दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने कक्षा में रील्स और शॉर्ट वीडियो बनाने पर लगाई रोक, शिक्षकों पर भी नियम लागू
🔴 पढ़ाई का माहौल बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश।
🔴 शैक्षणिक सामग्री अनुमति से, आपत्तिजनक सामग्री प्रतिबंधित।
दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने दिल्ली के स्कूलों में पढ़ाई के दौरान रील्स और शॉर्ट वीडियो बनाने पर सख्त रोक लगा दी है। यह कदम पढ़ाई के माहौल को प्रभावित करने वाली शिकायतों के बाद उठाया गया है। निर्देश में छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को कक्षा के घंटों में ऐसे वीडियो बनाने से मना किया गया है।
नई दिल्ली। स्कूलों में पढ़ाई के दौरान रील्स और शार्ट वीडियो बनाने के बढ़ते चलन पर अब सख्ती शुरू हो गई है। शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि कक्षा के घंटों में विद्यार्थी, शिक्षक या कर्मचारी किसी भी तरह के रील्स या शार्ट वीडियो न बनाएं।
निदेशालय ने कहा कि स्कूल परिसर में मनोरंजन के लिए वीडियो बनाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं, जिससे पढ़ाई का माहौल प्रभावित हो रहा है। ऐसे में सभी स्कूल प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया गया है कि वे इस तरह की गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाएं।
केवल शिक्षा पर फोकस दिलाना उद्देश्य
निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि कोई भी गतिविधि जो पढ़ाई-लिखाई में बाधा डाले या विद्यार्थियों का ध्यान भटकाए, उसे पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए। साथ ही स्कूलों की गरिमा और अनुशासन बनाए रखना जरूरी है और फोकस केवल शिक्षा पर होना चाहिए।
हालांकि, विभाग ने यह भी कहा है कि शैक्षणिक, सांस्कृतिक या जागरूकता से जुड़े कंटेंट को अनुमति दी जा सकती है, लेकिन इसके लिए पहले संबंधित प्राधिकरण की मंजूरी लेनी होगी और शिक्षक की निगरानी में ही ऐसी गतिविधि होनी चाहिए।
नियम उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी
साथ ही यह भी साफ किया गया है कि स्कूल परिसर में किसी भी तरह का आपत्तिजनक, गैर-शैक्षणिक या प्रमोशनल कंटेंट रिकार्ड नहीं किया जाएगा। सभी स्कूलों को यह निर्देश तुरंत लागू करने और विद्यार्थियों व कर्मचारियों तक जानकारी पहुंचाने को कहा गया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि निर्देशों का उल्लंघन गंभीरता से लिया जाएगा।
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