स्थानांतरण पर सरकार व विभाग की चुप्पी से बेसिक शिक्षकों में नाराजगी, शिक्षक संगठनों का आरोप जनगणना का हवाला देकर टाले जा रहे तबादले
लखनऊ : परिषदीय शिक्षकों ने एक बार फिर जनपदीय और अंतरजनपदीय तबादलों की मांग तेज कर दी है। वर्षों से दूरस्थ जिलों और ब्लाकों में तैनात शिक्षक अब सरकार और बेसिक शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि लगातार दूर-दराज क्षेत्रों में सेवा देने के बावजूद उन्हें घर के नजदीक तैनाती का मौका नहीं मिल रहा है, जिससे पारिवारिक और सामाजिक जिम्मेदारियां प्रभावित हो रही हैं।
शिक्षक संगठनों का आरोप है कि विभाग अधिकारियों के तबादले की तैयारी तो कर रहा है, लेकिन परिषदीय शिक्षकों के ट्रांसफर को लेकर चुप्पी साधे हुए है। अब जनगणना कार्य का हवाला देकर तबादलों को टालने की बात कही जा रही है, जिससे शिक्षकों में भारी नाराजगी है।
नगर क्षेत्र के विद्यालयों में सीधी भर्ती के बजाय ग्रामीण क्षेत्र के दिव्यांग, गंभीर रूप से बीमार शिक्षक व महिला शिक्षकों को प्राथमिकता पर समायोजित करने की मांग
लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों में जिले के अंदर और एक से दूसरे जिले में तबादला प्रक्रिया न शुरू होने से नाराजगी है। शिक्षकों का कहना है दूरस्थ जिलों में कई वर्ष से सेवाएं दे रहे हैं लेकिन आकांक्षी जिलों में तैनात शिक्षकों के ट्रांसफर न होने से वह अपने पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं। शिक्षक जिले के अंदर दूरस्थ ब्लॉकों में तैनात हैं और अपने घर के पास तबादले की मांग कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय ने मांग की है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जो शिक्षक वर्षों से कार्यरत हैं उनको नगर क्षेत्र के विद्यालयों में प्राथमिकता के आधार पर स्थानांतरित करना चाहिए। 2011 के बाद नगर क्षेत्रों में कोई समायोजन नहीं हुआ है। इससे नगर क्षेत्र में शिक्षकों की काफी कमी है।
बेसिक शिक्षा परिषद के नगर क्षेत्र के विद्यालयों में 10 हजार पदों पर भर्ती की सूचना से ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक निराश हैं। उन्होंने नगर क्षेत्र के विद्यालयों में सीधी भर्ती के बजाय इन पदों पर ग्रामीण क्षेत्र के दिव्यांग, गंभीर रूप से बीमार शिक्षक व महिला शिक्षकों को प्राथमिकता पर समायोजित करने की मांग की। अन्य शिक्षकों को भी वरिष्ठता के आधार पर अवसर मिलना चाहिए। सीधी भर्ती से नियुक्त शिक्षकों को ब्लॉकों में नियुक्ति दी जाए।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि इससे एक ओर वर्षों से इंतजार कर रहे शिक्षकों को राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर शैक्षणिक व्यवस्था में भी सुधार आएगा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस ग्रीष्मावकाश में ही जनपदीय और अंतरजनपदी ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी कराई जाए। शिक्षकों ने म्यूचुअल ट्रांसफर प्रक्रिया को लेकर भी विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। जब दो शिक्षक आपसी सहमति से स्थान परिवर्तन चाहते हैं और इसके लिए नियमों में प्रविधान भी मौजूद है, तब भी विभाग स्तर पर फाइलें आगे नहीं बढ़ाई जा रही हैं। इसे लेकर अधिकारियों पर हठधर्मिता का आरोप लगाया जा रहा है।
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