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Monday, January 26, 2026

यूपी के राजकीय और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों को ढाई दशक में भी नहीं मिले कंप्यूटर शिक्षक

यूपी के राजकीय और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों को ढाई दशक में भी नहीं मिले कंप्यूटर शिक्षक

4512 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक नहीं

2460 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में भी नहीं हुई नियुक्ति

यूपी बोर्ड ने वर्ष 2000 में शुरू कराई थी कंप्यूटर की पढ़ाई

प्रयागराज। प्रदेश के 4512 सरकारी सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों और 2460 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कंप्यूटर की पढ़ाई शुरू होने के ढाई दशक बाद भी कंप्यूटर शिक्षकों की तैनाती नहीं हो सकी है। गिने-चुने एडेड कॉलेजों में जहां निजी संसाधन से शिक्षक रखकर किसी तरह कंप्यूटर की पढ़ाई कराई जा रही है। वहीं राजकीय विद्यालयों में दूसरे विषय के शिक्षक इतने महत्वपूर्ण विषय की कक्षाएं ले रहे हैं। 22 हजार से अधिक निजी स्कूलों में स्थिति और भी बदतर है।


यूपी बोर्ड ने कंप्यूटर विषय के पाठ्यक्रम में हैकिंग, रोबोटिक्स, एआई, ड्रोन टेक्नोलॉजी, पायथन लैंग्वेंज समेत अन्य आधुनिक टॉपिक को शामिल कर रखा है। शिक्षा निदेशालय की ओर से पिछले चार-पांच साल में कई बार कंप्यूटर शिक्षकों की कमी को दूर करने के संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजा है लेकिन अब तक नियुक्ति नहीं हो सकी है। 890 राजकीय स्कूलों में जेम पोर्टल के माध्यम से आउटसोर्स पर कंप्यूटर शिक्षकों को रखने के लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 में बजट का प्रावधान भी किया गया था।

केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप 25 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय पर शिक्षकों की नियुक्ति होनी थी। एडेड माध्यमिक विद्यालयों में पूर्व से स्वीकृत विषय जो अब अप्रासंगिक हो गए हैं, उनके शिक्षकों को आवश्यक प्रशिक्षण देते हुए कंप्यूटर शिक्षण की जिम्मेदारी देने या फिर संविदा पर कम्प्यूटर शिक्षकों को रखने का सुझाव दिया गया था। एडेड कॉलेजों में एक दशक पहले आईसीटी योजना के तहत कंप्यूटर शिक्षा शुरू की गई थी।

प्रत्येक स्कूल को 10-10 कम्प्यूटर देने के साथ निजी एजेंसियों के माध्यम से आउटसोर्स पर कंप्यूटर शिक्षक 15 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय पर रखे गए थे लेकिन पांच साल बाद योजना बंद हो गई। वर्तमान में अधिकांश स्कूलों की कंप्यूटर लैब पर ताला पड़ा है। कुछ स्कूलों में प्राइवेट शिक्षक हैं जिनके मानदेय का भुगतान बच्चों से फीस किया जाता है। स्कूलों में लंबा समय दे चुके संविदा कंप्यूटर शिक्षक नियमित होने की उम्मीद पाले हैं लेकिन उनकी भी सुनवाई नहीं हो रही।


कंप्यूटर शिक्षक न होने से बच्चे भी निराश

स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षक नहीं होने से बच्चे भी निराश हैं। कक्षा नौ में बच्चे कंप्यूटर विषय ले लेते हैं लेकिन दो साल बाद ही इस विषय से मोहभंग हो जा रहा है। जबकि 12वीं के बाद बीटेक में सर्वाधिक मांग कंप्यूटर साइंस की है। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा 2026 में 61757 छात्र-छात्राओं ने कंप्यूटर विषय लिया है जबकि इंटरमीडिएट में यह संख्या एक तिहाई से भी कम 18530 है। 2024 की बोर्ड परीक्षा में भी 10वीं में 62162 परीक्षार्थी थे जबकि 12वीं में 16587 परीक्षार्थियों ने कंप्यूटर विषय लिया था। 2023 में 10वीं में 67033 जबकि 12वीं में 18783 बच्चे कंप्यूटर विषय में पंजीकृत थे।

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