यूपी बोर्ड हाईस्कूल विज्ञान व गृहविज्ञान में आंतरिक मूल्यांकन समाप्त, होगी प्रयोगात्मक परीक्षा, दोनों विषयों में अब तक अन्य विषयों की तरह होता था आंतरिक मूल्यांकन
अगले सत्र से नई व्यवस्था सुनिश्चित करने के बोर्ड सचिव ने दिए निर्देश
प्रयागराजः माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश (यूपी बोर्ड) ने हाईस्कूल स्तर पर विज्ञान एवं गृहविज्ञान विषय की प्रायोगिक परीक्षा को लेकर बड़ा बदलाव किया है। अब हाईस्कूल विज्ञान और गृह विज्ञान विषय में आंतरिक मूल्यांकन के स्थान पर प्रयोगात्मक परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। यूपी बोर्ड के प्रस्ताव पर राज्यपाल ने स्वीकृति प्रदान करते हुए परिषद विनियमों में संशोधन को मंजूरी दे दी है। इन दोनों विषयों में अगले सत्र की परीक्षा से प्रयोगात्मक परीक्षा आयोजित कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने जारी किए हैं।
माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा इस संबंध में पूर्व में शासन को पत्र प्रेषित कर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अधिनियम की धारा-16 (2) के अंतर्गत शासकीय स्वीकृति का अनुरोध किया गया था। शासन की स्वीकृति के बाद परिषद विनियमों के अध्याय-13 में संशोधन किया गया है।
संशोधित विनियम के अनुसार हाईस्कूल स्तर पर विज्ञान एवं गृहविज्ञान विषय को छोड़कर अन्य सभी विषयों में प्रयोगात्मक कार्यों का आंतरिक मूल्यांकन पूर्ववत पांच प्वाइंट स्केल ग्रेडिंग के आधार पर ही किया जाएगा। संशोधित व्यवस्था के तहत विज्ञान एवं गृह विज्ञान विषय में 30 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा परिषद द्वारा आयोजित कराई जाएगी। इस परीक्षा के प्राप्तांक और ग्रेड को प्रमाणपत्र/सह अंकपत्र में प्रदर्शित किया जाएगा।
पहले इन विषयों में प्रयोगात्मक कार्यों का आंतरिक मूल्यांकन पांच प्वाइंट स्केल ग्रेडिंग के आधार पर किया जाता था और 20 ग्रेड अंकपत्र में अंकित किए जाते थे, लेकिन अब यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। इस बदलाव के संबंध में माध्यमिक शिक्षा विभाग के सचिव कृष्ण कुमार गुप्ता ने यूपी बोर्ड सचिव को पत्र भेजा है।
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