प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों, अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) व निजी डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों के साथ शिक्षणेतर कर्मचारियों को भी मिलेगी कैशलेस चिकित्सा सुविधा
70 हजार से अधिक कर्मचारियों को मिलेगा इसका लाभ
उच्च शिक्षा विभाग ने जारी किया उच्च शिक्षा निदेशक को निर्देश
लखनऊ। प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों, अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) व निजी डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों के साथ ही शिक्षणेतर कर्मचारियों को भी कैशलेस चिकित्सा की सुविधा मिलेगी। कर्मचारियों को यह सुविधा दिए जाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। इसमें कर्मचारी व परिजनों को एक साल में पांच लाख तक के निशुल्क इलाज की सुविधा मिलेगी।
उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव शकील अहमद सिद्दीकी ने उच्च शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर कर्मचारियों का ब्योरा व इस सुविधा देने से आने वाले अनुमानित खर्च की जानकारी मांगी है। यह जानकारी 20 मई तक शासन को देनी है।
उन्होंने कहा है कि राज्य विश्वविद्यालयों में नियमित के साथ-साथ सेल्फ फाइनेंस कोर्स के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलेगा। इससे लगभग 70 हजार कर्मचारी लाभान्वित होंगे। पिछले महीने राज्य विश्वविद्यालयों, सरकारी व निजी डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों को तो कैशलेस चिकित्सा की सुविधा देने का आदेश जारी कर दिया था किंतु इसमें से शिक्षणेत्तर कर्मचारी छूट गए थे। ऐसे में कर्मचारी संगठनों ने कर्मचारियों को भी इस योजना में शामिल करने की मांग उठाई थी।
इसी क्रम में उच्च शिक्षा विभाग की ओर से राज्य विश्वविद्यालयों, एडेड व निजी डिग्री कॉलेजों के कर्मचारियों को भी इसका लाभदिलाने के लिए कवायद शुरू की गई है।
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