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Wednesday, June 9, 2021

UPMSP UP Board Exam Result 2021: यूपी बोर्ड ने 10वीं और 12वीं के रिजल्ट के लिए 10 जून तक मांगे सुझाव

UPMSP UP Board Exam Result 2021: यूपी बोर्ड ने 10वीं और 12वीं के रिजल्ट के लिए 10 जून तक मांगे सुझाव

UPMSP UP Board Exam Result 2021 : कोरोना के कारण हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा निरस्त करने के बाद यूपी बोर्ड ने रिजल्ट का फॉर्मूला निर्धारित करने के लिए 10 जून की देपहर 2 बजे तक सुझाव मांगे हैं। बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल की ओर से मंगलवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार सभी हितधारक (छात्र, अभिभावक, शिक्षक एवं प्रधानाचार्य) अपने सुझाव ई-मेल upboardexamination2021@gmail.com पर भेज सकते हैं।


सचिव ने साफ किया है कि 10 जून की दो बजे तक प्राप्त सुझाव पर ही विचार किया जाएगा। इससे पहले 5 जून को माध्यमिक शिक्षा निदेशक और यूपी बोर्ड के सभापति विनय कुमार पांडेय ने 7 जून की दोपहर 12 बजे तक सुझाव मांगा था। हालांकि उस समय संयुक्त शिक्षा निदेशकों, उप शिक्षा निदेशकों और जिला विद्यालय निरीक्षकों से जिले के एक एक ख्यातिप्राप्त राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्तविहीन स्कूल के प्रधानाचार्य एवं शिक्षक अभिभावक संघ के एक पदाधिकारी से सुझाव लेने को कहा गया था।

लेकिन मंगलवार को बोर्ड ने सार्वजनिक रूप से हितधारकों से सुझाव मांग लिया। माना जा रहा है कि परिणाम घोषित होने पर कोई हितधारक आपत्ति करे उससे पहले सबको अवसर दिया जा रहा है ताकि बाद में विवाद की स्थिति न पैदा हो। यदि कोई परिणाम को हाईकोर्ट में चुनौती दे तो बोर्ड अपना पक्ष रखने की स्थिति में रहे।


यूपी बोर्ड : दो बार हैलो-हैलो और पूरी हो गई बच्चों की परीक्षा, जारी कर दिया अंक

विद्यालयों ने परीक्षा नहीं देने वालों की मोबाइल से बात करके पूरी कर ली परीक्षा
यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल, इंटरमीडिएट का बिना परीक्षा रिजल्ट जारी करने के लिए मांगे थे परीक्षाओं के अंक 


यूपी बोर्ड द्वारा छात्रों के नौवीं व ग्यारहवीं का रिजल्ट मांगे जाने के बाद बड़ी संख्या में स्कूलों ने नंबर देने में खेल कर दिया। स्कूलों ने छमाही ,वार्षिक परीक्षा में शामिल नहीं होने वाले छात्रों को पास करने का तरीका खोज निकाला। परीक्षार्थियों को सीधे फोन करके दो बार हैलो-हैलो किया और दो सवाल पूछकर उनके सभी विषयों का मूल्यांकन पूराकर अंक वेबसाइट पर अपलोड कर दिए। यही नहीं स्कूलों ने छात्रों के मोबाइल पर फोन करके छात्रों से कुछ सवाल पूछकर सभी विषयों में अंक देकर उन्हें पास भी कर दिया। 

ग्रामीण इलाकों के अधिकांश स्कूलों में 2020 में पूरे वर्ष कक्षाएं नहीं चलीं, तो पढ़ाई भी नहीं हुई। इसके बाद भी इन स्कूलों की ओर से मनमाने तरीके से वेबसाइट पर नंबर अपलोड कर दिए गए। अब यही नंबर हाईस्कूल, इंटरमीडिएट के छात्रों को परीक्षा की वैतरणी पार कराएंगे। शहर के एक नामी स्कूल के प्रधानाचार्य से जब बोर्ड की ओर से मांगे गए अंकों के बारे में बात की गई तो उनका था कि जो परीक्षाएं नहीं कराई गई थीं, उनके भी अंक विद्यालय की ओर से वेबसाइट पर भेज दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि घर बैठे बच्चों से मोबाइल पर दो सवाल पूछकर उन्हें नंबर दे दिए गए। 

शिक्षा विभाग एक बड़े अधिकारी की मानें तो यूपी बोर्ड से जुडे अधिकांश स्कूलों में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की प्री बोर्ड, छमाही की परीक्षाएं नहीं कराई गईं। स्कूलों ने परीक्षा के बिना ही बोर्ड की ओर से मांगे गए अंक वेबसाइट पर अपलोड कर दिए। इससे पहले नौवीं, ग्यारहवीं की परीक्षा भी स्कूलों ने नहीं कराई थी। स्कूलों ने बिना परीक्षा के ही नौवीं, ग्यारहवीं के अंक भेज दिए। स्कूलों की ओर से मनमाने तरीके से अंक भेजे जाने के बाद मेधावी छात्रों का कहना है कि मोबाइल पर दो सवाल पूछकर ही नंबर देने से उनके हित प्रभावित होंगे।

कोरोना संक्रमण के चलते प्रदेश सरकार ने यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षाएं निरस्त कर दी हैं। परीक्षा  निरस्त करने की आधिकारिक घोषणा से पहले बोर्ड सचिव की ओर से प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों से हाईस्कूल, इंटरमीडिएट के छात्रों के प्री बोर्ड, छमाही के अंक के साथ एक वर्ष पहले की परीक्षाओं अर्थात नौवीं और ग्यारहवीं के छमाही, वार्षिक परीक्षा के अंक मांगे गए थे। बोर्ड द्वारा अंक मांगे जाने के बाद स्कूलों ने बिना किसी परीक्षा के एक मोबाइल कॉल पर छात्रों की परीक्षा लेकर बोर्ड को नंबर भेज दिए।

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