प्राइमरी में मोबाइल से पढ़ाई पर रोक लगाने के लिए उप्र महिला आयोग की अध्यक्ष ने सभी डीएम को भेजा पत्र
लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की ओर से गुरुवार को सभी जिलों के डीएम को पत्र लिख कर प्राथमिक कक्षाओं में तत्काल मोबाइल फोन से पढ़ाई कराने जाने पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
गाजियाबाद में तीन बहनों के कोरियन लव गेम के चक्कर में आत्महत्या किए जाने के बाद मोबाइल की लत छुड़ाने के लिए यह आदेश जारी किया गया है।
उप्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता सिंह चौहान का कहना है कि विद्यार्थी मोबाइल के लती बन रहे हैं। प्राथमिक स्तर की कक्षाओं में पढ़ाई के लिए मोबाइल का उपयोग करने वाले बच्चे अनजान में कई खतरनाक मोबाइल गेम खेलने लगते हैं।
प्राथमिक विद्यालयों में ऑनलाइन कक्षाओं पर लगेगा प्रतिबंध, राज्य महिला आयोग ने जिलाधिकारियों को दिया निर्देश
लखनऊ। राज्य महिला आयोग ने सभी जिलाधिकारियों को प्राथमिक विद्यालयों में फोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध का निर्देश दिया है। यह कदम फोन की लत की वजह से गाजियाबाद में तीन सगी बहनों की आत्महत्या बाद उठाया गया है।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष की ओर से जारी आदेश में मोबाइल आधारित शैक्षणिक गतिविधियों और ऑनलाइन कक्षाओं को रोकने का निर्देश दिया है। अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने बताया कि शिक्षा के नाम पर लापरवाही देखने को मिलती है। कक्षा पांच तक के बच्चों में फोन की लत लगने का खतरा सबसे अधिक है।
ऐसे में समाज एवं शैक्षणिक व्यवस्थाएं सुधारने की जरूरत है। वर्तमान में स्कूलों की ओर से बच्चों के होमवर्क, असाइनमेंट एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियां अनिवार्य रूप से व्हाट्सएप ग्रुप अथवा अन्य डिजिटल माध्यमों से मोबाइल फोन पर भेजी जा रही हैं। इस पर रोक लगने की जरूरत है। उन्होंने गाजियाबाद जैसी घटना भविष्य में न हो इसके लिए उचित कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया। संवाद
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