यूपी बोर्ड ने इंटरमीडिएट के प्रायोगिक परीक्षा के परीक्षकों को दिए निर्देश, पहली बार तय की समयसीमा, मांगने पर उपलब्ध कराना होगा एक साल सुरक्षित रखनी होगी प्रैक्टिकल की कॉपी
प्रयागराज । 24 जनवरी से नौ फरवरी तक प्रस्तावित यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट प्रायोगिक परीक्षा की कॉपियों को एक साल तक सुरक्षित रखना होगा। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने 31 दिसंबर को सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को प्रयोगात्मक परीक्षा के संबंध में निर्देश भेजे हैं। परीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि कॉपियों को अपने पास एक साल तक संरक्षित रखें जिसे मांगने पर उपलब्ध कराना होगा। इससे पहले सुरक्षित कॉपियां रखने की कोई समयसीमा नहीं थी।
इंटरमीडिएट में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, कंप्यूटर, गृह विज्ञान आदि विषयों में अलग अलग दो प्रैक्टिकल करने होते हैं। छात्र-छात्राओं को किए गए प्रयोग की कॉपी भी लिखनी होती है।
परीक्षा की उत्तरपुस्तिका पर उपलब्ध टेबल पर, मौखिक और प्रोजेक्ट सत्र कार्य (आंतरिक व वाहा) का अलग अलग नंबर होता है। ये कॉपियां स्कूल वाले ही छपवाकर उपलब्ध कराते हैं और परीक्षक उसी पर प्रायोगिक परीक्षा लेते हैं। प्रत्येक जिले में प्रयोगात्मक परीक्षा आयोजित कराने वाले विद्यालयों के सापेक्ष रैंडम आधार पर लगभग दो प्रतिशत तक विद्यालयों का ऑडिट भी बोर्ड मुख्यालय की ओर से कराया जाएगा। शिवचरणदास कन्हैयालाल इंटर कॉलेज अतरसुइया के कंप्यूटर शिक्षक विश्वनाथ मिश्र ने बताया कि बोर्ड ने एक साल तक कॉपियां सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।
प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए एक दिन में अधिकतम दो बैच बनाए जाएंगे और प्रत्येक वैच में विद्यार्थियों की संख्या 40 से अधिक नहीं होगी। एक दिन में अधिकतम 80 विद्यार्थियों के प्राप्तांक ही ऑनलाइन अपलोड किए जाएंगे। प्रयोगात्मक परीक्षक को धमकी, लालच, बाधा या बल प्रयोग से प्रैक्टिकल प्रभावित करने या प्रयास करने वाले पर उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम 2024 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें इसमें आजीवन कारावास का प्रावधान है।
नई व्यवस्था : स्क्रूटनी तक रखते हैं लिखित परीक्षा की कॉपियां
प्रयोगात्मक प्रायोगिक परीक्षा की कॉपियां भले ही सालभर रखने के निर्देश परीक्षकों को दिए गए है लेकिन हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की उत्तरपुस्तिकाएं स्क्रूटनी तक ही सुरक्षित रखी जाती है। स्क्रूटनी का परिणाम घोषित होने के बाद लिखित परीक्षा की कॉपियां नष्ट कर दी जाती है।
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