सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के अनुदान भुगतान की व्यवस्था बदली, 18 क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को बनाया गया आहरण एवं वितरण अधिकारी
क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को मिली बड़ी जिम्मेदारी
लखनऊ। प्रदेश सरकार ने सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों और अनुदानित विश्वविद्यालयों को मिलने वाले अनुदान के भुगतान की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। वित्त विभाग ने शनिवार को जारी दो अलग-अलग शासनादेशों के माध्यम से प्रदेश के सभी 18 क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को नई वित्तीय जिम्मेदारियां सौंप दी हैं। इसके साथ ही पूर्व में जारी तीन पुराने शासनादेश भी निरस्त कर दिए गए हैं।
नई व्यवस्था के तहत प्रदेश के 18 क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को उनके अधीन आने वाले सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों और अनुदानित विश्वविद्यालयों के लिए आहरण एवं वितरण अधिकारी (डीडीओ) नामित किया गया है। सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के अनुदान के लिए डीडीओ कोड 4566 तथा अनुदानित विश्वविद्यालयों के लिए 4570 आवंटित किया गया है।
वित्त विभाग ने एक अन्य शासनादेश में सभी क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी कार्यालयों के स्थापना संबंधी व्यय के लिए भी एक समान व्यवस्था लागू कर दी है। पहले अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग डीडीओ कोड लागू थे, लेकिन अब सभी 18 क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी कार्यालयों के लिए एक समान डीडीओ कोड 4571 निर्धारित किया गया है। इसके लिए वर्ष 1998 तथा तीन फरवरी 2026 के शासनादेश निरस्त कर दिए गए हैं।
नई व्यवस्था के तहत आगरा, कानपुर, गोरखपुर, झांसी, बरेली, मेरठ, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, चित्रकूटधाम-बांदा, अयोध्या, देवीपाटन-गोंडा, बस्ती, विंध्याचल-मिर्जापुर, आजमगढ़, मुरादाबाद, सहारनपुर और अलीगढ़ मंडलों के क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को उनके अधिकार क्षेत्र के सभी जिलों के सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के अनुदान भुगतान का अधिकार दिया गया है।
संबंधित क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी अनुदान संबंधी देयकों की शुद्धता, महालेखाकार कार्यालय से आंकड़ों के मिलान तथा आहरण एवं वितरण अधिकारी के सभी दायित्वों के निर्वहन के लिए व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होंगे।
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