DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Friday, November 13, 2020

परिषदीय स्कूलों की बंदी के दौरान वाट्सएप बना ऑनलाइन शिक्षा का सबसे बड़ा जरिया

परिषदीय स्कूलों की बंदी के दौरान वाट्सएप बना ऑनलाइन शिक्षा का सबसे बड़ा जरिया


लखनऊ : कोरोना आपदा में परिषदीय स्कूलों की बंदी के दौरान इन विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की ऑनलाइन शिक्षा के लिए वाट्स एप सबसे बड़ा माध्यम बना है। वहीं आनलाइन शिक्षा के लिए बहुप्रचारित दीक्षा एप से बच्चे और उनके अभिभावक दूरी बनाए हुए हैं।



सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय की ओर से इंटरएक्टिव वायस रिस्पांस सिस्टम (आइवीआरएस) के जरिये शिक्षकों और बच्चों व उनके अभिभावकों से हाल ही में की गई पूछताछ में यह तथ्य सामने आया है। 


आइवीआरएस के जरिये की गई पड़ताल में पता चला कि 98 फीसद शिक्षक बच्चों से वाट्स एप के जरिये जुड़े हैं। ऑनलाइन शिक्षा के लिए वाट्स एप सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला माध्यम है। हालांकि 20 फीसद अभिभावक ऐसे भी पाए गए जो बच्चों की पढ़ाई के लिए वाट्स एप का इस्तेमाल नहीं करते हैं।

No comments:
Write comments