24 वर्ष बाद बढ़ेगा यूपी बोर्ड परीक्षा उत्तरपुस्तिकाओं के अंकेक्षकों का पारिश्रमिक, एक रुपये से बढ़ाकर 14 रुपया प्रति कापी करने की तैयारी
यूपी बोर्ड से मिला प्रस्ताव शिक्षा निदेशक ने विशेष सचिव को भेजा
एक रुपये प्रति उत्तरपुस्तिका था, 14 रुपये करने की तैयारी
प्रयागराजः यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा की मूल्यांकित उत्तरपुस्तिकाओं का रेंडम अंकेक्षण (आडिट) करने वाले अंकेक्षकों का पारिश्रमिक एक रुपये से बढ़ाकर 14 रुपया प्रति कापी करने की तैयारी की गई है। इसी के साथ बाह्य परीक्षकों का दैनिक भत्ता 20 रुपया से बढ़ाकर 100 रुपये करने का प्रस्ताव भी माध्यमिक शिक्षा निदेशक डा. महेंद्र देव ने विशेष सचिव माध्यमिक शिक्षा को भेजा है। इसके पहले वर्ष 2001 में अंकेक्षकों के पारिश्रमिक में वृद्धि कर एक रुपया प्रति उत्तरपुस्तिका किया गया था।
वर्ष 2026 की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में प्रधानाचार्यों को इस उद्देश्य से यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने अंकेक्षक बनाया, ताकि मूल्यांकन गुणवत्तापूर्ण हो। कई प्रधानाचार्यों ने इसका विरोध किया, लेकिन बोई ने निष्पक्ष और गुणवत्ता पूर्ण मूल्यांकन के लिए इसे जरूरी बताया। इधर, अंकेक्षकों का पारिश्रमिक एक रुपया प्रति उत्तरपुस्तिका होने को बहुत कम मानते हुए बोर्ड सचिव ने इसमें वृद्धि कर 14 रुपया प्रति उत्तरपुस्तिका किए जाने का प्रस्ताव शिक्षा निदेशक को भेजा था।
इसी के साथ परीक्षा संबंधी कार्यों के लिए बाह्य केंद्र परीक्षकों को देय दैनिक भत्ते की सीमा बढ़ाए जाने का प्रस्ताव भी भेजा गया था। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने बाह्य परीक्षकों का दैनिक भत्ता 'ए' शहरों के लिए 20 रुपया प्रतिदिन (अधिकतम 300 रुपया) से बढ़ाकर 100 रुपया प्रतिदिन (अधिकतम 1500 रुपया), 'बी' एवं 'सी' श्रेणी के शहरों के लिए 16 रुपया (अधिकतम 240 रुपया) से बढ़ाकर 80 रुपया प्रतिदिन (अधिकतम 1200 रुपया) करने का प्रस्ताव विशेष सचिव को भेजा है। स्वीकृति मिलते ही पारिश्रमिक और दैनिक भत्ता बढ़ा दिया जाएगा।
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