DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Sunday, December 13, 2020

यूपी बोर्ड : दो स्तरों पर बनेगी डिबार वाले स्कूलों की सूची, बोर्ड हर साल जारी करता है डिबार स्कूलों की सूचना

यूपी बोर्ड : दो स्तरों पर बनेगी डिबार वाले स्कूलों की सूची, बोर्ड हर साल जारी करता है डिबार स्कूलों की सूचना

प्रयागराज : यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2021 में पहली बार दो स्तर पर डिबार स्कूलों की सूची बनाई जाएगी । पिछले साल तक बोर्ड अपनी तरफ से डिबार स्कूलों की लिस्ट जारी करता था जिसमें सामूहिक नकल, पुनः परीक्षा, पेपर लीक, अर्ह छात्रों फॉर्म अग्रसारित करने जैसे गंभीर प्रकरणों पर स्कूलों को केंद्र नहीं बनाया जाता था पूर्व की परीक्षा में जिलों से मिली शिकायत और संस्तुतियों के आधार पर डिबार करने का निर्णय परीक्षा समिति की बैठक में लिया जाता था।


इस बार केंद्र निर्धारण नीति के अनुसार उन स्कूलों को केंद्र नहीं बनाया जाना है जहां वर्ष 2020 की परीक्षा में के निरीक्षण के समय गंभीर अनियमितता, हिंसात्मक या आगजनी की घटना आदि हुई हो या परीक्षा केंद्र के बाहर उत्तर पुस्तिकाएं लिखते हुए पकड़ने आदि का तथ्य संज्ञान में आया हो। ऐसे विद्यालयों के असुरक्षित वातावरण एवं अनुपयुक्तता की अनुभूत स्थिति के मद्देनजर, डिबार मानते हुए 2021 में परीक्षा केंद्र न बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सचिव यूपी बोर्ड दिव्यकांत शुक्ल ने 3 दिसंबर को सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को पत्र लिखकर परीक्षा के दौरान हुई अनियमितताओं की रिपोर्ट 15 दिसंबर तक मांगी है । जानकारों की मानें तोइस साल डीआईओएस को अधिकार मिलने के कारण मनमानी और विवाद भी बढ़ने की आशंका है। जिन स्कूलों को बिना किसी पुख्ता प्रमाण के डिबार किया जाएगा वे हाईकोर्ट जाएंगे।


यूपी बोर्ड सालों से परीक्षा कराता आ रहा है। हर प्रक्रिया के लिए | कायदे-कानून बने हुए स्कूलों को डिबार करने के लिए डीआईओएस र है। से समानान्तर सूची मांगने से विसंगतियां पैदा होगी और परीक्षा पारदर्शी तरीके से होने में बाधा आएगी। -सुरेश कुमार त्रिपाठी, शिक्षक विधायक

No comments:
Write comments