शासन की अनुमति बिना किए गए संबद्धीकरण समाप्त करने पर सख्ती जारी, मांगी रिपोर्ट
प्रदेश के शिक्षा विभाग में बिना अनुमति हुए संबद्ध पर गंभीर रुख अपनाते हुए विद्यालय शिक्षा निदेशक (मा०) ने सभी समस्त सम्बन्धित अधिकारियों को कड़ा निर्देश जारी किया है। 13 नवंबर 2025 को जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि कई अध्यापक, अधिकारी और कर्मचारी बिना शासन की अनुमति अपने मूल तैनाती स्थल से हटकर अन्य स्थानों पर कार्य कर रहे हैं। जानकारी न मिलने के कारण विभाग के समक्ष स्थिति अस्पष्ट बनी हुई है और कई विद्यालयों में शैक्षणिक दायित्व प्रभावित हो रहे हैं।
पत्र में कहा गया है कि यदि किसी अध्यापक, अधिकारी या कर्मचारी को शासन की स्वीकृति के बिना संबद्ध किया गया है, तो ऐसे सभी कर्मियों को तत्काल प्रभाव से उनके मूल तैनाती स्थल पर वापस भेजा जाए। यह भी निर्देश दिया गया है कि जहाँ विद्यालय संचालित नहीं हैं या शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं और विद्यालय संचालन बाधित है, वहाँ समायोजन हेतु शासन से अनुमति प्राप्त कर प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए। जिन विद्यालयों में शिक्षक तो हैं लेकिन उनकी तैनाती वैध नहीं है तथा विद्यालय संचालन प्रभावित है, वहाँ भी अनुमन्य प्रक्रिया के अनुरूप समायोजन प्रस्ताव मांगे गए हैं।
निदेशक ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी कार्यवाही तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित की जाए और अनुपालन रिपोर्ट आज ही निर्धारित ईमेल पर भेजी जाए। विभाग ने चेताया है कि बिना अनुमोदन के जारी हुए आदेशों को मान्य नहीं माना जाएगा और शैक्षणिक व्यवस्थाओं को बाधित करने वाले किसी भी अवैध समायोजन या तबादले पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
यह कदम उन लगातार मिल रही शिकायतों के बाद उठाया गया है जिनमें बताया जा रहा था कि कई जिलों में शिक्षक व कर्मचारी मनमाने ढंग से समायोजन आदेश जारी करवा लेते हैं, जबकि वास्तविक रूप से विभाग को इसकी जानकारी नहीं रहती। शिक्षा विभाग ने इस कार्रवाई को विद्यालयों में शैक्षणिक अनुशासन बहाल करने और पारदर्शिता लाने के लिए आवश्यक बताया है।
प्रयागराज/लखनऊ। शासन ने बिना अनुमति किए गए शिक्षकों और कर्मचारियों के संबद्धीकरण (अटैचमेंट) आदेशों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि ऐसे सभी कार्मिकों को तुरंत उनके मूल तैनाती अपर मुख्य सचिव बेसिक स्थान पर वापस भेजा जाए। आदेश के एवं माध्यमिक शिक्षा ने जारी किया आदेश
अनुपालन में माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेन्द्र देव ने प्रदेश के सभी मंडलीय माध्यमिक संयुक्त शिक्षा निदेशकों को निर्देशित किया है कि संबद्धीकरण समाप्त करने या यथावत रखने से संबंधित जानकारी निर्धारित प्रपत्र पर उपलब्ध कराएं।
निदेशक ने कहा कि ऐसे विद्यालय जहां पद सृजित नहीं हैं और विद्यालय संचालन के लिए अध्यापकों को संबद्ध किया गया है, वहां पठन-पाठन प्रभावित न हो इसके लिए संबद्धीकरण को अस्थायी रूप से जारी रखने का प्रस्ताव शासन को औचित्य सहित भेजा जा सकता है। इस कार्रवाई का उद्देश्य शिक्षा विभाग में अनधिकृत संबद्धीकरण की प्रवृत्ति पर नियंत्रण करना और शिक्षण व्यवस्था को नियमित करना है।
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