DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Saturday, November 7, 2020

फतेहपुर : शिक्षकों के ‘सम्मान का काम भूल गया विभाग

फतेहपुर : शिक्षकों के ‘सम्मान का काम भूल गया विभाग


बेसिक शिक्षा विभाग शिक्षकों के सम्मान को प्राथमिकता देना बिसर गया है। शिक्षक दिवस के मौके पर विभाग ने सभी ब्लॉकों से उत्कृष्ट शिक्षकों की सूची तलब की थी। इनका सम्मान डीएम के द्वारा किया जाना था लेकिन विभाग दो माह बाद भी उदासीन है। पिछले वर्ष सर्वाधिक नामांकन वाले विद्यालयों के शिक्षकों का सम्मान का सफर कागज से निकलकर हकीकत नहीं बन सका।




जनवरी 2019 में तत्कालीन डीएम आंजनेय सिंह ने उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित कर उनका मान बढ़ाया था। बीएसए शिवेन्द्र प्रताप सिंह ने इस वर्ष भी शिक्षक दिवस के मौके पर सभी ब्लॉकों से ऐसे पांच शिक्षकों की सूची मांगी थी जिनकी सेवा आला दर्जे की हो। इस पर अधिकांश बीईओ ने निर्धारित समय पर सूची मुख्यालय भेजकर चयनित शिक्षकों को सूचित कर दिया। शिक्षक दिवस बीतने के बाद करीब दो माह बाद भी विभाग ने इस मसले पर चुप्पी साध रखी है। सूत्र बताते हैं कि विभाग के रवैये से शिक्षकों में नाराजगी है। उनका तर्क है कि यदि सम्मान नहीं करना था तो फिर इसके लिए कदम भी नहीं बढ़ाए जाने चाहिए।


पिछले वर्ष भी यही था हाल


गत सत्र में बेसिक शिक्षा निदेशक ने कहा था कि सभी जिलों में उन विद्यालयों के शिक्षकों का सम्मान किया जाएगा जो नामांकन के मामले में अव्वल रहे हों। जिले में भी इस आदेश का प्रचार प्रसार किया गया लेकिन जब सम्मान की बात आई तो विभाग पीछे हट गया। ब्लॉकों से सूची जाने के बाद भी सर्वाधिक नामांकन वाले विद्यालयों के शिक्षकों का सम्मान नहीं किया गया।

No comments:
Write comments