जांच में मामला सही मिलने पर सभी ग्राम प्रधानों को एक सप्ताह का समय देते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। निकाली गईं सभी रसोइयों को फिर से वापस रखा जाएगा। जबतक शासन से कोई आदेश नहीं आता है। तबतक सभी रसोइयां मीड-डे-मील बनाती रहेंगी।ओम प्रकाश यादव, बेसिक शिक्षाधिकारी
शिकायत मिलने के बाद जांच कराई गई। जिसमें सभी शिकायतें सही पाई गईं। कुछ ग्रामप्रधानों से रसोइयों को वापस लेने की बात चल रही है।दीपक पटेल, एमडीएम प्रभारी
खजनी विकासखंड के सर्वसी ग्राम पंचायत की शीला देवी, सरदारनगर विकासखंड के विशुनपुर खुर्द ग्रामपंचायत की चंद्रमा देवी ने डीएम के वहां और खोराबार विकासखंड के लालपुर टीकर की अतवारी देवी ने सीएम को पत्र लिखकर शिकायत की थी।
विकास खंड ग्राम पंचायतबेलघाट जगन्नाथभटहट भगवानखजनी बस्तियांखजनी बनकटाखजनी गाजर नर्सिंगखजनी सतारा मोहनखजनी सर्वसीखजनी रुद्रपुरबेलघाट अवरारूपजंगल कौड़िया सेमरागगहा रेकवा माधवपुरकौड़िराम खजुरी बाबूपिपरौली सेवई बाजारसरदारनगर विशुनपुर खुर्दखोराबार लालपुर टीकर
गोरखपुर जितेन्द्र पाण्डेयजिले की 16 ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने बिना आदेश के ही परिषदीय स्कूलों में नई रसोइयों की नियुक्ति कर दी। यह मामला सीएम से शिकायत के बाद सामने आया। अधिकारियों ने आनन-फानन में मामले की जांच की तो शिकायत सही पाई गई। इस पर बीएसए ने सभी ग्रामप्रधानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। निकाली गई रसोइयों में खोराबार विकास खंड के लालपुर टीकर स्कूल की रसोईयां अतवारी देवी ने सीएम के पास शिकायती पत्र भेजकर बताया कि ग्राम प्रधान ने बिना किसी कारण के हमें निकालकर नई रसोइयों की तैनाती कर दी है। जबकि बेसिक कार्यालय से पता किया गया तो वहां से पता चला कि विभाग ने नई रसोइयों की नियुक्ति के लिए कोई आदेश नहीं दिया है। शिकायती पत्र मिलने के बाद सीएम कार्यालय ने विभाग को जांच करने का आदेश दिया तो मामला सही मिला। इसके अलावा नौ विकासखंडों के 15 और ग्राम प्रधानों ने भी यही कारनामा किया था। उन्होंने अपने यहां की रसोइयों को बदलकर अपने पसंद की रसोइयों की नियुक्ति कर दी है। जबकि बेसिक शिक्षा विभाग ने 2015-16 में नियुक्त रसोइयों से ही सत्र 2016-17 के लिए भी सेवाएं लेने का निर्देश जारी किया है।क्या है नियुक्ति का नियमनई रसोइयों की नियुक्ति के लिए शासन का आदेश डीएम के पास आता है। जिस पर डीएम अपनी संस्तुति देते हुए बेसिक शिक्षा विभाग को पत्र जारी करते हैं। उसके बाद से बेसिक विभाग द्वारा स्कूल प्रबंध समिति को रसोइयों की नियुक्ति करने का आदेश दिया जाता है। प्रबंध समिति में स्कूल के प्रधानाध्यापक, ग्राम प्रधान और चयनित तीन अभिभावक शामिल होते हैं। रसोइयों की नियुक्ति में इस बात का ध्यान जरूर देना होता है कि जिस रसोइया की नियुक्ति हो रही है उनका बच्च उस स्कूल में पढ़ाई के लिए नामाकंन कराया हो।
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