हर परीक्षार्थी के लिए अनिवार्य विषय होगा 'जाब रोल'
व्यावसायिक कौशल विकसित करने के लिए अंकपत्र में अंकित होगा व्यावसायिक विषय का अंक, इंटरमीडिएट मानविकी, विज्ञान, वाणिज्य वर्ग में छह और कृषि वर्ग में सात विषय की होगी परीक्षा
प्रयागराज । यूपी बोर्ड के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं में व्यावसायिक कौशल विकसित करने के लिए बड़ी पहल की गई है। इसके लिए हर वर्ग यानी मानविकी, विज्ञान, वाणिज्य व कृषि वर्ग के छात्र-छात्राओं को व्यावसायिक धाराओं (ट्रेड्स) के 24 क्षेत्रों में से किसी एक जब रोल को चुनना अनिवार्य होगा। इंटरमीडिएट के अंकपत्र व प्रमाणपत्र में इसके अंक अंकित किए जाएंगे, जबकि हाईस्कूल में ग्रेड दिए जाएंगे। इस तरह परीक्षा वर्ष 2028 में हाईस्कूल में सात और इंटरमीडिएट में कृषि वर्ग में सात व अन्य वर्गों में छह विषयों में छात्र छात्राओं को परीक्षा देनी होगी। अभी हाईस्कूल में छह व इंटरमीडिएट में पांच विषयों की परीक्षा देनी होती है।
इंटरमीडिएट परीक्षा के मनविकी वर्ग, विज्ञान वर्ग, वाणिज्य वर्ग व कृषि वर्ग के छात्र-छात्राओं को अंतिम अनिवार्य विषय के रूप में जीवन कौशल (नैतिक, योग, खेल व शारीरिक शिक्षा) विषय अथवा व्यावसायिक कौशल विकास के लिए व्यावसायिक शिक्षा के किसी एक सेक्टर से एक जाब रोल में प्रशिक्षण प्राप्त किया जा सकेगा। परीक्षार्थियों का 50 अंकों का केवल एक प्रश्नपत्र होगा। इसके अतिरिक्त 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा अन्य विषयों के प्रयेगात्मक परीक्षाओं की भांति कराई जाएगी। कक्षा नौ व 11 की परीक्षा विद्यालय स्तर पर व कक्षा 10 व 12 की सार्वजनिक परीक्षा होगी।
प्रत्येक परीक्षार्थों को नैतिक, योग, खेल व शारीरिक शिक्षा विषय अथवा व्यावसानिक शिक्षा के किसी एक सेक्टर के एक जाब रोल की परीक्षा में न्यूनतम उत्तीर्णांक 33 प्रतिशत पाना अनिवार्य होगा। इंटरमीडिएट स्तर पर कक्षा 11 व 12 का पाठ्यक्रम अलग-अलग निधर्धारित है। इसके अंतर्गत ट्रेड (सेक्टर/जाब रोल्स) का निर्धारण संस्था स्तर पर किया जाएगा। संस्था द्वारा चयनित सेक्टर स्वतः मान्य मने जाएंगे। शैक्षिक सत्र 2026-2027 से कक्षा नौ व 11 में प्रवेश लिए जाएंगे
इंटरमीडिएट में यह हैं व्यवसायिक क्षेत्र एयरोस्पेस एंड एविएशन, (कृषि) एग्रीकल्चर, परिधान (अपेरल्स), आटोमोटिव, बैंकिंग फाइनेंस सर्विस एंड इंश्योरेंश (बोएफएसआइ), ब्यूटी एंड वेलनेस, कैपिटल गुइस, कांस्ट्रक्सन, डोमेस्टिक वर्कसं. इलेक्ट्रानिक्स, फूड प्रोसेसिंग, हेल्थकेयर, आइटी, लाजिस्टिक्स, मीडिया एंड इंटरटेनमेंट, फिजिकल एजुकेशन, प्लंबिंग, पावर, प्राइवेट सिक्योरिटी, श्री डी प्रिंटिंग आपरेटर (रबर), स्किल काउंसिल फार ग्रीन जाब्स, स्पोर्ट्स, टेलीकाम, टूरिज्म एंड हास्पिटैलिटो।
हाईस्कूल में इंटरमीडिएट के यह क्षेत्र नहीं होंगे एयरोस्पेस एंड एविएशन, बैंकिंग फाइनेंस सर्विस एंड इंश्योरेंश (बीएफएसआइ), कैपिटल गुड्स, कांस्ट्रक्सन, डोमेस्टिक वर्कर्स, फूड प्रोसेसिंग, रबर एवं स्पोर्ट्स। शेष क्षेत्र में पढ़ाई हो सकेगी।
2026-27 सत्र से व्यावसायिक पाठ्यक्रम होगा अनिवार्य
प्रत्येक छात्र-छात्रा को एक व्यवसायिक विषय लेना होगा
प्रयागराज। एक अप्रैल 2026 से शुरू होने जा रहे 2026-27 शैक्षणिक सत्र से यूपी बोर्ड अपने पाठ्यक्रम में बहुत बड़ा बदलाव करने जा रहा है। इस सत्र से कक्षा नौ से व्यावसायिक शिक्षा को अनिवार्य किया जा रहा है। मतलब नए सत्र में जो भी विद्यार्थी यूपी बोर्ड के स्कूल में कक्षा नौ में प्रवेश लेगा उसे व्यावसायिक शिक्षा के तहत एक विषय अनिवार्य रूप से लेना होगा। इस प्रकार 2028 में हाईस्कूल के छह की बजाय सात विषयों की बोर्ड परीक्षा होगी।
परीक्षा कराई जाएगी। कक्षा नौ में एक विषय हिंदी अथवा प्रारंभिक हिंदी, दूसरे विषय के रूप में एक आधुनिक भारतीय भाषा या अंग्रेजी या शास्त्रीय भाषा संस्कृत, पाली, अरबी या फारसी और तीसरे विषय के रूप में गणित या गृह विज्ञान (केवल बालिकाओं के लिए), चौथे विषय के रूप में विज्ञान, पांचवें विषय के रूप में सामाजिक विज्ञान लेना होगा।
छठवें विषय के रूप में एक भाषा जो पहले न ली हो या संगीत गायन/वादन, वाणिज्य, चित्रकला, कृषि, सिलाई, रंजन कला, कंप्यूटर, मानव विज्ञान, हेल्थ केयर, रिटेल ट्रेडिंग, ऑटोमोबाइल, आईटी/आईटीईएस, प्लम्बर, इलेक्ट्रीशियन, सोलर सिस्टम रिपेयर या मोबाइल रिपेयर आदि पहले से संचालित व्यावसायिक पाठ्यक्रम में से कोई एक लेना होगा।
सातवें विषय के रूप में जीवन कौशल (नैतिक, योग, खेल एवं शारीरिक शिक्षा, समाजोपयोगी, उत्पादक एवं समाज सेवा कार्य) या व्यावसायिक कौशल विकास के लिए व्यावसायिक शिक्षा के 16 में से किसी एक सेक्टर से एक जॉब रोल में प्रशिक्षण प्राप्त किया जा सकता है।
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