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Wednesday, July 13, 2022

रमसा शिक्षकों-कर्मचारियों के 5 माह के लटके वेतन हेतु 2.61 अरब जारी, आगे से होगा नियमित वेतन भुगतान

रमसा शिक्षकों-कर्मचारियों के 5 माह के लटके वेतन हेतु 2.61 अरब जारी, आगे से होगा नियमित वेतन भुगतान 


🆕 Update 
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (रमसा) के तहत संचालित राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के वेतन भुगतान की समस्या दूर होने के दूसरे दिन बुधवार को वेतन मद में 2.61 अरब रुपये जारी हो गए। वित्त नियंत्रक माध्यमिक बीआर प्रसाद ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के वित्त एवं लेखाधिकारियों को मार्च से जुलाई तक पांच महीने के वेतन मद में 2,61,92,85,250 रुपये जारी किया है।



प्रदेशभर के रमसा विद्यालयों में कार्यरत तकरीबन सात हजार शिक्षकों और कर्मचारियों के नियमित वेतन भुगतान के लिए शासन ने मंगलवार को रमसा वेतन का मद राजकीय इंटर कॉलेजों के साथ एकीकृत कर दिया था। इससे अब हर महीने समय से रमसा के शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन मिल सकेगा। राजकीय शिक्षक संघ पांडेय गुट के प्रदेश महामंत्री रामेश्वर पांडे ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। राजकीय शिक्षक संघ भड़ाना गुट के प्रदेश महामंत्री डॉ. रवि भूषण ने सरकार का आभार जताते हुए 15 जुलाई को लखनऊ में प्रस्तावित धरने को स्थगित करने का निर्णय लिया है।



राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (रमसा) के शिक्षकों को अब नियमित वेतन भुगतान


लखनऊ। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (रमसा) के तहत प्रदेश में संचालित राजकीय कॉलेजों के शिक्षकों, कर्मचारियों को राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब उनका वेतन केंद्रांश के चक्कर में नहीं रुकेगा। नियमित भुगतान के लिए मुख्यमंत्री ने उनका वेतन मद सामान्य राजकीय इंटर कॉलेजों की भांति करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इससे प्रदेश में संचालित करीब 1400 राजकीय विद्यालयों के 9000 शिक्षकों व कर्मचारियों को समय से व वेतन मिल सकेगा। इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।



दरअसल, इन कॉलेजों के शिक्षकों का वेतन केंद्रांश आने के बाद राज्यांश मिलाकर दिया जाता रहा है। इससे अक्सर भुगतान में विलंब होता था। इस बीच चार-पांच महीने से वेतन नहीं मिलने से परेशान शिक्षकों, कर्मचारियों ने 11 जुलाई से आंदोलन शुरू कर दिया। इस पर शिक्षा व वित्त विभाग ने मुख्यमंत्री को रमसा के शिक्षकों का वेतन मद भी सामान्य राजकीय इंटर कॉलेजों की भांति करने का प्रस्ताव किया था जिसे मंजूरी मिल गई है।

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