प्रदेश के 600 सरकारी माध्यमिक स्कूलों में हाईटेक ड्रीम लैब बनाने की तैयारी, विद्यार्थियों को मिलेगा एआई, रोबोटिक्स, थ्रीडी प्रिंटिंग का प्रशिक्षण
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने टाटा नेल्को के साथ किया अनुबंध
लखनऊ। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को नई तकनीकों से जोड़ने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग और समग्र शिक्षा ने नेल्को लिमिटेड (टाटा इंटरप्राइज) व अन्य औद्योगिक समूहों के साथ समझौता किया है। इसके तहत प्रदेश के 600 राजकीय माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में आधुनिक ड्रीम लैब स्थापित की जाएंगी।
एमओयू माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में शनिवार को बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की मौजूदगी में हुआ। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी और नेल्को के प्रतिनिधियों ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि यह योजना प्रदेश के सभी जिलों में लागू होगी। इसमें 150 हब और 450 स्पोक विद्यालय शामिल किए गए हैं। पहले चरण में 18 हब और 54 स्पोक विद्यालयों में ड्रीम लैब बनाई जाएंगी। दूसरे चरण में 36 हब और 108 स्पोक विद्यालय तथा तीसरे चरण में 96 हब और 288 स्पोक विद्यालयों को जोड़ा जाएगा।
इन ड्रीम लैब में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, 3डी प्रिंटिंग, ड्रोन तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहन जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और स्किल इंडिया मिशन के अनुरूप तैयार की गई है। इसका उद्देश्य छात्रों में तकनीकी ज्ञान, नवाचार और रोजगार से जुड़े कौशल विकसित करना है।
परियोजना के तहत पांच साल तक उद्योग समूह आधुनिक मशीनें, सॉफ्टवेयर और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराएंगे। साथ ही विशेषज्ञ विद्यार्थियों और शिक्षकों को प्रशिक्षण भी देंगे। कार्यक्रम में अपर शिक्षा निदेशक व्यावसायिक शिक्षा सुरेन्द्र कुमार तिवारी तथा अपर राज्य परियोजना निदेशक विष्णुकांत पांडेय आदि उपस्थित थे।
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