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Sunday, June 21, 2026

यूपी बोर्ड अंग्रेजी माध्यम में भी उपलब्ध एनसीईआरटी की पुस्तकें कराएगा, हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के 36 विषयों की पुस्तकें हिंदी के साथ अंग्रेजी माध्यम में भी होंगी मुद्रित

यूपी बोर्ड अंग्रेजी माध्यम में भी उपलब्ध एनसीईआरटी की पुस्तकें कराएगा, हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के 36 विषयों की पुस्तकें हिंदी के साथ अंग्रेजी माध्यम में भी होंगी मुद्रित

21 जून 2026
प्रयागराज। माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने शैक्षिक सत्र 2027-28 से विद्यार्थियों को बड़ी सुविधा देने का निर्णय लिया है। अब हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्तर के विभिन्न विषयों की एनसीईआरटी व परिषद की तरफ से विकसित पुस्तकें हिंदी के साथ-साथ अंग्रेजी माध्यम में भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

सचिव भगवती सिंह ने जारी आदेश में कहा है कि हाईस्कूल (कक्षा नौ व 10) के अंग्रेजी, विज्ञान, गणित और सामाजिक विज्ञान व इंटरमीडिएट (कक्षा 11 व 12) के अंग्रेजी, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, गणित, इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, व्यवसाय अध्ययन, लेखाशास्त्र, मनोविज्ञान और गृहविज्ञान समेत कुल 36 विषयों की 70 एनसीईआरटी आधारित और 12 परिषद विकसित पुस्तकों को प्रदेश के विद्यालयों में उपलब्ध कराया जाएगा।

अब तक परिषद की पुस्तकें मुख्य रूप से हिंदी माध्यम में ही मुद्रित होती थीं। इस वजह से अंग्रेजी माध्यम के छात्रों को अध्ययन सामग्री के लिए बाजार से महंगी पुस्तकें खरीदनी पड़ती थीं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों को भी सस्ती दरों पर पाठ्यपुस्तकें मिलेंगी।

परिषद ने यह भी स्पष्ट किया है कि आगामी शैक्षिक सत्र के लिए पुस्तक विक्रेताओं व संस्थाओं को निर्धारित नियमों और शर्तों के तहत डीलरशिप प्रदान की जाएगी, जिससे पुस्तकों की उपलब्धता प्रदेशभर में सुनिश्चित की जा सके।




अब अंग्रेजी में भी मिलेंगी यूपी बोर्ड की एनसीईआरटी की किताबें, प्रदेश के लगभग ढाई लाख विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ

21 मई 2026
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को बड़ी राहत देने की तैयारी की है। लंबे समय बाद यूपी बोर्ड अब अंग्रेजी माध्यम के छात्रों के लिए एनसीईआरटी आधारित पाठ्य पुस्तकों का प्रकाशन अंग्रेजी भाषा में कराने जा रहा है। इस फैसले से प्रदेश के करीब ढाई लाख विद्यार्थियों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।


अब तक यूपी बोर्ड में अंग्रेजी माध्यम से अध्ययन करने वाले छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के दौरान सबसे बड़ी समस्या अंग्रेजी माध्यम की पुस्तकों की उपलब्धता को लेकर होती थी। विद्यालयों में पढ़ाई अंग्रेजी माध्यम से होती थी, लेकिन किताबें प्रायः हिंदी माध्यम में ही उपलब्ध कराई जाती थीं। ऐसे में विद्यार्थियों को बाजार से महंगी निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदनी पड़ती थीं।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद विद्यार्थियों को कम कीमत पर अंग्रेजी माध्यम की एनसीईआरटी पुस्तकें आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी। हर वर्ष 50 से 52 लाख छात्र-छात्राएं पंजीकरण कराते हैं। इनमें एक लाख से अधिक विद्यार्थी अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करते हैं। परिषद ने इन्हीं छात्रों की जरूरत को देखते हुए शैक्षिक सत्र 2026-27 से अंग्रेजी माध्यम की पुस्तकों के प्रकाशन की तैयारी शुरू की है।

परिषद के अनुसार कक्षा नौ, 10, 11 और 12 के विभिन्न विषयों की एनसीईआरटी पाठ्य पुस्तकें प्रदेश के राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्त विहीन मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी। खास बात यह है कि ये पुस्तकें बाजार में उपलब्ध निजी प्रकाशकों की पुस्तकों की तुलना में काफी सस्ती होंगी।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को सबसे अधिक फायदा मिलेगा। अभी तक सीबीएसई पैटर्न की अंग्रेजी माध्यम की किताबें निजी बाजार में महंगे दामों पर मिलती थीं, जिसके कारण कई छात्र पूरी पुस्तकें खरीदने में सक्षम नहीं हो पाते थे। यूपी बोर्ड की ओर से कम कीमत पर पुस्तकें उपलब्ध कराए जाने से छात्रों का आर्थिक बोझ कम होगा।


अभी तक हिंदी माध्यम की पुस्तकों का ही प्रकाशन कराया जाता था, लेकिन अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों की समस्याओं को देखते हुए अब अंग्रेजी भाषा में भी एनसीईआरटी पुस्तकों का प्रकाशन कराया जाएगा। इससे छात्रों को अध्ययन सामग्री प्राप्त करने में काफी सुविधा होगी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। -भगवती सिंह, सचिव, उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद

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