कहीं नौकरी करते हुए या दूसरा नियमित कोर्स करने वाले छह प्रशिक्षुओं के डीएलएड प्रमाणपत्र निरस्त, शिकायत पर सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने की कार्रवाई
प्रयागराज। ये तीनों मामले तो सिर्फ बानगीभर हैं। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय एलनगंज ने पिछले चार महीनों में छह ऐसे प्रशिक्षुओं के डीएलएड प्रमाणपत्र निरस्त कर दिए हैं जिन्होंने कहीं नौकरी करते हुए या कोई दूसरा नियमित कोर्स के दौरान डीएलएड भी किया है। फरहत अहमद ने तो बेसिक शिक्षा अधिकारी रामपुर का फर्जी जाति प्रमाण पत्र लगाकर बीटीसी प्रशिक्षण कर लिया था। शिकायत सही मिलने पर शामली।
केस 1
बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय मुजफ्फरनगर में जिला समन्वयक के पद पर कार्यरत रहते हुए अंकुर कुमार ने डीएलएड का प्रशिक्षण प्राप्त किया गया। इस अनियमितता की शिकायत होने पर परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने मेरठ के निजी बीटीसी कॉलेज से अंकुर कुमार को जारी डीएलएड बैच-2018 का प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया।
केस 2
कार्यालय मुख्य चिकित्साधिकारी, मीरजापुर में कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत रहते हुए सुप्रिया मिश्रा ने बीटीसी का प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया। इसकी शिकायत पुष्ट होने पर चन्दौली के निजी बीटीसी कॉलेज से जारी बीटीसी बैच-2015 का प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया गया। मुजफ्फरनगर के निजी बीटीसी कॉलेज की ओर से जारी बीटीसी बैच-2014 का प्रमाणपत्र निरस्त किया गया है।
इसी प्रकार उच्च प्राथमिक विद्यालय वाजिदपुर शिक्षा क्षेत्र कोयलसा, आजमगढ़ में अनुदेशक पद पर कार्यरत रहते हुए सुनील कुमार यादव ने बीटीसी का प्रशिक्षण प्राप्त किया था। पिछले दिनों सुनील को भी निजी बीटीसी
केस 3
कौशाम्बी के ग्राम-समरहटा में पंचायत सहायक के पद पर कार्यरत रहते हुए नूतन शुक्ला ने डीएलएड का प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया। शिकायत मिलने और उसकी पुष्टि होने पर नूतन को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) कौशाम्बी से जारी डीएलएड बैच-2022 का प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया गया है। ऑपरेटर ने अवैध तरीके से हासिल किया प्रमाणपत्र कौशाम्बी के पंचायत सहा. का प्रमाणपत्र भी निरस्त
कॉलेज-गाजीपुर की ओर से जारी बीटीसी बैच-2013 का प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया गया। यही नहीं बीटीसी प्रशिक्षण और एलएलबी की शैक्षिक योग्यता साथ-साथ प्राप्त करने के कारण कीर्ति नन्दा को निजी बीटीसी कॉलेज-कासगंज, एटा से जारी बीटीसी बैच 2014 का प्रमाणपत्र निरस्त किया गया है।
परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी ने नौकरी या पढ़ाई के साथ एक ही समय में बीटीसी/डीएलएड प्रशिक्षण करने वाले अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र निरस्त करने की पुष्टि की है।
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