DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Sunday, July 18, 2021

यूपी बोर्ड के स्कूलों में हाईस्कूल व इंटर के रिजल्ट के बाद ऑफलाइन पढ़ाई की तैयारी

यूपी बोर्ड के स्कूलों में हाईस्कूल व इंटर के रिजल्ट के बाद ऑफलाइन पढ़ाई की तैयारी

लखनऊ : माध्यमिक शिक्षा परिषद ने ऑफलाइन पढ़ाई के लिए एक बार फिर स्कूलों के माध्यम से अभिभावकों की सहमति मांगी है। बताया जा रहा है कि कक्षा 10 व 12 का परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद कक्षा नौ से 12 तक की ऑफलाइन पढ़ाई शुरू की जाएगी। इसका प्रस्ताव शासन को भी सौंपना है।

कोरोना के चलते नए शैक्षणिक सत्र में स्कूल ऑफलाइन पढ़ाई के लिए एक दिन भी नहीं खुले। गत सत्र में भी स्कूल महीनों बंद रहे। इस बार तो 10 और 12 की बोर्ड परीक्षा भी रद्द करनी पड़ी। परीक्षा परिणाम तैयार करने में स्कूलों की विभिन्न परीक्षाओं के अंक न होने के चलते दिक्कतें भी आ रही हैं। इस बार इसको देखते हुए नया एकेडमिक कैलेंडर भी तैयार किया गया है। वहीं माध्यमिक शिक्षा परिषद इस बार स्कूलों को जल्दी खोलने का विचार कर रहा है, ताकि छात्रों की पढ़ाई सुचारु हो सके। कक्षा नौ से 12 तक के छात्रों की पढ़ाई को ऑफलाइन माध्यम से पटरी पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। इसलिए एक बार फिर ऑफलाइन पढ़ाई के लिए स्कूल खोले जाने पर अभिभावकों से सहमति मांगी गई है। इससे पहले जून में भी अभिभावकों की सहमति मांगी गई थी। अमीनाबाद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य साहब लाल मिश्रा ने बताया कि विभाग ने दोबारा सहमति मांगी है।


40 फीसदी तक अभिभावकों ने दी है सहमति
अब तक स्कूलों द्वारा भेजी रिपोर्ट के मुताबिक करीब 40 फीसदी अभिभावकों ने स्कूल खोले जाने और छात्रों की ऑफलाइन पढ़ाई शुरू करने की सहमति दी है। स्कूलों के अनुसार बोर्ड ने जो सूचना मांगी थी उसे अभिभावकों के मोबाइल पर भेज दिया गया था। स्कूलों के अनुसार निजी वित्तविहीन स्कूलों में अभिभावकों की सहमति 50 प्रतिशत को भी पार कर गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा अभिभावकों की सहमति प्राप्त हुई है। इन क्षेत्रों के छात्रों की पढ़ाई इंटरनेट सेवा व मोबाइल आदि संसाधन न होने से प्रभावित हो रही है। राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य धीरेंद्र मिश्रा ने बताया कि जो ग्रुप से जुड़े थे उनसे सहमति मागी गई। करीब 38 प्रतिशत अभिभावकों ने सहमति दी है। अमीनाबाद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य साहब लाल मिश्रा ने बताया कि जिनके पास स्मार्ट मोबाइल हैं वे ही सहमति दे पाए। ऐसे अभिभावकों की संख्या करीब 30 प्रतिशत है। जीजीआईसी सरोसा भरोसा की वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. वंदना तिवारी ने बताया कि उनके यहां करीब 80 फीसदी अभिभावक सहमत दिखे। अवध कॉलेजिएट के प्रबंधक सर्वजीत सिंह ने बताया कि 40 फीसदी से ज्यादा अभिभावकों ने सहमति दे दी है। जल्द ही सहमति 55 फीसदी से भी ज्यादा को पार कर जाएगी। पॉयनियर मोंटेसरी स्कूल की प्रधानाचार्या शर्मिला सिंह ने बताया कि 40 फीसदी अभिभावकों ने सहमति दी है। वहीं अनएडेड प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने बताया कि अभिभावक चाहते हैं कि ऑफलाइन पढ़ाई शुरू हो। सरकार फिलहाल ऑफलाइन पढ़ाई शुरू करा दें। जब उसे लगे कि विपरीत परिस्थितियां आने वाली हैं तो कुछ समय के लिए दोबारा बंद करा सकती है।

No comments:
Write comments