यूपी बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले विद्यार्थियों के विवरण में संशोधन, छात्रों के नाम, विषय आदि की त्रुटियों में संशोधन के बाद जारी होंगे प्रवेश पत्र
7 फरवरी 2026
प्रयागराज। हाईस्कूल, इंटरमीडिएट यूपी बोर्ड परीक्षा 18 फरवरी से शुरू हो रही है। परीक्षा में शामिल होने वाले ऐसे छात्रों जिनके नाम, विषय, माता-पिता के नाम आदि में गड़बड़ी है, उसे यूपी बोर्ड संशोधन करने में जुटा है। ऐसे में परीक्षा के बाद होने वाली परेशानी से छात्रों को वेवजह बोर्ड का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। संशोधन के बाद छात्रों को संशोधित प्रवेश पत्र भी दिए जाएंगे। छात्रों के विवरण में त्रुटि से संशोधन के नाम पर होने वाली परेशानी बचाने के लिए यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने एक मौका देते हुए प्रदेश के सभी डीआईओएस को निर्देशित किया था कि आवश्यक प्रपत्रों के साथ 25 जनवरी तक प्रधानाचार्यों से संशोधन के लिए आवेदन पत्र प्राप्त कर लें।
साथ ही सभी प्रकरणों के परीक्षण के बाद अवशेष त्रुटियों, रिस्टोर व डिलीट का विद्यालयवार विवरण साक्ष्यों, अभिलेखों और अपनी संस्तुति के साथ 31 जनवरी तक अनिवार्य रूप से संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को उपलब्ध करा दें।
पांच क्षेत्रीय कार्यालयों प्रयागराज, मेरठ, वाराणसी, बरेली और गोरखपुर तमाम संशोधन के प्रकरण आए हैं। लेकिन बोर्ड के द्वारा संशोधन कार्य अभी नहीं किया जा सका है। उधर बोर्ड सचिव भगवती सिंह का कहना है कि विवरण में संशोधन के बाद परीक्षार्थियों को संशोधित प्रवेश पत्र भी जारी किए जाएंगे।
2026 में पंजीकृत छात्र-छात्राओं को यूपी बोर्ड ने शैक्षिक प्रपत्रों में सुधार का दिया आखिरी मौका
20 जनवरी 2026
लखनऊ। यूपी बोर्ड की परीक्षा 2026 में पंजीकृत छात्र-छात्राओं को बोर्ड ने शैक्षिक प्रपत्रों में सुधार का आखिरी मौका दिया है। इस अवसर के अन्तर्गत छात्र-छात्राएं नाम, जन्मतिथि, माता पिता के नाम में संशोधन करा सकेंगे। जेंडर व जाति में यदि कोई गलती की आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) को पत्र जारी किया है। इसमें 25 जनवरी तक सभी स्कूलों प्रधानाचार्यों को डीआईओएस कार्यालय में छात्र का शुद्ध आवेदन पत्र जमा कराना होगा।
माध्यमिक शिक्षा परिषद से पत्र जारी होने के डीआईओएस ने सभी स्कूलों के प्रधानाचार्य को पत्र भेजते हुए तय तिथि में कार्यालय को आवेदन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। ऐसा नहीं करने पर स्कूल और छात्र अपने गलत शैक्षिक प्रपत्र के लिए स्वयं जिम्मेदार होंगे।
प्रयागराज । हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में सम्मिलित होने वाले परीक्षार्थियों के विवरण बार-बार पोर्टल खोलने के बाद भी संशोधित नहीं किए जाने पर बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने नाराजगी जताई है। साथ ही परीक्षार्थियों के हित में उनके विवरण में संशोधन का अंतिम अवसर दिया है। जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे संशोधन संबंधी सभी आवश्यक प्रपत्र के साथ प्रधानाचार्य से 25 जनवरी तक आवेदनपत्र लेकर संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को 31 जनवरी तक भेजना सुनिश्चित करें, ताकि संशोधन की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
बोर्ड सचिव ने जिला विद्यालय निरीक्षकों को भेजे पत्र में कहा है कि कई जनपदों से प्रधानाचार्य एवं परीक्षार्थियों ने जानकारी दी है कि उनके कई विवरण में त्रुटियां संशोधित नहीं हुई हैं। इससे स्पष्ट है कि कुछ प्रधानाचार्यों ने अपने कार्य के प्रति लापरवाही बरतते हुए अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन नहीं किया, जिसके कारण परीक्षार्थियों को परेशानी हो रही है।
अब अंतिम अवसर देते हुए सचिव ने भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि शैक्षिक विवरण में किस-किस स्तर की त्रुटियां ठीक की जाएंगी। इनमें विद्यार्थी का विवरण रिस्टोर किया जाएगा, विद्यार्थी का विवरण डिलीट किया जाएगा, उनके नाम अथवा माता-पिता के नाम में वर्तनी त्रुटि ठीक की जा सकेगी। साथ ही विषय वर्ग में संशोधन, विद्यार्थी की जन्मतिथि, जेंडर एवं जाति में संशोधन किया जा सकेगा, लेकिन संशोधन के संबंध में साक्ष्य अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने होंगे। संशोधन के लिए आवश्यक प्रपत्र संलग्न कर उसका भलीभांति परीक्षण करते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक अपनी संस्तुति के साथ आवेदन पत्र क्षेत्रीय कार्यालय को उपलब्ध कराएंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर 25 जनवरी के बाद प्राप्त आवेदन पत्र मान्य नहीं किए जाएंगे।
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