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Saturday, June 20, 2020

फर्रुखाबाद की दीप्ति के अभिलेखों से मैनपुरी में दो ने पाई नौकरी


फर्रुखाबाद की दीप्ति के अभिलेखों से मैनपुरी में दो ने पाई नौकरी


कायमगंज की दीप्ति के अभिलेखों से दो ने पाई नौकरी
कायमगंज (फर्रुखाबाद)। कासगंज में अनामिका के बाद अब मैनपुरी में कायमगंज की दीप्ति के दस्तावेजों से दो युवतियां नौकरी करते पाई गईं हैं। इनके तार भी कहीं न कहीं मास्टरमाइंड पुष्पेंद्र से जुड़े है। बेवर के खंड शिक्षा अधिकारी असली दीप्ति के परिजनों से पूछताछ कर चुके हैं। दीप्ति कौशांबी ढहैया के राजकीय कालेज में सहायक अध्यापिका है।


अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद मैनपुरी के करहल बा विद्यालय में तैनात दीप्ति व बेवर के जमौरा प्राथमिक विद्यालय में तैनात अनुदेशिका दीप्ति की जांच शुरू हुई तो नया भंडाभोड़ हुआ। दोनों का पता कायमगंज नगर के मोहल्ला बगिया सोहनलाल निवासी दीप्ति पुत्री सुरेश चंद लिखा था। दोनों युवतियां कायमगंज की दीप्ति के दस्तावेजों पर नौकरी कर रहीं थीं।


बेवर के खंड शिक्षा अधिकारी जांच को आए तो परिजनों ने बताया असली दीप्ति की तीन साल पहले हरदोई जनपद के हरपालपुर में शादी हो चुकी है और उनके पति आर्मी में हैं। इस समय वह कौशांबी के मिश्रपुर ढहैया के राजकीय विद्यालय में सहायक अध्यापिका हैं।


दीप्ति के भाई अंबुज ने बताया उनकी बहन के असली दस्तावेज यहां रखे थे। शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारी यहां आये थे। उन्हें फोटोकॉपी उपलब्ध कराकर लिखित में दे दिया है। उनकी बहन से लखनऊ एसटीएफ ने भी दस्तावेज मंगाए थे। वहां भी भेज दिए गए हैं।


मैनपुरी में उनकी बहन के नाम से नौकरी करने वाली युवतियों को वे नहीं जानते। उन्होंने बताया दीप्ति ने सिटी गर्ल्स कॉलेज से इंटर व कायमगंज के एसडी कालेज से बीए किया था। बीएड करने के बाद हरदोई जनपद के एक बा विद्यालय में नौकरी की थी। इसके बाद कौशांबी में उनकी नौकरी लग गई। इसके बाद उनकी शादी हो गई।


कहीं हरदोई से तो नहीं निकाले गए दीप्ति के दस्तावेज
कायमगंज। प्रदेश भर में अनामिका की डिग्री पर बा विद्यालयों में नौकरी दिलाने वाले मास्टरमाइंड पुष्पेंद्र के तार हरदोई से भी जुड़े रहे हैं। पिछले दिनों लखनऊ एसटीएफ ने पुष्पेंद्र उर्फ राज उर्फ सुशील कौशल के साथ हरदोई में शिक्षा विभाग में तैनात लिपिक रामनाथ व जौनपुर के समन्वयक आनंद को गिरफ्तार किया था। फर्जी तरीके से नौकरी दिलाने में मास्टरमाइंड के साथ यह दोनों भी शामिल बताए गए थे।


कायमगंज की दीप्ति ने भी एक वर्ष तक हरदोई के बा विद्यालय में नौकरी की है। इससे जाहिर है, कहीं न कहीं मैनपुरी में दीप्ति के नाम से नौकरी दिलाने में इसी गैंग का हाथ है। जब दीप्ति ने बा विद्यालय से नौकरी छोड़ दी तो इन लोगों ने असली दीप्ति की डिग्री की फोटोकॉपी हासिल कर ली और मैनपुरी में दो युवतियों को नौकरी दिला दी।


इससे साफ है मैनपुरी में दीप्ति नाम से नौकरी करने वाली युवतियां मास्टरमाइंड से जुड़ी हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मैनपुरी में फर्जी दीप्ति के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस दीप्ति नाम की दोनों युवतियों की तलाश कर रही है।

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