से इसके निर्देश जारी किए गए हैं। ऐसे उच्च शिक्षण संस्थान जिन्होंने इसकी तैयारी कर ली है, वह इसी सत्र से साल में दो बार प्रवेश दे सकेंगे। यूजीसी द्वारा स्नातक व परास्नातक उपाधि प्रदान करने के लिए तैयार न्यूनतम मानदंड, विनियम-2025 को अब लागू किया जाएगा।


फिलहाल केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (सीबीएसई) भी बोर्ड परीक्षाओं को वर्ष में दो बार आयोजित करने की तैयारी कर रही है। ऐसे में विश्वविद्यालयों को नए विनियम-2025 को लागू किया जाना है। यूजीसी ने विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि वह छात्र प्रवेश क्षमता का निर्धारण अपने संस्थान में उपलब्ध संसाधनों, छात्र-शिक्षक अनुपात और अन्य मानकों के आधार पर करने का आदेश दिया है। तीन वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम 120 क्रेडिट का होगा। वहीं शोध सहित चार वर्षीय स्नातक ऑनर्स कोर्स 160 क्रेडिट का होगा।

एडेड कॉलेजों में ऑनलाइन तबादलों पर अधिकारियों ने मारी कुंडली, अब तक तबादलों को लेकर नहीं जारी हुए निर्देश

एडेड कॉलेजों में ऑनलाइन तबादलों पर अधिकारियों ने मारी कुंडली,  अब तक तबादलों को लेकर नहीं जारी हुए निर्देश

शिक्षकों ने एनओसी से लेकर तैनाती तक में लगाया शोषण का आरोप


लखनऊ। बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग में लगभग हर छोटे-बड़े काम ऑनलाइन हो रहे हैं। लेकिन, अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) कॉलेजों के शिक्षकों के तबादलों के लिए अब भी ऑफलाइन प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इससे एडेड कॉलेजों के शिक्षकों में रोष है। आरोप है कि आदेश के बावजूद अधिकारी चुप्पी साधे हैं।


दोनों विभागों में सेवा संबंधी सभी मामलों, छुट्टियों, तबादलों, नियुक्ति, एसीपी आदि के लिए मानव संपदा पोर्टल को प्रभावी किया गया है। हर साल गर्मी की छुट्टियों में होने वाले तबादले की प्रक्रिया भी ऑनलाइन होती है। लेकिन, 4500 से अधिक एडेड कॉलेजों के 60 हजार से अधिक शिक्षक अब भी इस सुविधा से वंचित हैं। वहीं, अब तक तबादले को लेकर निर्देश न जारी होने से भी शिक्षकों में रोष है।


एडेड कॉलेजों के शिक्षकों का कहना है कि तबादले के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाने का आदेश दिया गया है, लेकिन अब तक इसे प्रभावी नहीं किया गया है। इस पर विभागीय अधिकारी कुंडली मार के बैठे हैं। पिछले साल भी ऑफलाइन तबादला प्रक्रिया अपनाई गई थी। शिक्षक विधायकों ने इस मुद्दे को सदन में भी उठाया था। शिक्षकों ने कहा कि विभाग जहां पद खाली हैं, वहां का ब्योरा ऑनलाइन करे और शिक्षकों से ऑनलाइन आवेदन लेकर तबादला करे।


शिक्षकों का आरोप है कि जिस विद्यालय से तबादला होना है और जहां तबादला लेना है, उसकी एनओसी के लिए से लेकर तैनाती तक में शोषण हो रहा है। इस पर रोक लगाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था प्रभावी करना जरूरी है। अगर शिक्षक के सभी आवश्यक दस्तावेज पूरे हैं तो एक निर्धारित समय में एनओसी जारी करने का भी आदेश दिया जाना चाहिए। तभी पारदर्शी तरीके से तबादला प्रक्रिया पूरी हो सकती है।



एडेड कॉलेजों में बिना एनओसी तबादला किया जाना चाहिए। एनओसी देने के लिए प्रबंधन से लेकर विभागीय अधिकारियों समेत कुल नौ जगहों पर जेब गर्म करनी पड़ती है। ऑफलाइन तबादले बंद करके ऑनलाइन व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। – संजय द्विवेदी, प्रदेश मंत्री, उप्र. माध्यमिक शिक्षक संघ


अगले सप्ताह तक एडेड कॉलेजों के शिक्षकों के लिए तबादला प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसे भी ऑनलाइन कराया जाएगा। इसके लिए तैयारी चल रही है। शिक्षकों को किसी तरह की दिक्कत न हो, इसका प्रयास है। – डॉ. महेंद्र देव, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा