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Friday, July 22, 2022

माध्यमिक व बेसिक शिक्षा विभाग के तबादलों में सामने आ रहीं कई गड़बड़ियां

बाबुओं के तबादलों में त्रुटियां :  निदेशालय से हो गए मंडल स्तरीय तबादले


तबादलों में त्रुटियां गिना रहे कर्मचारियों का आरोप है कि ऐसा व्यवस्था को ठीक से न अपनाए के कारण हुआ है। यूपी एजुकेशनल मिनिस्टीरियल ऑफीसर्स एसोसिएशन के प्रांतीय महामंत्री राजेश चंद्र श्रीवास्तव कहते हैं कि कनिष्ट सहायक, वरिष्ठ सहायक, आशुलिपिक, उर्दू अनुवादक के पद मंडल संवर्ग के हैं और इन पदों के तबादले मंडल स्तर पर कराए जाने चाहिए थे। वहीं प्रधान सहायक, वैयक्तिक सहायक व प्रशासनिक अधिकारी निदेशालय संवर्ग के पद हैं, इसलिए इन पर निदेशालय स्तर से तबादले होने चाहिए थे। पर सारे तबादले निदेशालय स्तर से होने के कारण जमीनी स्थिति का सही आकलन नहीं हुआ और एक ही पद पर दो कर्मचारियों का तबादला हो गया। यही नहीं, जल्द सेवानिवृत्त होने जा रहे या विकलांग कर्मियों का भी गलत तबादला हो गया।


शिक्षा विभाग में भी गड़बड़ी, तबादला ऐसे दफ्तरों में जहां रिक्त पद ही नहीं, पदभार ग्रहण करने के लिए भटक रहे कर्मचारी

माध्यमिक व बेसिक शिक्षा विभाग के तबादलों में सामने आ रहीं कई गड़बड़ियां



लखनऊ :  पीडब्ल्यूडी और स्वास्थ्य विभाग के बाद अब बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग में भी लिपिक संवर्ग के तबादलों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। कई कर्मचारी ऐसे हैं, जिनका जहाँ तबादला किया गया है, वहां पद ही नहीं रिक्त हैं। ये कर्मचारी अब अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।

इन कर्मचारियों का जहां से तबादला हुआ है, वहां किसी दूसरे ने पदभार ग्रहण कर लिया है। ऐसे में इन कर्मचारियों की हाजिरी भी नहीं लग रही है। ऐसे 70 से अधिक कर्मचारी प्रभावित बताए जा रहे हैं। तबादलों में नियम की अनदेखी के भी आरोप हैं। गड़बड़ी की यह स्थिति करीब 22 दिन से बनी है। कर्मचारियों को डर है कि कहीं उनका वेतन न फंस जाए।

निलंबित कर्मियों के भी तबादले : यूपी एजुकेशनल मिनिस्टीरियल ऑफीसर्स एसोसिएशन के प्रांतीय महामंत्री राजेश चंद्र श्रीवास्तव बताते हैं कि बलिया के दो व महाराजगंज के एक ऐसे कर्मचारी का तबादला कर दिया गया, जो निलंबित चल रहे हैं। झांसी में एक ही पद पर दो और मऊ में एक कर्मचारी का उसी कार्यालय में तबादला कर दिया गया। उन्होंने 238 कर्मचारियों के तबादलों में अनियमितता की शिकायत अपर बेसिक शिक्षा निदेशक प्रयागराज, बेसिक शिक्षा निदेशक व महानिदेशक स्कूल शिक्षा से की है।

नियम की अनदेखी कर हुए स्थानांतरण : एसोसिएशन के महामंत्री ने बताया कि आदेश था कि किसी कार्यालय में पांच वर्ष से तैनात कर्मचारी का जिले में ही दूसरे कार्यालय में तबादला किया जाए। यदि जिले में जगह न हो, तब मंडल के दूसरे जिले में तबादला किया जाए।

इसके बावजूद लोकेश कुमार गुप्ता, सचिन श्रीवास्तव, हर्षित श्रीवास्तव, ओम प्रकाश यादव समेत कई कर्मचारियों का लखनऊ से रायबरेली तबादला कर दिया गया है। उनका दावा है कि जिन पदों पर इनका तबादला हुआ है, वे पद लखनऊ के विभिन्न कार्यालयों में खाली हैं।


पद रिक्त न होने से कर्मचारी परेशान

■ लखनऊ में राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज के वरिष्ठ सहायक देवेंद्र कुमार सिंह का तबादला डीआईओएस लखनऊ कार्यालय में हुआ है, लेकिन वहां पद खाली न होने की बात कहकर उन्हें पदभार ग्रहण नहीं कराया जा रहा। वहीं, जुबिली कॉलेज में उनके स्थान पर दूसरा व्यक्ति ने पदभार ग्रहण कर लिया है। इससे देवेंद्र की उपस्थिति भी कहीं नहीं दर्ज हो रही है।

■ लखनऊ में ही जीजीआईसी सिंगारनगर में वरिष्ठ सहायक प्रवीण दुबे का तबादला बीएसए कार्यालय लखनऊ में हुआ है, लेकिन उन्हें भी पद रिक्त नहीं होने से कार्यभार नहीं ग्रहण कराया गया है।

■ हरदोई में डीआईओएस कार्यालय में वरिष्ठ लिपिक आदित्य दीक्षित का तबादला जीजीआईसी पिहानी हरदोई हुआ है, लेकिन वहां भी पद खाली नहीं होने से उन्हें पदभार नहीं ग्रहण कराया गया है।

■ डीआईओएस रायबरेली में प्रधान सहायक रहे रामशरण चौधरी का तबादला हरदोई हुआ है, लेकिन पद रिक्त न होने से वे भी भटक रहे हैं।

कई जगह स्थानांतरित कर्मचारियों ने अपना पद नहीं छोड़ा है और बाहर से वहां कर्मचारी पहुंच गया है, इसलिए दिक्कत हो रही है। सभी मंडलों से सूचना मांगी गई है कि उनके यहां कितने पद खाली हैं, कितने स्थानांतरित कर्मचारियों ने पदभार ग्रहण किया है और कितने रिलीव हुए हैं। यदि कहीं कोई गड़बड़ी है तो उसे दुरुस्त किया जाएगा। कर्मचारियों के साथ गलत नहीं होगा।

• अनिल भूषण चतुर्वेदी, अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक)



स्थानांतरण के विरोध में शिक्षा निदेशक की कार के सामने बैठे कर्मचारी

◆ 90 कनिष्ट एवं वष्टि सहायकों के पटल परिवर्तन किए गए
◆ 5 कर्मचारियों का स्थानांतरण एडी माध्यमिक ने किया निरस्त


प्रयागराज : माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में अनुभाग और पटल परिवर्तन किए जाने के साथ पांच कनिष्ठ एवं वरिष्ठ सहायकों का स्थानांतरण लखनऊ करने से कर्मचारी नाराज हो गए। लखनऊ के लिए हुआ स्थानांतरण रुकवाने के लिए कर्मचारी विरोध पर उतर आए। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डा. सरिता तिवारी के प्रयागराज निदेशालय आने की जानकारी मिलने पर कर्मचारी स्थानांतरण आदेश वापस लेने की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे। माध्यमिक शिक्षा निदेशक कार से जाने लगीं तो कुछ कर्मचारी उनकी गाड़ी के आगे जमीन पर बैठ गए।

स्थानांतरण नीति के तहत निदेशालय में एक अनुभाग में पांच वर्ष से अधिक समय से कार्य करने वाले करीब 55 कनिष्ठ और वरिष्ठ सहायकों का अनुभाग परिवर्तन किया गया। इसी के साथ तीन वर्ष से अधिक समय तक एक पटल पर कार्य करने वाले करीब 90 कनिष्ठ एवं वरिष्ठ सहायकों के पटल परिवर्तन किए गए। इसके अलावा इरफान अहमद, अभ्युदय शुक्ला, अरुण कुमार मिश्र, अनुज श्रीवास्तव एवं पवन कुमार का स्थानांतरण लखनऊ स्थित शिक्षा विभाग के कार्यालयों में कर दिया गया। लखनऊ के लिए किए गए स्थानांतरण का कर्मचारी विरोध कर रहे थे। शिक्षा निदेशक के प्रयागराज आने पर कुछ कर्मचारी कार्यालय से बाहर निकल आए और निदेशक की कार के आगे बैठकर नारेबाजी करने लगे। निदेशक कार से बाहर आई और अपर शिक्षा निदेशक महेंद्र देव से बातचीत की। इस दौरान शिक्षा निदेशालय मिनिस्टीरियल कर्णिक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष जितेंद्र, मंत्री प्रदीप, उपाध्यक्ष आशीष ने कर्मचारियों का स्थानांतरण निरस्त करने की मांग की। निदेशक ने कहा कि लखनऊ में कार्य अधिक होने के कारण ऐसा किया गया है, लेकिन पदाधिकारियों ने लखनऊ में कर्मचारियों के लिए आवास सहित कई असुविधाएं होने का मुद्दा उठाया। एडी माध्यमिक ने लखनऊ के लिए स्थानांतरित पांचों कर्मचारियों का स्थानांतरण निरस्त कर दिया। इसके अलावा दो अन्य का स्थानांतरण लखनऊ कर दिया गया है।

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