यूपी में 7867 उच्च शिक्षण संस्थान नैक मूल्यांकन से दूर, 8021 उच्च शिक्षण संस्थानों में केवल 154 का नैक मूल्यांकन
नैक की नई प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं संस्थान
लखनऊ: प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता की जांच करने वाली राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) की पहुंच अधिकांश संस्थानों तक नहीं हो सकी है। यूपी के 8021 उच्च शिक्षण संस्थानों में केवल 154 संस्थान नैक से मूल्यांकित हैं, जिससे 7867 संस्थान अभी नैक के मूल्यांकन से बाहर हैं। बड़ी संख्या में संस्थान मूल्यांकन की प्रक्रिया में शामिल होने के इंतजार में हैं। नैक ने पुरानी ग्रेड आधारित व्यवस्था को बदल दिया है, लेकिन नई प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है।
24 राज्य विश्वविद्यालयों और एक डीम्ड विश्वविद्यालय में 13 संस्थान नैक से मान्यता प्राप्त हैं। निजी विश्वविद्यालयों में 52 में 11 संस्थान नैक से मूल्यांकित हैं और 41 अभी इस प्रक्रिया से बाहर हैं। महाविद्यालयों की संख्या अधिक है, और सरकारी, सहायता प्राप्त व स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों की बड़ी संख्या के कारण नैक मूल्यांकन का दायरा बढ़ाना चुनौतीपूर्ण है।
उच्च शिक्षा के अधिकांश संस्थानों के पास नैक के निर्धारित मानकों पर बाहरी मूल्यांकन का प्रमाण नहीं है। नैक में संस्थान की पढ़ाई, शिक्षण व्यवस्था, शोध, आधारभूत सुविधाएं, विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाएं, प्रशासन और अन्य शैक्षिक गतिविधियों का मूल्यांकन किया जाता है। इससे संस्थान को अपनी कमियों और सुधार की जरूरत वाले क्षेत्रों की पहचान करने में मदद मिलती है।
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