यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए 8033 परीक्षा केंद्र फाइनल, अंतिम सूची जारी
यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए 8033 परीक्षा केंद्र फाइनल, अंतिम सूची जारी, देखें और करें डाउनलोड
प्रयागराज : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं के लिए परीक्षा केंद्रों की अंतिम सूची जारी कर दी है। परीक्षा प्रदेश के 8033 केंद्रों पर होगी। परिषदीय केंद्र निर्धारण समिति की 24 दिसंबर को हुई बैठक में अनुमोदन के बाद राज्यभर में 8033 परीक्षा केंद्र अंतिम रूप से निर्धारित किए गए हैं। इसको लेकर परिषद के सचिव भगवती सिंह द्वारा पत्र जारी कर दिया गया है।
पहले चरण में प्रदेशभर में 7448 परीक्षा केंद्र प्रस्तावित किए गए थे। इन पर विभिन्न स्तरों से 3053 आपत्तियां प्राप्त हुईं। जिला स्तरीय समितियों ने इन आपत्तियों की जांच की और उनका समाधान किया।
ज्यादातर केंद्रों का समाधान दूर बनाए गए केंद्र और क्षमता से अधिक परीक्षार्थियों के आवंटन जैसे प्रकरणों पर हुआ। जारी सूची में न केंद्र बढ़ाए गए और न ही काटे गए हैं। अंतिम रूप से तय किए गए परीक्षा केंद्रों की सूची परिषद की आधिकारिक वेबसाइट के साथ-साथ परिषद के एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट और फेसबुक अकाउंट पर भी अपलोड कर दी गई है।
यूपी बोर्ड परीक्षा 18 फरवरी से प्रारंभ होकर 12 मार्च तक आयोजित की जाएगी। इस वर्ष हाईस्कूल परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए 27,50,945 छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया है, जबकि इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए 24,79,352 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इस प्रकार कुल 52,30,297 छात्र-छात्राएं यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में शामिल होंगे।
यूपी बोर्ड को मिलीं तीन हजार से अधिक शिकायतें, 28 दिसंबर तक इनका निस्तारण कर 30 दिसंबर को परीक्षा केंद्रों की अंतिम सूची जारी करने की तैयारी
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए कई जिलों में परीक्षा केंद्र बीस से लेकर 49 किमी दूर तक भेज दिया है। इसके अलावा अधिक छात्र आवंटित करने, छात्रों की कम संख्या देने, परीक्षा केंद्र न बनाए जाने की तीन हजार से अधिक शिकायतें माध्यमिक शिक्षा परिषद को प्राप्त हुई हैं।
इनका निस्तारण 28 दिसंबर तक करने के बाद 30 दिसंबर को परीक्षा केंद्रों की फाइनल सूची जारी करने की तैयारी में यूपी बोर्ड जुट गया है। यूपी बोर्ड ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए 7448 विद्यालयों को ऑनलाइन परीक्षा केंद्र घोषित किया था। इनमें 910 राजकीय, 3484 एडेड और 3054 वित्त विहीन विद्यालय शामिल थे। छात्रों की कुल संख्या 52,30,297 है।
उधर, जनपदीय समितियों ने ऑनलाइन बनाए गए केंद्रों की संख्या बढ़ा कर 8033 कर दी जिसमें 910 राजकीय स्कूलों की संख्या कम कर 596, एडेड 3484 स्कूलों की संख्या कम कर 3453 कर दी। जबकि, 3054 वित्त विहीन स्कूलों की संख्या बढ़ाकर 3984 कर दी गई।
माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट के प्रदेश संरक्षक हरि प्रकाश यादव का कहना है कि प्रयागराज में परीक्षा केंद्र बनाए गए एडेड स्कूलों को बिना किसी कारण के काट कर वित्त विहीन स्कूलों को परीक्षा केंद्र बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि छात्र संख्या एडेड स्कूलों में कम कर वित्त विहीन में बढ़ाने का खेल हुआ है।
परीक्षा केंद्र बनाए जाने, लंबी दूरी पर केंद्र भेजे जाने, छात्र संख्या कम करने सहित प्रदेश भर से 3053 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। प्रयास है कि 28 दिसंबर तक इनका निस्तारण कर 30 दिसंबर को केंद्रों की अंतिम सूची जारी कर दी जाए। –भगवती सिंह, सचिव, माध्यमिक शिक्षा परिषद
केस एक
प्रदेश के लगभग हर जिले से लंबी दूरी पर सेंटर भेजे जाने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। हालांकि, इसमें एक जिले में इंटरमीडिएट कॉलेज के छात्रों का सेंटर 49 किमी दूर भेजे जाने की शिकायत आई है। आरोप है कि तीन किमी की दूरी पर परीक्षा केंद्र होने के बावजूद भी इतनी दूर केंद्र बना दिया गया है। यह माध्यमिक शिक्षा परिषद के मानकों के विपरीत है।
केस दो
प्रयागराज जिले में ऑनलाइन केंद्रों के निर्धारण में एडेड स्कूल परीक्षा केंद्र बनाए गए। इसमें 15 से अधिक स्कूल ऐसे हैं जिन्हें बिना किसी कारण के दूसरी सूची में हटाकर वित्त विहीन स्कूलों को परीक्षा केंद्र बना दिया गया। इसकी शिकायत माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट के नेताओं ने की है।
केस तीन
प्रयागराज जिले में ऑनलाइन सेंटर निर्धारण में एडेड स्कूलों में छात्र संख्या को दूसरी सूची में कम कर वित्त विहीन स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ा दी गई। चर्चा है कि ऐसा विभागीय अधिकारियों व वित्त विहीन स्कूलों के प्रबंधकों की साठगांठ की वजह से हुआ है। इसकी शिकायत भी प्राप्त हुई है।
केस चार
गाजीपुर, आजमगढ़, बलिया जिलों से परीक्षा केंद्र न बनाए जाने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। कोई अधिक छात्र आवंटित होने की शिकायत कर रहा है तो कोई इस बार विद्यालय को परीक्षा केंद्र न बनाए जाने का मुद्दा उठा रहा है। शिकायत करने वालों में अधिकतर वित्त विहीन स्कूलों के प्रधानाचार्य शामिल हैं।
यूपी बोर्ड परीक्षा: जनपदीय समितियों ने केंद्र की सूची में बढ़ा दिए 930 वित्तविहीन स्कूल
बोर्ड परीक्षा में छात्रों की संख्या दो लाख कम होने के बावजूद भी 585 केंद्रों की बढ़ोतरी
प्रयागराज। यूपी बोर्ड परीक्षा-2026 के लिए ऑनलाइन बनाए गए 7448 केंद्रों के लिए 8707 आपत्तियां दर्ज की गई हैं। डीएम की अध्यक्षता में जनपदीय परीक्षा निर्धारण समितियों ने आपत्तियों के निस्तारण के बहाने 314 राजकीय और 31 एडेड स्कूलों के केंद्रों की संख्या कम कर 930 वित्तविहीन अन्य स्कूलों की संख्या बढ़ा दी हैं। ऐसे में वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षा में छात्रों की संख्या दो लाख कम होने के बावजूद भी 585 केंद्र बढ़ गए हैं।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए 7448 विद्यालयों को केंद्र घोषित किया है। इनमें 910 राजकीय, 3484 एडेड तथा 3054 वित्त-विहीन स्कूल शामिल थे। छात्रों की संख्या 52,30,297 हैं।
वर्ष 2025 के 54,37,174 विद्यार्थी होने के बावजूद भी 7,657 ही सेंटर बनाए गए थे। इसमें 940 राजकीय, 3,512 एडेड और 3,205 वित्तविहीन स्कूलों की संख्या शामिल हैं। इस बार छात्रों की संख्या कम होने के बावजूद भी केंद्रों की संख्या बढ़ाने पर जनपदीय समितियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
