DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Saturday, April 3, 2021

वाराणसी : संपूर्णानंद से डिग्री लेने वाले 26 शिक्षक होंगे बर्खास्त, बीएसए को एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई का निर्देश

वाराणसी : संपूर्णानंद से डिग्री लेने वाले 26 शिक्षक होंगे बर्खास्त, बीएसए को एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई का निर्देश

वाराणसी : संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी की फर्जी डिग्रियों के सहारे प्रदेश के 75 जिलों के प्राथमिक विद्यालयों में 1130 लोगों ने शिक्षक की नौकरी हासिल की है। इसमें जिले के परिषदीय विद्यालयों में नौकरी कर रहे 26 शिक्षकों की डिग्री फर्जी पाई गई है। जल्द ही इन शिक्षकों की सेवा समाप्त हो सकती है। 


संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से बीएड की डिग्री प्राप्त करने वाले इन शिक्षकों का खुलासा एसआईटी की जांच में हुआ है। एसआईटी ने जांच रिपोर्ट उच्च शिक्षा विभाग को दोषियों पर कार्रवाई के लिए भेज दी है। अब इन शिक्षकों को बर्खास्त कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

अनामिका शुक्ला मामले का खुलासा होने के बाद प्रदेश शासन ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी ने 2004 से 2014 के बीच प्राथमिक विद्यालयों में चयनित उन शिक्षकों के अभिलेखों का दोबारा सत्यापन कराया, जिन्होंने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से उपाधि हासिल की थी।

जिले में संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की डिग्री पर शिक्षक की नौकरी करने वाले 315 शिक्षकों का डाटा सत्यापन के लिए भेजा गया था, जिसमें  इनमें 28 की डिग्री फर्जी मिली थी, जबकि दो अभिलेख संदिग्ध की श्रेणी में रखे गए हैं। अब इन 28 फर्जी डिग्रियों में से 26 पर सप्ताह भर में कार्रवाई की गाज गिर सकती है।

पहले भी मिल चुके हैं कई फर्जी शिक्षक

संपूर्णानंद संस्कृत विवि के फर्जी अभिलेख के आधार पर नौकरी पाने का मामला पहले भी कई बार आ चुका है। मई 2020 में भी आगरा विश्वविद्यालय से डिग्री हासिल करने वाली पांच शिक्षिकाओं को बर्खास्त किया गया था। इसके अलावा एक पैन कार्ड व आधार कार्ड पर अन्य जिलों में नौकरी कर रहे शिक्षकों पर भी कार्रवाई हो चुकी है। 

शिक्षिका से हो सकती है साठ लाख की रिकवरी

सेवापुरी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय कपसेठी में नियुक्त सहायक अध्यापक अर्चना पांडेय को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने 31 मार्च को निलंबित कर दिया था। निलंबन के बाद बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी सेवापुरी डीपी सिंह को एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया है।

डीपी ने बताया कि शिक्षिका के खिलाफ शनिवार को एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसके साथ ही फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी करने को लेकर शिक्षिका से 60 लाख की रिकवरी नोटिस भी जारी होगी। 

फर्जी डिग्री पर नौकरी करने वाले सभी शिक्षकों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। साथ ही आहरित की गई धनराशि की रिकवरी होगी। - राकेश सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी

No comments:
Write comments