बिना किताब संवर रहा नौनिहालों का भविष्य 1
सरकारी स्कूलों में अभी तक नहीं हो सका पाठ्य-पुस्तकों का वितरण 16151751 बच्चों में बंटनी है किताब
श्रवस्ती : अगस्त माह भी बीतने को है। अब तक बेसिक शिक्षा विभाग से संचालित सरकारी स्कूलों में पाठ्य-पुस्तकों का वितरण नहीं हो सका है। सरकारी स्कूलों में कुल एक लाख 51 हजार 751 बच्चों का बिना किताबों के ही भविष्य संवारा जा रहा है। प्रत्येक विद्यार्थी को औसतन 14 किताबें पढ़ने के लिए दी जानी है।
सरकारी स्कूलों में पठन-पाठन का स्तर दुरुस्त करने के लिए शासन स्तर पर शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। श्रवस्ती जिले में अधिकांश विद्यालयों में पर्याप्त संख्या में शिक्षक तैनात भी हैं। यूनीफार्म वितरण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। 20 अगस्त तक सभी स्कूलों में यूनीफार्म वितरण पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन ज्ञान अर्जन करने के लिए सबसे अहम जरूरत पुस्तकों का है। पुस्तक वितरण का काम अभी तक अधर में लटका हुआ है। स्कूल खुल रहे हैं। शिक्षक पहुंच रहे हैं। छात्र-छात्रओं की उपस्थिति में भी सुधार हो रहा है, लेकिन किताबें न होने से पठन-पाठन का कार्य प्रभावशाली ढंग से नहीं हो पा रहा है। यह हाल तब है कि अप्रैल माह से नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत की जा चुकी है। स्कूल चलो अभियान के तहत जागरूकता के लिए गांव से लेकर शहर तक खूब ढोल, नगाड़े पीछे गए, लेकिन शिक्षा के लिए सबसे जरूरी पुस्तकों की व्यवस्था बेसिक शिक्षा विभाग नहीं कर पाया है। किताबें न बंटने से परिषदीय विद्यालयों के साथ शासकीय सहायता प्राप्त स्कूल, कस्तूरबा विद्यालय व आश्रम पद्धति छात्र-छात्रओं की पढ़ाई पूरी नहीं हो पा रही है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शाहीन ने बताया कि जिले स्तर पर पुस्तक वितरण के लिए सारी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। किताबें शासन से आवंटित होनी हैं। उन्होंने बताया कि कक्षा एक के बच्चों की किताबें शीघ्र पहुंचने की उम्मीद है। 20 अगस्त तक सभी स्कूलों में भाषा व गणित की पुस्तक का वितरण करवा दिया जाएगा।
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