अब प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू होगी श्रमिक विद्या योजना, सीएम योगी ने दिए निर्देश, अब तक 20 जिलों में लागू थी
योजना के तहत 8 से 18 साल आयु वर्ग के कामकाजी बच्चों को भेजा जाएगा विद्यालय
लखनऊ। प्रदेश में श्रमिक परिवार के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए श्रम विभाग संचालित बाल श्रमिक विद्या योजना को अब प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू करने का फैसला किया है। योजना के तहत 8 से 18 वर्ष की आयु तक के कामकाजी बच्चों को विद्यालय से जोड़ा जाएगा। वहीं, सेवा मित्र योजना को और प्रभावी बनाते हुए बड़े और औद्योगिक शहरों में श्रमिक सुविधा केंद्रों का विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को श्रम एवं सेवायोजन विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान दिए। उन्होंने रोजगार मिशन को वैश्विक अवसरों से जोड़ने पर जोर देते हुए कहा कि कोई भी श्रमिक परिवार का बच्चा आर्थिक मजबूरी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने निर्देश दिए कि बाल श्रम प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर बच्चों को विद्यालयों से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र के सहयोग से इन बच्चों के कौशल विकास की कार्ययोजना तैयार करें।
वर्ष 2020 में शुरु बाल श्रमिक विद्या योजना के तहत 8 से 18 वर्ष के कामकाजी बच्चों को विद्यालयों में प्रवेश के साथ आर्थिक सहायता दी जा रही है। वर्तमान में योजना 20 जिलों में संचालित है। मुख्यमंत्री ने इसे नए प्रावधानों के साथ प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने 'सेवामित्र व्यवस्था' को रोजगार और जनसुविधा का अभिनव मॉडल बताते हुए कहा कि तकनीक आधारित ऐसी व्यवस्थाएं युवाओं और कुशल कामगारों के लिए नए अवसर तैयार करती हैं।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2021 से संचालित इस व्यवस्था के तहत नागरिक मोबाइल ऐप, वेब पोर्टल अथवा कॉल सेंटर के माध्यम से घरेलू सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। वर्तमान में पोर्टल पर 1097 सेवा प्रदाता, 5049 सेवामित्र और 54,747 कुशल कामगार पंजीकृत हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों के अनुकूल वातावरण और श्रमिक हितों के बीच संतुलन बनाना सरकार की नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
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