अब मोबाइल की लत छुड़ाएंगे, चुने जाएंगे टॉप-5 स्टूडेंट रीडर, परिषदीय स्कूलों में समाचार पत्र और किताबें पढ़ने पर दिया जाएगा जोर
लखनऊ। बच्चों में मोबाइल के अत्यधिक प्रयोग की आदत कम करने और पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग नया कदम उठाएगा। प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में अब टॉप-5 स्टूडेंट रीडर चुने जाएंगे। इसके अलावा हर विद्यालय में 'रीडर ऑफ द वीक' भी चुना जाएगा। स्कूलों में समाचार पत्र और प्रेरक पुस्तकें पढ़ने के लिए विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को दस खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की समीक्षा बैठक हुई। इसमें उन्होंने बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल, आत्मरक्षा, कला और क्राफ्ट जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। विद्यार्थियों को इन गतिविधियों में दक्ष बनाने के लिए प्रोफेशनल कोच की मदद ली जाएगी। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं को खेलों में जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कराया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि परिषदीय स्कूलों में समाचार पत्र खरीदने के लिए बजट उपलब्ध कराया जा रहा है। अब यह सुनिश्चित किया जाएगा कि विद्यार्थी नियमित रूप से समाचार पत्र और किताबें पढ़ें। बैठक में बताया गया कि 25,790 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किए जा चुके हैं।
मंत्री ने इनके प्रभावी उपयोग के लिए निगरानी तंत्र मजबूत करने के निर्देश दिए। छात्रों के संज्ञानात्मक, सामाजिक-भावनात्मक और शारीरिक विकास की निगरानी के लिए समग्र प्रगति पत्र लागू किया गया है, जिसे अपार आईडी और प्रेरणा पोर्टल से जोड़ा जा रहा है।
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