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Tuesday, December 16, 2025

सरकारी स्कूलों के निर्माण समय पर पूरे नहीं हुए तो कार्रवाई तय, जिलों में हो रहे निर्माण कार्यों की होगी सख्त मॉनीटरिंग

सरकारी स्कूलों के निर्माण समय पर पूरे नहीं हुए तो कार्रवाई तय, जिलों में हो रहे निर्माण कार्यों की होगी सख्त मॉनीटरिंग


लखनऊ। सरकारी स्कूलों के निर्माण कार्य समय पर पूरे न हुए तो लापरवाही बरतने वाली कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सीएम मॉडल कंपोजिट स्कूल, परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में चल रहे निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही न की जाए। सोमवार को अपर मुख्य सचिव, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने यह निर्देश दिए।

 मुख्यमंत्री कंपोजिट स्कूलों के निर्माण में लापरवाही हो रही है। इस पर अपर मुख्य सचिव ने बैठक कर यह निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अगर बजट समय पर मिल रहा है तो कार्य भी समय पर पूरा करना चाहिए। अगर बजट खर्च न हुआ और निर्माण आधा-अधूरा रहा तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, अब सभी जिलों में हो रहे निर्माण कार्यों की मॉनीटरिंग की जाएगी। सभी जिलों के शिक्षाधिकारियों को निगरानी करने के निर्देश् दिए।



मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट स्कूल के निर्माण में हो रही लापरवाही पर सरकार सख्त, बजट आवंटन के बावजूद कई जिलों में नहीं शुरु हुआ स्कूलों का निर्माण कार्य

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट कहे जाने वाले 'मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट स्कूल' को लेकर हो रही लापरवाही पर शासन ने सख्त नाराजगी जताई है। आलम यह है कि लापरवाही और शिथिलता के बारे में विभिन्न जिलों से वहां के डीएम एवं बीएसए से रिपोर्ट मांग ली गई है।


दरअसल, प्रदेश के कई जिलों में मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट स्कूल का निर्माण कार्य या तो बहुत ही धीमी गति से हो रहा है या फिर ठप पड़ा है। यह स्थिति तब है जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में ही सभी जिलों को प्रस्ताव के अनुसार बजट का भी आवंटन किया जा चुका है। इसके बावजूद निर्माण एजेंसियों ने स्कूलों के भवनों का साल भर बाद भी निर्माण कार्य शुरू ही नहीं किया है। इनमें कई जिले ऐसे भी हैं, जहां निर्माण कार्य इस साल के अंत तक पूरा हो जाना था।

निम्न आय वर्ग के बच्चों को मुफ्त शिक्षा दिलाने के उद्देश्य से पिछले वर्ष सरकार ने प्रत्येक जिले में 'मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट स्कूल' स्थापित करने का प्रोजेक्ट शुरू किया था। पहले चरण में 27 जिलों का चयन किया गया और स्कूल भवन आदि के लिए प्रत्येक जिले को स्कूल की स्थापना के लिए 25 करोड़ रुपये आवंटित भी कर दिए गए। लेकिन निर्माण एजेन्सियों ने योजना में पलीता लगा दिया है।


तीन मंजिला भवन में होंगी छात्रों के लिए कई सुविधाएं

विद्यालय का भवन तीन मंजिला होगा। सभी कक्षाओं के साथ अलग से मीड डे मील हॉल होगा। शैक्षिक एवं गैरशैक्षिक गतिविधियों के लिए मल्टीपरपज हॉल होगा। इसके अलावा विद्यालय परिसर में एक अलग से दो मंजिला भवन होगा, जिसमें प्रधानाचार्य और उप प्रधानाचार्य का आवास होगा जबकि एक अन्य दो मंजिला भवन स्टाफ क्वाटर के रूप में होगा। इसके अतिरिक्त बाल वाटिका, खेल के मैदान, गार्ड रूम आदि भी होंगे।



यहां चल रहा कम्पोजिट स्कूलों का निर्माण कार्य

मैनपुरी, फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद, शाहजहांपुर, अम्बेकरनगर, औरैय्या, बलिया, हमीरपुर, कानपुर देहात, सुलतानपुर, चित्रकूट, अमेठी, अमरोहा, बिजनौर, बुलंदशहर, हरदोई महाराजगंज, रायबरेली सीतापुर, लखीमपुर खीरी, जालौन, ललितपुर, श्रावस्ती, बागपत, इटावा, हापुड़ तथा कुशीनगर।





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