पीएम मोदी की अध्यक्षता में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े सुधारों पर होगा मंथन, 11 जून को होगी नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक
राज्यों की आर्थिक प्रगति की रफ्तार कैसे बढ़े, इस पर भी विमर्श
नई दिल्ली: देश में पेपर लीक की घटनाओं के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। यह बैठक 11 जून को नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की होगी और इसमें शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। इस बैठक में वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लिए आवश्यक मानव संसाधन विकास, बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा, सेकेंडरी स्तर की शिक्षा व्यवस्था, और बच्चों की एक्स्ट्रा कैरीकुलर गतिविधियों यानी खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और लीडरशिप कार्यक्रम आदि को लेकर किस तरह की नीति बनाई जाए, इस पर चर्चा होगी। साथ ही इस पर भी विमर्श होगा कि किस तरह से राज्यों में नियमों व व्यवस्थाओं को ज्यादा से ज्यादा उदारवादी बनाकर आर्थिक प्रगति की रफ्तार तेज की जाए।
बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों के भाग लेने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में पेपर लीक से संबंधित मुद्दे सीधे तौर पर शामिल नहीं होंगे, लेकिन कुछ मुख्यमंत्रियों द्वारा इस विषय को उठाए जाने की संभावना है।
सभी राज्यों को पहले ही यह संदेश दिया गया है कि शिक्षा क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी, ताकि मुख्यमंत्री अपने सुझाव प्रस्तुत कर सकें। मुख्य रूप से, विकसित भारत के लक्ष्यों के अनुसार मौजूदा शिक्षा व्यवस्था में बदलाव और केंद्र तथा राज्यों के बीच सामंजस्य पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
कांग्रेस शासित राज्यों के नए मुख्यमंत्रियों जैसे कि केरल और कर्नाटक द्वारा पेपर लीक के मुद्दे को लेकर सरकार को असहज करने का प्रयास किया जा सकता है। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद हो रही इस बैठक में बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय पहली बार भाग ले सकते हैं।
सूत्रों का कहना है कि इस बैठक को मई, 2026 में पीएम मोदी की उनके मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों और सभी राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ हुई अलग-अलग बैठकों के संदर्भ में भी देखना चाहिए। उक्त बैठकों में मोदी ने पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न चुनौतियों को दूर करने के लिए रिफार्म एक्सप्रेस व विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्यों के स्तर पर कारोबार करने की राह की अड़चनों को दूर करने को प्राथमिकता के तौर पर लेने की बात कही थी।
मुख्य सचिवों की बैठक में कई ऐसे फैसले किए गए थे जिनको लेकर अब मुख्यमंत्रियों के साथ विमर्श किया जाएगा। इसमें वामपंथी हिंसा से मुक्त कराये गए जिलों व क्षेत्रों के लिए विशेष कार्यक्रम व योजनाओं को लागू करना भी शामिल है।
No comments:
Write comments