3 साल से अनुपस्थित शिक्षिका के अवकाश स्वीकृत करने का आरोप में आगरा के BEO निलंबित, देखें आदेश
➡️ अपर शिक्षा निदेशक बेसिक ने जारी किए आदेश
➡️ शिक्षिका को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप
➡️ गलत तरीके से लाभ देने का था आरोप
➡️ सहायक अध्यापिका रिनी सिंह को दिया लाभ
➡️ तथ्य छिपाने,भ्रामक जानकारी देने का भी आरोप
➡️ उच्चाधिकारियों को गुमराह करने पर गिरी गाज
➡️ अनुशासनहीनता के आरोप में बीईओ निलंबित
आगरा के बेसिक शिक्षा विभाग के फतेहाबाद ब्लॉक के बीईओ शेष बहादुर सरोज को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई उनके विरुद्ध प्राप्त शिकायतों, अनियमितताओं के आरोपों के आधार पर की गई है। बीईओ पर लगे आरोपों की जांच के आदेश दिए गए है।
बेसिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार खंड शिक्षा अधिकारी शेष बहादुर सरोज के खिलाफ भ्रष्टाचार समेत कई गंभीर आरोप लगे थे। आरोप है कि उन्होंने उच्च प्राथमिक विद्यालय रावर फतेहाबाद की सहायक अध्यापक रिनी सिंह को 1 नवंबर 2022 से निरंतर तीन साल तक अनुपस्थित रहने पर उन्हें अनुचित लाभ दिया गया।
सहायक अध्यापक रिनी सिंह के अनुपस्थित रहने पर भी ग्रीष्म अवकाश, बाल्य देखभाल अवकाश, शीत अवकाश, असाधारण अवकाश, मेडिकल लीव स्वीकृत कर दी गई। खंड शिक्षाधिकारी की ओर से अधिकारियों को भ्रमित किया गया। उनकी ओर से साक्ष्य भी उपलब्ध नहीं कराए गए। कार्यशैली में अनियमितता और प्रशासनिक लापरवाही के भी आरोप लगाए गए हैं, जिनकी सत्यता की पुष्टि के लिए विस्तृत जांच आवश्यक मानी गई है। निलंबन के मंडल मुख्यालय अटैच किए गए हैं।
निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय आगरा मंडल अटैच किया गया है और उन्हें मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) के नियंत्रण में रखा जाएगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता (सब्सिस्टेंस अलाउंस) दिया जाएगा, जो वित्तीय हस्त पुस्तिका के प्रावधानों के अनुरूप होगा।
हालांकि, यदि किसी अन्य स्रोत से आय प्राप्त होने की पुष्टि होती है, तो भत्ते में आवश्यक समायोजन किया जाएगा। इसके अलावा, यह भी निर्देशित किया गया है कि यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या देयकों का मामला लंबित पाया जाता है, तो संबंधित राशि की वसूली नियमानुसार की जाएगी। विभाग ने यह भी कहा है कि आरोपों की पुष्टि के लिए पृथक से विभागीय जांच अधिकारी नियुक्त कर विस्तृत जांच कराई जाएगी।
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