विकास खंडों पर कार्यरत सहायक ब्लाक समन्वयकों स्थायीकरण की मांग को राज्य परियोजना निदेशालय ने सिरे से खारिज कर दिया है। सह समन्वयक ज्ञानोदय अनुश्रवण एसोसिएशन उत्तर प्रदेश की शासन और मुख्यमंत्री से की गई मांग का निस्तारण करते हुए निदेशक से तीन वर्ष और अधिकतम छह वर्ष का कार्यकाल बताते हुए फिर से विद्यालय लौटने की बात कही है। निदेशक की तरफ से जारी पत्र पर बीएसए ने जिला समन्वयक को आवश्यक कार्रवाई के लिए लिखा है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार पाल ने शासन, मुख्यमंत्री को समय समय पर दिए गए ज्ञापन में एबीआरसी के स्थायीकरण कर नवीनीकरण प्रक्रिया समाप्त करने के साथ ही सह खंड शिक्षा अधिकारी पद बनाए जाने की मांग की थी। मांग और मंत्रियों तक पहुंचाए गए मुद्दे पर शासन ने सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक से आख्या मांगी थी और उसी का निस्तारण करते हुए निदेशक ने बेसिक शिक्षा सचिव को जारी पत्र में कहा कि शासनादेश के अनुसार एबीआरसी का तीन वर्ष और सराहनीय व अच्छा कार्य करने वाले को अधिकतम छह साल तक उन्हें पद पर रखा जा सकता है। क्योंकि यह सभी विद्यालयों से ही आते हैं और अपने अपने विषयों के विशेषज्ञ भी होते हैं। विद्यालयों में शिक्षण कार्य न करने से उनकी विशेषज्ञता पर भी प्रभाव पड़ता है। निदेशक ने कहा कि कार्यकाल पूरा करने वालों को विद्यालयों में शिक्षण कार्य के लिए भेजा जाए और उन्हें स्थायी करने की कोई जरुरत प्रतीत नहीं होती है। निदेशक के पत्र पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जिला समन्वयक को आवश्यक कार्रवाई का आदेश दिया है। बीएसए ने बताया कि कार्यकाल पूरा करने वालों की समीक्षा की जाएगी और फिर उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।
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