प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में प्रवेश में देरी तो रजिस्ट्रार होंगे जिम्मेदार, उच्च शिक्षा विभाग सत्र नियमित करने को लेकर सख्त
लखनऊ। प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में नए सत्र 2026-27 में सत्र नियमितीकरण पर जोर होगा। उच्च शिक्षा विभाग ने इस बार शैक्षिक कैलेंडर में सत्र नियमितीकरण को लेकर जिम्मेदारी तय की है। विभाग ने कहा है कि अगर समय से प्रवेश कार्य नहीं होता है तो संबंधित विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार और समय से परीक्षा न होने पर परीक्षा नियंत्रक को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी।
विभाग ने कहा है कि इंटर के परिणाम 15 मई और पीजी के 15 जून तक आ जाते हैं। सभी प्रकार के प्रवेश 25 जुलाई तक पूरे कर लिए जाएं। यदि सीयूईटी आदि परीक्षाओं के परिणम के कारण विद्यार्थी प्रवेश नहीं ले पाते हैं तो ऐसे विद्यार्थियों के लिए सीटें खाली होने पर प्रवेश की अनुमति विश्वविद्यालय दे सकता है। ताकि शैक्षिक कैलेंडर न प्रभावित हो।
उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव शकील अहमद सिद्दीकी ने कहा है कि प्रवेश कार्य निर्धारित समय में पूरा कराने का उत्तरदायित्व कुलसचिव का है। किसी भी प्रकार की देरी के लिए कुलसचिव की व्यक्तिगत जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी। इसी प्रकार उन्होंने कहा है कि सेमेस्टर परीक्षाएं दो बार आयोजित की जाएंगी।
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