केंद्रों की संशोधित सूची बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड हो चुकी है। 22 दिसंबर तक विद्यालयों, छात्रों, अभिभावकों, प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों को दोबारा आपत्तियां दर्ज करने का अवसर परिषद ने दिया है।
सचिव भगवती सिंह ने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद 30 दिसंबर को अंतिम केंद्रों की फाइनल सूची जारी कर दी जाएगी।
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के लिए 8033 केंद्र बनाए गए हैं। आपत्तियों के निस्तारण के बाद जिलों से 585 केंद्र बढ़ा दिए गए हैं। यही नहीं ऑफलाइन माध्यम से सर्वाधिक निजी स्कूलों के केंद्र बढ़े हैं।
यूपी बोर्ड ने 30 नवंबर को जारी ऑनलाइन सूची में 7448 केंद्र बनाए थे जिनमें 910 राजकीय, 3484 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय और 3054 वित्तविहीन स्कूल शामिल थे। इन ऑनलाइन केंद्रों पर छात्रों, प्रधानाचार्यों, अभिभावकों और प्रबंधकों से आपत्तियां मांगी गई थी। सभी 75 जिलों से आठ हजार से अधिक आपत्तियां मिली थी। इनके निस्तारण के लिए बोर्ड ने जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति को अधिकृत करते हुए केंद्र बनाने की जिम्मेदारी सौंपी थी।
जिला समितियों से आपत्तियां निस्तारण के बाद केंद्रों की संख्या 8033 हो गई है जिसमें 596 राजकीय, 3453 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय और 3984 वित्तविहीन स्कूल शामिल हैं। साफ है कि सबसे अधिक राजकीय विद्यालयों के केंद्रों में कटौती की गई है। बोर्ड ने 910 राजकीय विद्यालयों को केंद्र बनाया था जबकि जिलों ने 314 स्कूलों का केंद्र खत्म करते हुए वित्तविहीन स्कूलों को सेंटर बना दिया है। 31 एडेड कॉलेजों के केंद्र भी काट दिए गए हैं।
बोर्ड सचिव भगवती सिंह की ओर से बुधवार देर रात जारी सूचना के मुताबिक ऑनलाइन माध्यम से प्रस्तावित परीक्षा केन्द्रों (विद्यालय छात्र आवंटन सहित) की सूची जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जनपदीय केन्द्र निर्धारण समिति के अनुमोदन के बाद वेबसाइट upmsp.edu.in पर अपलोड कर दी गई है। इन परीक्षा केन्द्रों (विद्यालय छात्र आवंटन सहित) के संबंध में यदि कोई आपत्ति या शिकायत हो तो छात्र, अविभावक, प्रधानाचार्य या प्रबंधक साक्ष्यों के साथ संबंधित विद्यालय की आईडी से अपना ऑनलाइन प्रत्यावेदन पोर्टल upmsp.edu.in पर 22 दिसंबर तक भेज सकते हैं। परीक्षा केंद्रों की अंतिम सूची 30 दिसंबर तक अपलोड की जाएगी।
पिछले साल से कम हो गए 107 परीक्षा केंद्र
पिछले साल की तुलना में परीक्षा केंद्रों की संख्या में 107 की कमी आई है। 2025 की परीक्षा के लिए यूपी बोर्ड ने ऑनलाइन 7657 केंद्र तय किए थे। आपत्तियों के निस्तारण के बाद 8140 स्कूलों को केंद्र बनाना पड़ा था। 2026 की परीक्षा के लिए बोर्ड ने 7446 केंद्र बनाए थे जो बढ़कर 8033 हो गए हैं। 2024 में ऑनलाइन 7864 केंद्र बने थे जो आपत्तियां निस्तारण के बाद 8265 हो गए थे। पिछले लगभग एक दशक से यूपी बोर्ड ऑनलाइन माध्यम से केंद्र निर्धारित करते हुए सूची जारी करता है।














