आंध्र और कर्नाटक में बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंधित होगा
25% हैं राज्य की आबादी में 15 साल से कम उम्र के बच्चे
12 लाख छात्रों के लिए की जाएगी 'एआई ट्यूटर' की व्यवस्था
अमरावती/बेंगलुरु । आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में राज्य सरकारों ने नाबालिगों के सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। आंध्र प्रदेश में 13 साल, जबकि कर्नाटक में 16 साल से कम उम्म्र के बच्चे सोशल मीडिया नहीं चला सकेंगे। आंध्र प्रदेश ने 90 दिन (तीन माह) के भीतर नियम लागू करने की बात कही है, वहीं कर्नाटक ने अभी प्रतिबंध लागू होने की तारीख स्पष्ट नहीं की है। प्रतिबंध लागू होने पर ये दोनों राज्य ऐसा करने वाले देश के पहले राज्य बन जाएंगे।
शुक्रवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने विधानसभा में बजट भाषण के दौरान कहा कि बच्चों पर मोबाइल का इस्तेमाल करने से होने वाले बुरे असर को रोकने के मकसद से प्रतिबंध लागू किया जाएगा। उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों और विश्ववविद्यालयों में ड्रग्स का इस्तेमाल को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की भी बात कही। सिद्धरमैया ने कहा कि छात्रों के स्वास्थ्य और भविष्य निर्माण की चिंता के साथ सरकार जागरूकता कार्यक्रमों के अलावा स्कूल-कॉलेजों में काउंसिलिंग सेंटर भी स्थापित करेगी। हालांकि, मुख्यमंत्री ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया कि प्रतिबंध कबसे लागू होगा।
दूसरी ओर, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि राज्य में 13 साल से कम उम्र के बच्चों बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंधित होगा। कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि प्रदेश में 13 साल से कम उम्र के बच्चे सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं कर सकें। उन्होंने बताया कि 90 दिन के भीतर प्रदेश में यह प्रतिबंध लागू हो जाएगा।
उम्र 16 वर्ष तक करने पर चल रहा विचारः आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि राज्य सरकार इस पहलू पर विचार कर रही है कि आयुसीमा 13 ही रखी जाए या इसे बढ़ाकर 16 वर्ष किया जाए। बताया कि तीन माह में अंतिम निर्णय होते ही प्रतिबंध लागू हो जाएगा।
जल्द तैयार होगी विशेष योजना
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने एक सवाल के जवाब में बताया कि स्कूलों, कॉलेजों और घरों में बच्चों के सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर रोक को लेकर नियमावली बनाई जाएगी। कहा कि इसे लेकर एक विशेष योजना बनाई जा रही है। अंतिम रूप दिए जाते ही इसकी जानकारी दी जाएगी।
संसद में भी जताई जा चुकी चिंताः जनवरी जनवरी में संसद में पेश किए गए केंद्र सरकार के आर्थिक सर्वे में भी बच्चों में बढ़ रही डिजिटल लत को लेकर चिंता जताई गई थी।
एआई एआई डिजिटल डिजिटल ट्यूटर ट्यू
बेंगलुरु। शिक्षा में एआई तकनीक के इस्तेमाल को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि आईआईटी धारवाड़ की मदद से 'सेल्फ लर्निंग डिजिटल ट्यूटर' सुविधा दी जाएगी। कक्षा आठ से 12वीं तक के करीब 12.28 लाख छात्रों को इसका लाभ मिलेगा। इस पर सरकार पांच करोड़ रुपये खर्च करेगी।
एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत दुनिया का सबसे बड़ा स्मार्टफोन बाजार है। देश में 75 करोड़ मोबाइल फोन हैं, जबकि एक अरब के करीब इंटरनेट उपयोगकर्ता है। मेटा के लिहाज से भारत दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है। यहां फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप के उपयोगकर्ताओं की संख्या दुनिया में सबसे अधिक है।
समान रूप से लागू होनियम : मेटा
नई दिल्ली। कर्नाटक द्वारा 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध की घोषणा के बाद, मेटा ने शुक्रवार को कहा कि इस तरह के प्रतिबंधों से किशोर कम सुरक्षित, और अनियमित साइटों की ओर जा सकते हैं। ऐसा कोई भी निर्णय लेने से पहले सरकारों को सावधानी बरतनी चाहिए। मेटा ने कहा कि वह प्रतिबंधों का पालन करेगी। मेटा ने कहा कि किशोर हर हफ्ते 40 ऐप इस्तेमाल करते है, इसलिए कुछ चुनिंदा कंपनियों को निशाना बनाने से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी।
दुनियाभर में कई देश कस रहे नकेल
कहा-कहां लगाम
ऑस्ट्रेलिया: पिछले साल दिसंबर में ऑस्ट्रेलिया ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया।
फ्रांसः इस साल जनवरी में 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन का कानून पारित हो गया।
स्पेनः स्पेन सरकार ने भी हाल ही में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए ऐसे ही प्रतिबंध का प्रस्ताव रखा है। इस पर जल्द फैसला लिया जाएगा।
ब्रिटेन: वर्तमान में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए प्रतिबंध पर जनता की राय चल रही है।
नार्वे: यहां पर 15 साल से कम उम्र वालों के लिए सोशल मीडिया बैन का प्रस्ताव पेश किया गया है, जल्द ही कानून बनने की उम्मीद है।
अमेरिका: वर्जीनिया और फ्लोरिडा राज्यों ने एक घंटे की समयसीमा तय की है। 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए माता-पिता की सहमति अनिवार्य है।
डेनमार्क: डेनमार्क में 15 साल से कम उम्र पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। हालांकि माता-पिता की अनुमति से 13 साल तक के बच्चे कुछ ऐप चला सकेंगे
चीन: यहां माइनर मोड प्रोग्राम लागू है, जो उम्र के हिसाब से स्क्रीन टाइम और ऐप के इस्तेमाल को सीमित करता है।
इंटरनेट और डेटा केंद्र सरकार के आईटी मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, इसलिए कर्नाटक सरकार को भारत के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 के साथ इस राज्य-स्तरीय बैन को जोड़ना होगा। इससे पहले, राज्य सरकार विधानसभा में एक नया विधेयक पेश करेगी या मौजूदा आईटी नियमों में
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