माध्यमिक शिक्षा विभाग में नागरिक घोषणा-पत्र का पालन अनिवार्य, प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
लखनऊ, 22 अगस्त। माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी, प्रधानाचार्य/प्रधानाचार्या तथा संबंधित शिक्षा परिषदों से जुड़े प्रकरणों के त्वरित एवं समयबद्ध निस्तारण को लेकर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) ने निर्देश जारी किए हैं।
19 अगस्त 2026 को जारी पत्र में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश जनहित गारंटी अधिनियम, 2011 के अंतर्गत विभिन्न सेवाओं के निस्तारण के लिए निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित किया जाए। पत्र में 5 मार्च 2025 को जारी निर्देशों का हवाला देते हुए नागरिक घोषणा-पत्र में निर्धारित समयावधि में विभिन्न प्रकरणों का निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके तहत माध्यमिक शिक्षा विभाग से संबंधित विभिन्न प्रकरणों के निस्तारण की दैनिक निगरानी एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही नागरिक घोषणा-पत्र में उल्लिखित राजकीय/अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक-शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, प्रधानाचार्यों/प्रधानाचार्याओं तथा संबंधित शिक्षा परिषदों से जुड़े प्रकरणों के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं।
पत्र में यह भी निर्देशित किया गया है कि प्रथम अपीलीय अधिकारी एवं द्वितीय अपीलीय अधिकारी के समक्ष लंबित प्रकरणों का विवरण 15 दिवस के भीतर संबंधित कार्यालय के मुख्य द्वार/प्रवेश द्वार के निकट बड़े अक्षरों में प्रदर्शित किया जाए। इसके लिए सूचना-पट्ट का प्रारूप नागरिक घोषणा-पत्र में अंकित कराए जाने को कहा गया है।
विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जनसामान्य के प्रकरणों सहित माध्यमिक शिक्षा विभाग से संबंधित विभिन्न मामलों का नियमों के अनुरूप समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करते हुए कार्यालय में नागरिक घोषणा-पत्र सूचना-पट्ट स्थापित कराया जाए। साथ ही इसकी स्थिति से विभाग को ई-मेल के माध्यम से अवगत कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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