69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पर टिकीं निगाहें, आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शन
लखनऊ : परिषदीय विद्यालयों में 69 हजार शिक्षकों की भर्ती मामले में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने दंडवत प्रणाम करते हुए धरना दिया। उनका कहना था कि वे छह साल से न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक समाधान नहीं निकला है। इस मामले में अगली सुनवाई 19 मई को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपांकर दत्ता और जार्ज मसीह की बेंच में होनी है। सरकार इसमें अपना पक्ष पर रख देती है तो मामले का जल्द समाधान हो सकता है।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे धनंजय गुप्ता ने कहा कि इस मामले की पहली सुनवाई सितंबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट में हुई थी। इसके बाद लगातार तारीखें मिल रही हैं, लेकिन मामले का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से नहीं रख रही, जिससे मामला लटकता जा रहा है। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट, मुख्यमंत्री द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट और लखनऊ हाई कोर्ट की डबल बेंच का फैसला उनके पक्ष में है। इसके बावजूद न्याय नहीं मिल रहा।
अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमण्डल ने बेसिक शिक्षा मंत्री को दिया ज्ञापन, मिला आश्वासन
69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का तपती सड़क पर लेटकर प्रदर्शन
लखनऊ । प्राइमरी स्कूल की 69 हजार शिक्षक भर्ती के सुप्रीम कोर्ट में याची बने आरक्षित अभ्यर्थी सोमवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे भीषण गर्मी में तपती सड़क पर लेट-लेट कर बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास पहुंचे। अभ्यर्थियों ने 20 मिनट तक लेटकर प्रदर्शन किया और खूब नारेबाजी की। हाथ, पैर व पेट सड़क की गर्मी से तप गया। बेहाल अभ्यर्थी पसीने से तर-बतर हो गए। बेहाल अभ्यर्थियों को पुलिस ने पानी पिलाया।
सूचना मिलते ही बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने अभ्यर्थियों के प्रतिनिधि मंडल को बुलाकर वार्ता की। अभ्यर्थियों ने उन्हें ज्ञापन देकर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को होने वाली सुनवाई पर बात की। अभ्यर्थियों कहा कि प्रदेश सरकार याची लाभ का प्रस्ताव पेश कर ने इस मामले का निस्तारण करे। मंत्री अभ्यर्थियों के प्रस्ताव पर सहमति और आश्वासन दिया। इसके बाद पुलिस ने इन्हें बस में बैठाकर इको गार्डन भिजवाया। पिछड़ा दलित संयुक्त मोर्चा के प्रदेश मीडिया प्रभारी राजेश चौधरी का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में 31 बार यह मामला सूचीबद्ध हो चुका है, लेकिन किसी भी तारीख में सरकार अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित नहीं हुई। अब फिर मंगलवार को सुनवाई होनी है।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे रामविलास, सुमित यादव, धनंजय गुप्ता, अमित, विक्रम ने बताया कि अभ्यर्थी न्याय के लिए बीते छह साल से याची बनकर न्याय मांग रहे हैं। चार दिसंबर 2018 को 69000 सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन मांगे गए। छह जनवरी 2019 परीक्षा हुई। एक जून 2020 को परिणाम जारी हुआ। आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थी 19000 आरक्षण सीट पर अनियमितता का आरोप लगाकर हाईकोर्ट चले गए
इतनी बार अभ्यर्थियों ने किया प्रदर्शन
मुख्यमंत्री आवास का घेराव-छह बार
डिप्टी सीएम के आवास का घेराव व प्रदर्शन- 10 बार
बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव 10 से अधिक बार
पूर्व शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी के आवास का घेराव-8 बार
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