माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की तैयारी, मांगी गई जानकारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त, अशासकीय सहायता प्राप्त संस्कृत, स्ववित्तपोषित माध्यमिक तथा स्ववित्तपोषित संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की तैयारी शुरू हो गई है। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा अनुभाग-8 की ओर से महानिदेशक स्कूल शिक्षा को पत्र भेजकर आवश्यक सूचनाएं तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
अनु सचिव रचना जायसवाल की ओर से 24 सितंबर 2026 को जारी पत्र में कहा गया है कि यह प्रकरण शीघ्र ही मंत्रिपरिषद के समक्ष प्रस्तुत किया जाना प्रस्तावित है। शासन ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा के लिए प्रति कार्मिक अनुमानित 3,000 रुपये वार्षिक प्रीमियम की दर से संभावित वार्षिक वित्तीय व्ययभार की जानकारी मांगी है।
शासन ने संबंधित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की पात्र अनुमानित संख्या तथा उनके आधार पर अनुमानित वार्षिक व्ययभार निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराने को कहा है। यह सूचना शासन को उसी दिन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे।
प्रस्ताव लागू होने पर संबंधित शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के साथ उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल सकेगा। फिलहाल यह मामला मंत्रिपरिषद के समक्ष प्रस्तावित है, इसलिए सुविधा लागू होने की अंतिम स्थिति मंत्रिपरिषद के निर्णय के बाद स्पष्ट होगी।
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