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Thursday, August 6, 2026

विद्यालयों में प्रधानाचार्य के पद खाली, विभागों में भेजे अधिकारी, शिक्षक संघ ने आरोप लगाते हुए समूह ख अधिकारियों की पदस्थापना सूची को तत्काल रद्द करने की मांग की

विद्यालयों में प्रधानाचार्य के पद खाली, विभागों में भेजे अधिकारी, शिक्षक संघ ने आरोप लगाते हुए समूह ख अधिकारियों की पदस्थापना सूची को तत्काल रद्द करने की मांग की


लखनऊ। राजकीय शिक्षक संघ ने माध्यमिक शिक्षा विभाग में नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। संघ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इसमें नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। साथ ही 30 जुलाई को जारी समूह ख अधिकारियों की पदस्थापना सूची को तत्काल रद्द करने की मांग की है।


महामंत्री संघ के प्रांतीय सत्यशंकर मिश्रा व प्रांतीय संरक्षक रामेश्वर पांडेय ने कहा है कि पुरुष शिक्षकों को बालक विद्यालयों में और महिला शिक्षकों को बालिका विद्यालयों में तैनात किया जाना चाहिए। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इन नियमों का उल्लंघन किया है। पुरुष को बालिका विद्यालयों में और महिला अधिकारियों को बालक विद्यालयों में तैनात किया गया है। यह पूरी तरह गलत है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के काफी राजकीय बालक और बालिका विद्यालय प्रधानाचार्य विहीन हैं। इसके बावजूद समूह ख की पदोन्नति पाए कई अधिकारियों को विद्यालयों की जगह कार्यालयों में भेजा गया है। इनमें ऐसे कार्यालय भी शामिल हैं, जहां कोई खास काम तक नहीं है। संघ का आरोप है कि इससे राजकीय इंटर कॉलेजों में पठन-पाठन में सुधार नहीं हो पा रहा है।

छात्र-छात्राओं के नामांकन में भी वृद्धि नहीं हो रही है। राजकीय शिक्षक संघ ने पदस्थापना सूची की समीक्षा की मांग की है। संघ ने नियम विपरीत किए गए सभी तैनाती को तत्काल निरस्त करने को कहा है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे न्यायालय की शरण लेंगे। इसकी पूरी जवाबदेही शासन और माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की होगी।

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