यूपी बोर्ड से संचालित होंगे अभिनव स्कूल, नाम बदलकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय मॉडल इंटर कॉलेज किए जाने की मिली मंजूरी
राजकीय अभिनव विद्यालयों की बदली गई व्यवस्था, अब तक ये सभी स्कूल सीबीएसई से चलते थे
प्रयागराज। माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से प्रदेश के सभी 18 मंडल मुख्यालय वाले जिलों में अंग्रेजी माध्यम से संचालित पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकीय अभिनव विद्यालय अब यूपी बोर्ड से संचालित होंगे। अब तक ये सभी 18 स्कूल केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संचालित थे।
शासन के विशेष सचिव कृष्ण कुमार गुप्त की ओर से 11 मई को माध्यमिक शिक्षा निदेशक को जारी पत्र में इन स्कूलों के सीबीएसई की बजाय राजकीय माध्यमिक विद्यालयों की तरह यूपी बोर्ड से संचालित करने की अनुमति दी गई है। साथ ही इन 18 राजकीय अभिनव विद्यालयों के नाम भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय मॉडल इंटर कॉलेज किए जाने की मंजूरी दी गई है।
शिक्षा निदेशालय की ओर से 22 अगस्त 2024 और 21 अप्रैल 2026 को इस संबंध में प्रस्ताव भेजा गया था। यूपी बोर्ड ने 16 अप्रैल 2026 को संचालित करने की सहमति दी थी। व्यवस्था में बदलाव के पीछे कारण है कि एक तो माध्यमिक शिक्षा विभाग सीबीएसई मानकों के अनुसार मॉडल स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती नहीं कर पाता। इसके चलते समय-समय पर सीबीएसई को जवाब देना पड़ता है। दूसरे सीबीएसई हर पांच साल में स्कूलों से नवीनीकरण फीस के रूप में 25 हजार रुपये लेता है। सरकारी स्कूल होने के कारण विभाग के पास नवीनीकरण फीस के लिए कोई बजट नहीं होता।
वैसे भी यूपी बोर्ड में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) का पाठ्यक्रम लागू होने के कारण सीबीएसई और यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम में कोई अंतर नहीं रह गया है।
यूपी के 18 राजकीय अभिनव विद्यालय अब माध्यमिक शिक्षा परिषद के अधीन, नाम बदलकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय मॉडल इंटर कॉलेज किए जाने की भी मिली अनुमति
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में संचालित 18 राजकीय अभिनव विद्यालयों के संचालन को लेकर बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। माध्यमिक शिक्षा अनुभाग-7 द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब ये विद्यालय केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (CBSE), नई दिल्ली के स्थान पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज के अधीन संचालित किए जाएंगे।
11 मई 2026 को जारी पत्र में बताया गया है कि इस संबंध में पूर्व में जारी विभिन्न प्रस्तावों, पत्रों और तथ्यों पर विचार करने के बाद शासन स्तर पर यह निर्णय लिया गया। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि वर्ष 2015 के शासनादेश के अंतर्गत संचालित इन 18 राजकीय अभिनव विद्यालयों को अब प्रदेश में संचालित पंडित दीनदयाल उपाध्याय मॉडल इंटर कॉलेज/राजकीय माध्यमिक विद्यालयों की तर्ज पर माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश प्रयागराज से संचालित किया जाएगा।
इसके साथ ही इन विद्यालयों के नाम परिवर्तित कर “पंडित दीनदयाल उपाध्याय मॉडल इंटर कॉलेज” किए जाने की भी अनुमति प्रदान कर दी गई है। शासन के इस फैसले को प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस निर्णय का उद्देश्य विद्यालयों के संचालन में आ रही व्यावहारिक और प्रशासनिक कठिनाइयों को दूर करना तथा प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था के अनुरूप एकरूपता स्थापित करना है। इससे विद्यालयों के प्रबंधन, पाठ्यक्रम संचालन और प्रशासनिक नियंत्रण में बेहतर समन्वय स्थापित होने की उम्मीद जताई जा रही है।
आदेश जारी होने के बाद शिक्षा विभाग और संबंधित विद्यालयों में आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब इन विद्यालयों की शैक्षिक और प्रशासनिक गतिविधियां माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज के दिशा-निर्देशों के अनुसार संचालित होंगी।
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