पॉक्सो पर विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए प्रदेशव्यापी अभियान शुरू, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की पहल, स्कूलों में विस्तार से दी जाएगी अधिनियम की जानकारी
लखनऊ। उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने शुक्रवार से लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (पॉक्सो) के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए प्रदेशव्यापी विशेष अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को पॉक्सो के विधिक प्रावधानों, अधिकारों, दायित्वों और उल्लंघन के कानूनी परिणामों की जानकारी देना है।
अभियान सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश व राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति विक्रम नाथ के नेतृत्व और इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश व उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक न्यायमूर्ति अरुण भंसाली एवं वरिष्ठ न्यायाधीश व कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है।
अभियान के तहत विद्यार्थियों, विशेषकर किशोरों व युवाओं को बताया जा रहा है कि कानून में 18 वर्ष से कम आयु के प्रत्येक व्यक्ति को बच्चा माना गया है और उसकी सहमति को कानूनी मान्यता नहीं है।
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