विश्वविद्यालयों-कॉलेजों में भी खुलेंगे कौशल विकास केंद्र, यूपी कौशल विकास मिशन करेगा पहल, महिला कॉलेजों में प्राथमिकता पर खोले जाएंगे केंद्र
लखनऊ। प्रदेश में युवाओं के कौशल विकास का दायरा और बढ़ेगा। इसके तहत आईटीआई व माध्यमिक विद्यालयों के बाद अब राज्य विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में भी कौशल विकास केंद्र खोले जाएंगे। उप्र कौशल विकास मिशन खुद इसके लिए पहल करेगा। जरूरत के अनुसार वह ट्रेनिंग पार्टनर व बजट भी मुहैया कराएगा।
ज्यादा से ज्यादा युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर उनको रोजगार से जोड़ने के लिए उप्र कौशल विकास मिशन की ओर से इस साल यह नई पहल शुरू की जा रही है। इससे राज्य विश्वविद्यालयों-महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण दिया जाएगा। खासकर महिला कॉलेजों में कौशल विकास केंद्र खोले जाएंगे ताकि छात्राओं उनको स्वरोजगार व रोजगार के लिए पूरी तरह से तैयार किया जा सके।
और हाल ही में कौशल विकास मिशन मुख्यालय में हुई उच्च स्तरीय बैठक में इस पर सहमति बनी है। इसमें कहा गया कि युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों, महाविद्यालयों विश्वविद्यालयों में कौशल विकास कार्यक्रमों के संचालन के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाए। इसके बाद यूनिवर्सिटी-कॉलेजों के साथ बैठक कर इसे लागू करने की चर्चा की जाए ताकि स्नातक स्तर के युवाओं को भी अत्याधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा सके।
वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि पहले चरण में राजकीय यूनिवर्सिटी व डिग्री कॉलेजों में कौशल विकास केंद्र खोले जाएंगे। मिशन पहले यूनिवर्सिटी-कॉलेजों को केंद्र शुरू करने और संचालन का प्रस्ताव देगा। अगर यूनिवर्सिटी या कॉलेज असमर्थता जताते हैं तो मिशन ट्रेनिंग पार्टनर से छात्रों को कौशल प्रशिक्षण दिलाएगा।
इस साल 10 लाख युवाओं को देंगे प्रशिक्षण
राज्य सरकार ने इस बार यूपी कौशल विकास मिशन का बजट बढ़ाकर 1000 करोड़ से ज्यादा कर दिया है। ऐसे में अब तक जहां हर साल दो लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा था। यह आंकड़ा पांच गुना बढ़कर 10 लाख हो गया है। कौशल विकास मिशन ने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रशिक्षण का दायरा आईटीआई व माध्यमिक से बढ़ाकर उच्च शिक्षण संस्थानों तक करने की तैयारी की है।
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