DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Friday, July 3, 2020

माध्यमिक व बेसिक के 75 प्रतिशत बच्चे से रहे दूर, गांवों के बच्चों के लिए ऑनलाइन शिक्षा रही बेमकसद

माध्यमिक व बेसिक के 75 प्रतिशत बच्चे से रहे दूर, गांवों के बच्चों के लिए ऑनलाइन शिक्षा रही बेमकसद


गांवों के बच्चों के लिए ऑनलाइन शिक्षा साबित हो रही बेमकसद बेसिक में 25 प्रतिशत, माध्यमिक में 30 फीसद बच्चे ही ले रहे लाभ


फ़तेहपुर : कोरोना वायरस को लेकर लॉकडाउन के दौर में बेसिक व माध्यमिक विद्यालयों में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कराई गई कि छात्र छात्राओं की शिक्षा प्रभावित न हो सके।लेकिन ऑनलाइन पढ़ाई का सच जमीनी हकीकत से दूर है। अभी तक नासिक में 75 प्रतिशत तो माध्यमिक में 70 प्रतिशत छात्र-छात्राएं ऑनलाइन शिक्षा से कोसों दूर नजर आ रहे हैं। 


खासकर ग्रामीणांचलों में स्थित विद्यालयों के बच्चों के लिए ऑनलाइन शिक्षा बेमकसद साबित हो रही है। इसका कारण है कि अधिकांश बच्चों के अभिभावकों के पास न ही एडायड फोन हैं और जहां मोबाइल हैं भी वहां गांवों में नेटवर्किंग की समस्या है। 


ऐसे अव्यवस्थाएं माध्यमिक शिक्षा विभाग ने बच्चों का ऑनलाइन शिक्षा देने के लिए व्हाट्सएप, फेसबुक समेत अन्य ऐपों के माध्यम से ग्रुप बनाकरबच्चों को जोड़ा गया। विद्यालयों के कक्षाध्यापकों को जिम्मेदारी दी गई कि वह अपने कक्षा के सभी बच्चों को ग्रुप में जोड़ कर प्रतिदिन निर्धारित समय में शिक्षण सामग्री प्रेषित करेंगे और उनके द्वारा पूछे जाने वाले सवालों का जवाब भी देंगे। 

No comments:
Write comments