DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Monday, July 18, 2022

अब मदरसों में भी रखे जाएंगे टीईटी पास शिक्षक

अब मदरसों में भी रखे जाएंगे टीईटी पास शिक्षक

प्रदेश सरकार अब 558 अनुदानित मदरसों में भी योग्य व प्रशिक्षित टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) पास शिक्षक रखेगी। मदरसों में आधुनिक विषय पढ़ाने वाले 6455 शिक्षकों की चरणवार भर्तियां होंगी। इसके लिए प्रदेश सरकार जल्द ही उत्तर प्रदेश अशासकीय अरबी फारसी मदरसा मान्यता, प्रशासन एवं सेवा नियमावली में संशोधन करने जा रही है।



योगी सरकार मदरसों में दीनी तालीम कम कर हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान, गणित व सामाजिक विज्ञान जैसे आधुनिक विषयों पर अधिक फोकस किया है। अब मदरसों के पाठ्यक्रम में दीनियात की पढ़ाई 20 प्रतिशत व आधुनिक शिक्षा की पढ़ाई 80 प्रतिशत कराई जाएगी। इसके लिए मदरसों में आधुनिक शिक्षकों की भर्तियां होनी हैं। अभी तक मदरसों में दीनी तालीम के कई शिक्षक होते थे लेकिन अब आलिया स्तर तक के मदरसों में एक-एक ही शिक्षक रहेंगे। कक्षा पांच तक के मदरसों में चार शिक्षक, कक्षा छह से आठ तक में दो और आलिया (कक्षा 9 व 10) स्तर के मदरसों में तीन शिक्षक आधुनिक विषय पढ़ाने वाले रहेंगे।

प्रदेश में वित्त पोषित 558 मदरसे हैं, जिनमें 8129 शिक्षकों व 558 प्रधानाचार्य के पद हैं। अब नए पाठ्यक्रम के अनुरूप 6455 आधुनिक विषय पढ़ाने वाले शिक्षकों के चरणवार तरीके से भरे जाएंगे। टीईटी पास युवाओं को मदरसों में गणित, विज्ञान, नागरिक शास्त्र, इतिहास, अंग्रेजी व हिंदी जैसे विषय पढ़ाने के लिए रखा जाएगा।

मिल सकेंगे योग्य शिक्षक, नहीं चलेगा भाई भतीजावाद : अनुदानित मदरसों में शिक्षकों के पद भरने का अधिकार अभी वहां की प्रबंध समिति के पास होता हैं। मदरसा प्रबंधक, शिक्षकों की भर्ती के नाम पर मनमानी करते हुए अपने रिश्तेदारों को ही तैनात कर लेते हैं। इस कारण कई बार मदरसों में योग्य शिक्षक नहीं आ पाते हैं।

No comments:
Write comments