DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Wednesday, September 9, 2020

शिक्षा मंत्री निशंक बोले, 2030 से पहले पूर्ण साक्षरता के लक्ष्य को करना होगा हासिल।

शिक्षा मंत्री निशंक बोले, 2030 से पहले पूर्ण साक्षरता के लक्ष्य को करना होगा हासिल।

महिला साक्षरता की 60 फीसदी से कम दर वाले जिलों में  विशेष साक्षरता को लेकर विशेष मुहिम जाएगी चलाई


नई दिल्ली : देश में शत प्रतिशत साक्षरता के लक्ष्य को हासिल करने की मुहिम अब और तेज होगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने मंगलवार को कहा कि वर्ष 2030 से पहले शत प्रतिशत साक्षरता के लक्ष्य को हासिल करना होगा। विभागीय अधिकारियों से उन्होंने इसे लेकर मिशन मोड़ में मुहिम चलाने के निर्देश दिए। फिलहाल इस लक्ष्य को 2030 तक हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। 

शिक्षा मंत्री ने मिशन मोड़ में मुहिम चलाने के दिए निर्देश

केंद्रीय शिक्षा मंत्री निशंक मंगलवार को विश्व साक्षरता दिवस पर मंत्रालय में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस दौरान मंत्रालय की ओर से इसे लेकर तैयार किए जा रहे नए कार्यक्रम 'पढ़ना-लिखना अभियान' की भी जानकारी दी। जिसमें उन जिलों में विशेष साक्षरता को लेकर विशेष मुहिम चलाई जाएगी, जहां महिला साक्षरता का दर 60 फीसद से कम है। इसके साथ ही आकांक्षी जिलों में भी इस मुहिम को पूरी ताकत से चलाया जाएगा। हालांकि अब यह मुहिम सिर्फ साक्षरता तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसमें कौशल विकास, सामाजिक जुड़ाव जैसे गतिविधियों को प्रमुखता से जोड़ा जाएगा। 


पहली बार प्रौढ शिक्षा को लेकर तैयार होगा पाठ्यक्रम भी

इस बीच राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत देश में पहली बार प्रौढ़ शिक्षा का एक पाठ्यक्रम भी विकसित होगा। फिलहाल इसे लेकर एनसीईआरटी ने काम शुरु कर दिया है। इसके तहत अभी राष्ट्रीय पाठ्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जा रही है। वहीं प्रौढ़ शिक्षा के बदलावों पर निरंतर नजर रखने के लिए एनसीईआरटी के भीतर एक नई यूनिट भी स्थापित की जाएगी। मौजूदा समय में देश में साक्षरता करीब 78 फीसद है।

No comments:
Write comments