DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बाँदा बांदा बागपत बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर लख़नऊ वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Sunday, November 30, 2025

यूपी में निजी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षको की शैक्षिक अर्हता की जांच होगी, बिना अर्हता ही शिक्षक रखने की शिकायत पर एनसीटीई की ओर से दिए गए जांच के आदेश

यूपी में निजी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षको की शैक्षिक अर्हता की जांच होगी, बिना अर्हता ही शिक्षक रखने की शिकायत पर एनसीटीई की ओर से दिए गए जांच के आदेश


75 जिलों में जिला विद्यालय निरीक्षक निजी स्कूलों की शुरू करेंगे पड़ताल


लखनऊ। यूपी में सभी निजी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों की शैक्षिक अर्हता की जांच कराई जाएगी। मानक विपरीत बिना अर्हता के शिक्षकों से पढ़ाई पर राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने नाराजगी जताई है। माध्यमिक शिक्षा विभाग अब सभी जिलों में इन विद्यालयों के शिक्षकों की जांच कर रिपोर्ट देगा।


एनसीटीई को इस मामले में झांसी के रहने वाले राहुल जैन की ओर से साक्ष्यों के साथ शिकायत की गई है, जिसमें कई निजी स्कूलों में शिक्षक बिना डीएलएड, बीएड, सीटीईटी, टीईटी पास किए बिना ही निजी स्कूलों में पढ़ाई करा रहे हैं।

एनसीटीई के अनिवार्य मानकों का पालन न किए जाने से तमाम निजी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। ऐसेमें अबसभी जिलों में जिला विद्यालय निरीक्षक निजी स्कूलों के शिक्षकों की अर्हता का ब्योरा खंगालेंगे। मानकों के विपरीत मिलने पर शिक्षक बाहर किए जाएंगे। प्रबंधतंत्र सेजवाब-तलब होगा।


मुख्य सचिव तक पहुंची मामले की शिकायत

निजी स्कूलों में बिना अर्हता शिक्षक रखने का मामला मुख्य सचिव एसपी गोयल और अपर मुख्य सचिव बेसिक व माध्यमिक शिक्षा तक पहुंचा है। एनसीटीई के पत्र के बाद शिक्षा विभाग ने जिलों में इसकी जांच कराने का निर्णय लिया। अब शासन की सख्ती के बाद जिलों में जांच शुरू होगी।

No comments:
Write comments